इटली के पुगलिया क्षेत्र में स्थित ऑल्टामुरा शहर से एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पाक विरासत का पुनरुद्धार हो रहा है। ग्रेज़िएला इंकाम्पो और टेरेसा कैग्लिया नामक दो बुजुर्ग महिलाएं, डिजिटल मंचों का उपयोग करके शहर की प्राचीन बेकिंग विधियों को पुनर्जीवित कर रही हैं। ये महिलाएं एंटिको फोर्नो सांता कैटेरिना नामक ऐतिहासिक बेकरी में पारंपरिक व्यंजन तैयार करती हैं, जिसे युवा उद्यमियों द्वारा नया जीवन दिया गया है। इस बेकरी का इतिहास 1391 से जुड़ा है, और यह सदियों से सामुदायिक रोटी पकाने का केंद्र रही है, जो कभी गेहूं पर प्राचीन करों के कारण एक आवश्यकता थी।
इंकाम्पो और कैग्लिया की ऑनलाइन उपस्थिति ने स्थानीय व्यंजनों के संरक्षण को बढ़ावा दिया है, विशेष रूप से यूरोपीय संघ संरक्षित भौगोलिक संकेत (पी.जी.आई.) 'पाने डी'ऑल्टामुरा' को, जिसे 2003 में पी.डी.ओ. का दर्जा प्राप्त हुआ था। ये दादी-नानी आकर्षक ऑनलाइन पाक कला कक्षाएं संचालित करती हैं, जिससे क्षेत्रीय खाद्य परंपराओं को एक व्यापक दर्शक वर्ग के साथ साझा किया जा रहा है। एंटिको फोर्नो सांता कैटेरिना, जो शहर के ऐतिहासिक केंद्र में स्थित है, को कोविड महामारी के दौरान बंद होने के बाद जुलाई 2023 में तीन युवा उद्यमियों द्वारा फिर से खोला गया था, जिनका उद्देश्य इसे सामाजिक आकर्षण का केंद्र बनाना था।
'पाने डी'ऑल्टामुरा' की विशिष्टता इसके मुख्य घटक, स्थानीय रूप से उगाए गए ड्यूरम गेहूं के पिसे हुए सूजी (सेमोला डि ग्रानो ड्यूरो) में निहित है, जिसे पारंपरिक पत्थर की चक्कियों में पीसा जाता है। इस रोटी के उत्पादन की प्रक्रिया में गूंधना, आकार देना, खमीर उठाना और लकड़ी या पत्थर के ओवन में पकाना शामिल है, जिसमें धीमी प्राकृतिक खमीरीकरण प्रक्रिया स्वाद विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कानूनी मानकों के अनुसार, इस रोटी का वजन 0.5 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए, और इसकी पपड़ी की मोटाई कम से कम 3 मिमी होनी चाहिए।
डिजिटल प्रसिद्धि के बावजूद, इन महिलाओं का प्राथमिक मिशन पाक विरासत को संरक्षित करने पर केंद्रित है, जो ऑल्टामुरा की ग्रामीण और किसान पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई है। 'पाने डी'ऑल्टामुरा' की लंबी शेल्फ लाइफ दूरदराज के ग्रामीण निवासियों की जरूरतों को दर्शाती है, जिन्हें सप्ताह भर चलने वाली रोटी की आवश्यकता होती थी। दादी-नानी अब 'ब्रेड एक्सपीरियंस' जैसे कार्यक्रमों में भी भाग लेती हैं, जहाँ वे आगंतुकों को मध्ययुगीन परिसर के भीतर आटा तैयार करने की कला सिखाती हैं, जिसमें खमीर माँ (मदर यीस्ट) के रहस्य और स्थानीय आटे की गुणवत्ता का प्रदर्शन शामिल है।
'पाने डी'ऑल्टामुरा' को दो पारंपरिक आकृतियों में बेचा जाता है: 'अक्कावाल्लाटा' (मोड़ी हुई रोटी) और 'कैपेलो डि प्रीते' (पुजारी की टोपी), जो इस क्षेत्र की पाक कला की निरंतरता को दर्शाते हैं। यह डिजिटल मंच इन प्राचीन तकनीकों को संरक्षित करने और उन्हें एक नए, वैश्विक दर्शक वर्ग तक पहुँचाने का एक माध्यम बन गया है, जो क्षेत्रीय व्यंजनों के महत्व को रेखांकित करता है।




