वैज्ञानिक समुदाय अब पशुओं में 'सकारात्मक प्रभाव' या तीव्र आनंद की मात्रा निर्धारित करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है, जो पहले की मानव-केंद्रित धारणाओं से एक महत्वपूर्ण प्रस्थान है। यह बदलाव पशु कल्याण की अवधारणा को केवल नकारात्मक अनुभवों को कम करने से आगे ले जाकर सकारात्मक संवेदनाओं को बढ़ावा देने पर केंद्रित करता है। पशु कल्याण की वर्तमान परिभाषा के अनुसार, एक स्वस्थ पशु वह है जो अपनी इच्छित आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिसमें सकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा देना भी शामिल है, जिसके लिए पीड़ा को कम करने के साथ-साथ सकारात्मक अहसासों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
इस महत्वाकांक्षी प्रयास के तहत, जिसे अनौपचारिक रूप से 'जॉय-ओ-मीटर' कहा जाता है, विभिन्न प्रजातियों में तीव्र सुख के मापने योग्य संकेतों की पहचान करने का लक्ष्य रखा गया है। यह शोध अब डॉल्फिन तक विस्तारित हो गया है, जो पहले से ही वानरों और तोतों पर किए गए प्रारंभिक कार्यों पर आधारित है ताकि खुशी के वस्तुनिष्ठ मार्करों को स्थापित किया जा सके। डॉल्फिन, जो अपनी जटिल मस्तिष्क संरचना और सामाजिक संचार क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं, इस अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण विषय हैं, क्योंकि वे आत्म-चेतना और जटिल सामाजिक बंधन प्रदर्शित करती हैं।
विशेष रूप से, न्यूजीलैंड के केया तोते पर किए गए अध्ययनों ने पुरस्कारों, जैसे कि मूंगफली का मक्खन, से जुड़े विशिष्ट मुखर पैटर्न और व्यवहारों को सफलतापूर्वक जोड़ा है। केया तोते में 'वॉरबल कॉल' नामक चंचल ध्वनियाँ देखी गई हैं, जो अन्य तोतों में 'टैप-डांसिंग' जैसी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कर सकती हैं, जो स्पष्ट रूप से खुशी का एक संक्रामक संकेत है। इस शोध की सटीकता को और बढ़ाने के लिए, शोधकर्ता खुशी और तनाव के बीच वस्तुनिष्ठ रूप से अंतर करने हेतु जैविक नमूनों से हार्मोनल विश्लेषण का सहारा ले रहे हैं। यह हार्मोनल डेटा, व्यवहारिक अवलोकनों के साथ मिलकर, पशुओं की भावनात्मक स्थिति का एक अधिक विश्वसनीय और व्यक्तिपरकता-मुक्त माप प्रदान करता है।
डॉल्फिन के सामाजिक व्यवहार पर किए गए अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि वे मनुष्यों की तरह ही 'गॉसिप' करती हैं और एक-दूसरे के लिए विशिष्ट 'नाम' की सीटी का उपयोग करती हैं, जो उनकी उन्नत संज्ञानात्मक क्षमताओं को रेखांकित करता है। यह वैज्ञानिक पद्धति मनोविज्ञान में व्यवहार के अध्ययन के समान है, जहाँ अवलोकन योग्य व्यवहार और अनुमानित मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। इस बहु-विश्वविद्यालयीय परियोजना का अंतिम उद्देश्य पशुओं की खुशी की एक विस्तृत और सूक्ष्म समझ विकसित करना है, जो पशु कल्याण और संरक्षण रणनीतियों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है। यह प्रगति पशु मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात करती है, जहाँ भावनात्मक अनुभवों को केवल अनुमान के बजाय कठोर वैज्ञानिक मानदंडों के आधार पर मापा जा सकता है।




