Doolysaurus huhmini
क्रिटेशियस काल का नन्हा 'डूली': दक्षिण कोरिया में मिला डायनासोर के बच्चे का एक अत्यंत दुर्लभ और अनूठा कंकाल
लेखक: Svetlana Velhush
मार्च 2026 में, जीवाश्म विज्ञान की दुनिया में एक रोमांचक अध्याय तब जुड़ा जब शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने डायनासोर की एक बिल्कुल नई प्रजाति, 'डूलीसौरस हुहमिनी' (Doolysaurus huhmini) के आधिकारिक विवरण की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण शोध में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस एट ऑस्टिन और कोरियन डायनासोर रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया है। यह खोज दक्षिण कोरिया के लिए विशेष रूप से गौरवपूर्ण है क्योंकि पिछले 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देश की सीमाओं के भीतर पाया गया यह पहला नया डायनासोर है। इसके अलावा, यह पहला ऐसा कोरियाई डायनासोर भी बन गया है जिसके खोपड़ी के नैदानिक हिस्से पूरी तरह सुरक्षित मिले हैं, जो वैज्ञानिकों को इसकी प्रजाति की सटीक पहचान करने में मदद करते हैं।
खोजे गए जीवाश्म के विश्लेषण से पता चलता है कि यह डायनासोर का एक बच्चा था, जिसकी आयु मृत्यु के समय लगभग दो वर्ष से कम रही होगी। आकार के मामले में, यह नन्हा जीव आज के समय की एक तुर्की (turkey) के बराबर था, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1 मीटर मापी गई है। यह प्राचीन प्राणी आज से लगभग 113 से 94 मिलियन वर्ष पहले, मध्य क्रिटेशियस काल के दौरान जीवित था। इसके अवशेष वर्तमान दक्षिण कोरिया के अप्हे द्वीप पर स्थित इल्सोंगसन फॉर्मेशन (Ilsongsan Formation) की परतों में दबे हुए पाए गए थे। इस नाजुक कंकाल को बिना किसी क्षति के कठोर चट्टानी सांचे से बाहर निकालने के लिए, वैज्ञानिकों ने उन्नत 'माइक्रो-सीटी' (micro-CT) स्कैनिंग तकनीक का उपयोग किया, जिससे इसकी आंतरिक संरचना का डिजिटल मॉडल तैयार करना संभव हो सका।
इस नन्हे डायनासोर की जैविक विशेषताओं की बात करें तो इसके पेट के हिस्से में 'गैस्ट्रोलिथ' या पेट के पत्थर पाए गए हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह एक शाकाहारी जीव था, जो सख्त वनस्पतियों को पीसने और पचाने के लिए इन पत्थरों को निगलता था। पैलियोन्टोलॉजिस्ट्स का अनुमान है कि कई अन्य छोटे ऑर्निथिशियन डायनासोरों की तरह, इसके शरीर पर भी एक कोमल और रोएँदार (fluffy) आवरण रहा होगा जो इसे सुरक्षा प्रदान करता था। शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि यह बच्चा वयस्क होने तक जीवित रहता, तो इसका आकार अपने बचपन की तुलना में कम से कम दोगुना बड़ा हो जाता।
इस डायनासोर का नामकरण दक्षिण कोरिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विज्ञान के प्रति समर्पण का एक अनूठा संगम है। इसके वंश का नाम 'डूलीसौरस' (Doolysaurus) 1983 के बेहद लोकप्रिय कोरियाई एनिमेटेड कार्टून 'डूली द लिटिल डायनासोर' को समर्पित है। यह हरा-भरा शरारती डायनासोर कोरिया में हर उम्र के लोगों के बीच एक सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है। वहीं, इसकी प्रजाति का नाम 'हुहमिनी' (huhmini) प्रोफेसर मिन हह (Min Huh) के सम्मान में रखा गया है। प्रोफेसर हह कोरियन डायनासोर रिसर्च सेंटर के संस्थापक हैं और उन्होंने दशकों तक दक्षिण कोरिया के जीवाश्म स्थलों को सहेजने और उनके अध्ययन में अपना अतुलनीय योगदान दिया है।
कुल मिलाकर, इस नन्हे डायनासोर की खोज को दक्षिण कोरियाई जीवाश्म विज्ञान के इतिहास में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण और हृदयस्पर्शी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। यह न केवल प्राचीन काल के जीवों के विकासक्रम पर नई रोशनी डालता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक की मदद से हम करोड़ों साल पुराने रहस्यों को सुलझा सकते हैं। इस खोज ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप की ओर आकर्षित किया है, जो भविष्य में और भी कई रोमांचक खुलासों की उम्मीद जगाता है।
स्रोतों
Sci.News — Подробный отчет об открытии и филогенетическом анализе вида.
UT Austin News — Официальный пресс-релиз от команды исследователей из Техаса



