कुत्तों में मालिक की आवाज़ की पहचान की पुष्टि: शोध से नए निष्कर्ष

द्वारा संपादित: Olga Samsonova

नवीनतम शोध इस बात की पुष्टि करता है कि पालतू कुत्ते मनुष्यों की आवाज़ों को पहचानने की क्षमता रखते हैं। बुडापेस्ट स्थित ईओटीवीएस लोरांड विश्वविद्यालय (ELTE) के शोधकर्ताओं ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे यह पता चलता है कि कुत्ते मानव और अन्य कुत्तों के स्वरों को अपने मस्तिष्क में विशिष्ट तरीकों से संसाधित करते हैं। यह खोज कुत्तों और उनके मानव साथियों के बीच गहरे संचार बंधन को रेखांकित करती है।

अध्ययनों में गैर-आक्रामक ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम) तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे यह पता चला कि कुत्तों का मस्तिष्क मानव भाषण सुनने की तुलना में कुत्ते के भौंकने पर अलग प्रतिक्रिया देता है। शोधकर्ताओं ने सकारात्मक या तटस्थ स्वर-मात्रा वाले मानव और कुत्ते के स्वरों को सतर्क कुत्तों को सुनाया, जबकि उनके मस्तिष्क की गतिविधि को रिकॉर्ड किया गया। इस विभेदीकरण प्रभाव का पता ध्वनि शुरू होने के केवल 250 मिलीसेकंड बाद ही चल जाता है, जो दर्शाता है कि तंत्रिका प्रसंस्करण बहुत तेज़ी से अलग होता है।

शोध के अनुसार, कुत्ते अपने प्राथमिक देखभालकर्ता की आवाज़ सुनने पर बेहतर पहचान प्रदर्शन दिखाते हैं। इस बढ़ी हुई क्षमता का श्रेय उस विशिष्ट व्यक्ति के साथ होने वाली उच्च आवृत्ति वाली मौखिक बातचीत को दिया जाता है, जिससे मस्तिष्क में एक मजबूत न्यूरल पैटर्न बनता है। यह निष्कर्ष इस बात पर प्रकाश डालता है कि कुत्ते केवल शब्दों के अर्थ को ही नहीं, बल्कि ध्वनि की भावनात्मक गुणवत्ता और परिचितता को भी समझते हैं, क्योंकि वे टोन और भावनाओं को शब्दों की तुलना में अधिक विश्वसनीय मानते हैं।

ईएलटीई के व्यवहार विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं, जैसे कि अन्ना बालिनट और हुबा एलोएड, ने इन निष्कर्षों को रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है। यह शोध कुत्तों की बुद्धिमत्ता और मानव संबंध की जटिलताओं को समझने में एक कदम आगे है। यह भी देखा गया है कि जब मालिक तनाव में होते हैं, तो कुत्तों में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो उनके भावनात्मक दर्पणण की क्षमता को दर्शाता है।

हालांकि कुत्ते मानव शब्दों के अर्थ को सीमित रूप से समझते हैं, वे आवाज़ के भावनात्मक पहलू को गहराई से महसूस करते हैं; उदाहरण के लिए, एक सकारात्मक शब्द को गुस्से वाले स्वर में बोलने पर कुत्ता भ्रमित हो सकता है। यह दर्शाता है कि कुत्तों के लिए, आवाज़ का भाव ही सत्य होता है, और वे बिना एक भी शब्द सुने मालिक की खुशी या उदासी को समझ सकते हैं। यह मौलिक समझ पालतू जानवरों के साथ संचार की सीमाओं और संभावनाओं को स्पष्ट करती है।

तकनीकी प्रगति भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, जहाँ मशीन लर्निंग और ईईजी का उपयोग करके कुत्तों के विचारों को आवाज़ देने वाले उपकरण विकसित किए जा रहे हैं, जो उनके मस्तिष्क तरंग पैटर्न की व्याख्या करते हैं। दक्षिण कोरियाई स्टार्टअप पेटल्स लैब ने भी 2017 से 10,000 से अधिक कुत्तों की आवाज़ों के नमूने एकत्र करके भौंकने की स्थिति को समझने के लिए एक एआई सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जिसकी कीमत भारतीय रुपये में लगभग ₹7000 है। ये सभी प्रयास कुत्तों और मनुष्यों के बीच की खाई को पाटने और उनके आंतरिक अनुभवों की बेहतर समझ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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स्रोतों

  • El Universal

  • 88.9 Noticias

  • Grupo Marmor

  • KCH FM

  • PubMed

  • TUN

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