पूर्वी एशिया में होमो इरेक्टस की उपस्थिति पर पुनर्विचार: समयरेखा 1.7 मिलियन वर्ष पीछे खिसकी
द्वारा संपादित: Svetlana Velgush
18 फरवरी, 2026 को 'साइंस एडवांसेज' (Science Advances) पत्रिका में प्रकाशित नए पुरामानवविज्ञानी आंकड़ों ने पूर्वी एशिया में शुरुआती होमिनिन की उपस्थिति की समयरेखा को मौलिक रूप से बदल दिया है। चीन के युनक्सियान (Yunxian) में पाए गए होमो इरेक्टस (Homo erectus) के जीवाश्म अवशेषों पर केंद्रित इस शोध ने उनकी आयु लगभग 1.7 मिलियन वर्ष पहले निर्धारित की है। यह नई डेटिंग पहले से स्वीकृत कालानुक्रमिक सीमा को 6,00,000 वर्ष पीछे धकेल देती है, क्योंकि इस क्षेत्र के सबसे पुराने जीवाश्मों का पिछला अनुमान लगभग 1.1 मिलियन वर्ष था।
यह महत्वपूर्ण खोज अफ्रीका से यूरेशियाई क्षेत्रों में होमो इरेक्टस के तेजी से प्रसार की परिकल्पना को और अधिक मजबूती प्रदान करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई एट मानवा (University of Hawaii at Manoa) के नृविज्ञान विभाग के प्रोफेसर क्रिस्टोफर जे. बे (Christopher J. Bae), जो इस अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक हैं, ने कहा कि ये नए परिणाम पूर्वी एशिया में इन होमिनिन के आगमन की एक "काफी विश्वसनीय डेटिंग पुनर्निर्माण" करने की अनुमति देते हैं। इस शोध की एक प्रमुख पद्धतिगत उपलब्धि 'कॉस्मोजेनिक न्यूक्लाइड डेटिंग' (cosmogenic nuclide dating) का अनुप्रयोग था।
इस तकनीक के तहत जीवाश्मों के साथ मौजूद तलछटी परतों से निकाले गए क्वार्ट्ज खनिजों में एल्युमीनियम-26 (Al-26) और बेरिलियम-10 (Be-10) आइसोटोप के अनुपात का सटीक मापन किया गया। कॉस्मोजेनिक न्यूक्लाइड डेटिंग की यह उन्नत विधि उस समय का सटीक निर्धारण करती है जब कोई सामग्री दफन हुई थी और ब्रह्मांडीय विकिरण से सुरक्षित हो गई थी। शांतौ विश्वविद्यालय (Shantou University) के समुद्री विज्ञान संस्थान और नानजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी (Nanjing Normal University) के कॉलेज ऑफ जियोग्राफिकल साइंसेज से जुड़े प्रमुख लेखक हुआ तू (Hua Tu) ने स्पष्ट किया कि ये आइसोटोप ब्रह्मांडीय किरणों के प्रभाव में बनते हैं।
दफन होने के बाद इन आइसोटोप्स का रेडियोधर्मी क्षय वैज्ञानिकों को आयु की गणना करने में मदद करता है। यह दृष्टिकोण उन वस्तुओं की डेटिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो रेडियोकार्बन विश्लेषण की 50,000 वर्षों की सीमा से कहीं अधिक पुरानी हैं। संशोधित कालक्रम युनक्सियान की खोजों को एशिया में होमो इरेक्टस के सबसे पुराने ज्ञात अवशेषों की श्रेणी में रखता है, जैसे कि जॉर्जिया के दमानिसी (Dmanisi) में पाए गए अवशेष, जिनकी आयु 1.78 से 1.85 मिलियन वर्ष के बीच आंकी गई है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तुलना इस सिद्धांत की पुष्टि करती है कि यह प्रजाति पूरे एशिया में बहुत तेजी से फैली थी। प्रोफेसर बे ने इस बात पर जोर दिया कि ये परिणाम अफ्रीका से होमिनिन के बाहर निकलने और उसके बाद एशिया में उनके बसने के समय के बारे में स्थापित धारणाओं को चुनौती देते हैं। चीन के नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन और अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन द्वारा समर्थित यह शोध पुरातत्व में तकनीकी सुधारों के महत्व को दर्शाता है।
इस शोध के मुख्य निष्कर्षों को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- युनक्सियान जीवाश्मों की आयु अब 1.7 मिलियन वर्ष निर्धारित की गई है, जो पूर्व अनुमानों से कहीं अधिक पुरानी है।
- यह खोज एशिया में मानव पूर्वजों के आगमन की समयरेखा को 6 लाख साल और पीछे ले जाती है।
- कॉस्मोजेनिक न्यूक्लाइड डेटिंग तकनीक ने इस कालक्रम को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अंततः, युनक्सियान से प्राप्त ये निष्कर्ष मानव विकास की शुरुआती पहेली का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। वे हमारे पूर्वजों के अफ्रीकी महाद्वीप से बाहर पहले और संभवतः अधिक सफल विस्तार की ओर संकेत करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक स्वीकार करते हैं कि इस क्षेत्र में होमो इरेक्टस की उपस्थिति की सटीक शुरुआत और अंत की गुत्थी अभी भी पूरी तरह नहीं सुलझी है, लेकिन यह खोज पुरामानवविज्ञानी अनुसंधान के लिए नए और रोमांचक रास्ते खोलती है।
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स्रोतों
20 minutos
University of Hawaiʻi System News
Discover Magazine
Live Science
University of Michigan
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