अलास्का की ब्रिस्टल बे बेलुगा व्हेल में लचीली प्रजनन प्रणाली आनुवंशिक स्वास्थ्य बनाए रखती है
द्वारा संपादित: Olga Samsonova
अलास्का के ब्रिस्टल बे में रहने वाली सफेद बेलुगा व्हेल की एक छोटी, अलग-थलग आबादी में एक लचीली प्रजनन प्रणाली की पहचान की गई है, जो उनके आनुवंशिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। लगभग 2,000 व्हेल की इस आबादी पर केंद्रित यह खोज आर्कटिक समुद्री स्तनधारियों के छोटे और विलग समूहों में पनपने के तरीके की समझ को संशोधित करती है। फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी (FAU) के हार्बर ब्रांच ओशनोग्राफिक इंस्टीट्यूट, अलास्का डिपार्टमेंट ऑफ फिश एंड गेम और नॉर्थ स्लोप बरो डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट के शोधकर्ताओं ने एक विस्तृत 13-वर्षीय आनुवंशिक अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि ये मायावी व्हेल बहुपत्नी-उभयलिंगी (polygynandry) का अभ्यास करती हैं, जिसका अर्थ है कि नर और मादा दोनों कई वर्षों की अवधि में कई भागीदारों के साथ प्रजनन करते हैं। इस शोध में 623 बेलुगा व्हेल के आनुवंशिक नमूनों का विश्लेषण किया गया, जिससे यह स्थापित हुआ कि प्रजनन सफलता कुछ ही व्यक्तियों पर केंद्रित नहीं है, बल्कि आबादी में मध्यम रूप से वितरित है। यह 'साथी बदलने' की रणनीति छोटे, अलग-थलग समूहों में अंतर्निहित अंतःप्रजनन (inbreeding) के जोखिम को सीमित करने में सहायक होती है, जो अन्यथा आनुवंशिक बहाव (genetic drift) के कारण विविधता खो सकते हैं।
इस लचीले तंत्र के परिणामस्वरूप कई अर्ध-भाई-बहन पैदा होते हैं और पूर्ण-भाई-बहन कम होते हैं, जो आनुवंशिक विविधता को बनाए रखने में योगदान देता है। शोधकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि व्हेल का लंबा जीवनकाल इस प्रजनन दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है, क्योंकि बेलुगा व्हेल औसतन 30 से 50 वर्ष तक जीवित रह सकती हैं, कुछ तो 80 वर्ष तक भी पहुँच सकती हैं। नर, जो मादाओं से काफी बड़े होते हैं, एक ही प्रजनन मौसम में तीव्र प्रतिस्पर्धा करने के बजाय अपने प्रजनन प्रयासों को कई वर्षों में फैलाते हैं। मादाओं के लिए, साथी बदलने की यह रणनीति प्रजनन जोखिमों का प्रबंधन करने में मदद करती है, जिससे वे कम गुणवत्ता वाले या निकट संबंधी नर के साथ जोड़ी बनाने से बच सकती हैं।
वरिष्ठ लेखक ग्रेग ओ'कोरी-क्रोव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मादा की पसंद नर-नर प्रतिस्पर्धा की लड़ाइयों जितनी ही प्रभावशाली हो सकती है। यह खोज संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाती है कि व्यवहारिक अनुकूलन कैसे आनुवंशिक गिरावट को रोक सकता है। ब्रिस्टल बे की आबादी, जो अन्य बेलुगा समूहों से बहुत कम मिश्रण दिखाती है, में अपेक्षित की तुलना में अंतःप्रजनन का स्तर कम और आनुवंशिक विविधता अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है, जो इस लचीले प्रजनन तंत्र का प्रत्यक्ष परिणाम है।
ओ'कोरी-क्रोव ने इस खोज को प्रकृति के लचीलेपन का प्रमाण बताया, जो छोटे समूहों को बचाने के लिए काम कर रहे लोगों के लिए आशा प्रदान करता है, भले ही वे आनुवंशिक क्षरण के खतरों का सामना करते हों। इस शोध की सफलता में ब्रिस्टल बे के स्वदेशी समुदायों की भागीदारी अमूल्य रही है, जिन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान को स्थानीय ज्ञान के साथ एकीकृत किया। यह अध्ययन, जो 'फ्रंटियर्स इन मरीन साइंस' जर्नल में प्रकाशित हुआ, इस बात पर जोर देता है कि छोटे या अलग-थलग समुद्री स्तनधारी आबादी के लिए प्रजनन प्रणालियों को समझना दीर्घकालिक उत्तरजीविता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है।
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स्रोतों
offnews.bg
Oceanographic Magazine
EurekAlert!
ResearchGate
Popular Science
Discover Magazine
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