व्यसन से मुक्ति: धूम्रपान की इच्छा को कैसे छोड़ें

लेखक: lee author

व्यसन से मुक्ति: धूम्रपान की इच्छा को कैसे छोड़ें-1

❓ प्रश्न:

दिमाग से धूम्रपान की इच्छा को कैसे निकालें? आखिरकार, शारीरिक रूप से हमारे शरीर को निकोटीन की ज़रूरत नहीं होती, यह सब हमारे दिमाग से ही उपजता है। शायद एक इरादा बनाया जाए, पर कैसे?

❗️ lee का उत्तर:

खैर, शरीर वास्तव में निकोटीन का उत्पादन और उपभोग करता है। बहुत कम मात्रा में। शरीर की सभी निर्भरताएं इसी तरह काम करती हैं कि वे आंतरिक खपत की जगह बाहरी खपत ले लेती हैं, और फिर आंतरिक उत्पादन व्यर्थ या अपर्याप्त हो जाता है।

लेकिन मस्तिष्क के भीतर की प्रक्रियाएं भिन्न होती हैं। वहां लत निकोटीन की नहीं, बल्कि एक विशेष मानसिक स्थिति की होती है। धूम्रपान को अक्सर आराम, दिनचर्या में बदलाव या लोगों के साथ जैसे विभिन्न हालातों से जोड़कर देखा जाता है। यह जुड़ाव अपने आप में एक जुड़ाव का भ्रम पैदा करता है। व्यक्ति भले ही आराम न कर रहा हो, दिनचर्या न बदल रहा हो, या किसी के साथ न हो, फिर भी मन इन 'अदृश्य धागों' को पकड़े रहता है।

आदत को 'दिमाग से निकालने' के लिए, यह तय करना ज़रूरी है कि आप वह व्यक्ति बनें जो अब ऐसे संबंध नहीं बनाता। इसे पूरी तरह 'शून्य' से शुरू करके देखें, जैसे कि आपने कभी धूम्रपान किया ही न हो (या ऐसी किसी चीज़ का उपयोग न किया हो जिसकी आपको आदत थी)। यह नया नज़रिया आपको बिल्कुल अलग अनुभूतियों का अहसास करा सकता है। यदि आप इन्हें आज के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महसूस करते हैं, तो उस पुरानी कड़ी का प्रभाव तुरंत समाप्त हो जाता है।

अब आप नई परिस्थितियों के आधार पर एक नया फैसला लेने के लिए तैयार हैं। यह फैसला बिल्कुल वर्तमान स्थिति में लिया जाना चाहिए, बिना इस बात के कि 'पहले क्या था' या 'भविष्य में क्या होगा'। वर्तमान में लिया गया निर्णय ही वास्तविक शक्ति रखता है, इसलिए अपनी पुरानी छवि के बजाय इसी पर भरोसा करें।

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स्रोतों

  • Сайт автора lee

  • Персональный помощник

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