लंदन में 28 मार्च से शुरू होगी 'स्कियापारेली: फैशन बिकम्स आर्ट' प्रदर्शनी: कला और परिधान का अनूठा संगम

द्वारा संपादित: Katerina S.

Evening coat, designed by Elsa Schiaparelli and Jean Cocteau, 1937, London, England

लंदन स्थित प्रतिष्ठित विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम (V&A) आगामी 28 मार्च से 1 नवंबर 2026 तक 'Schiaparelli: Fashion Becomes Art' (स्कियापारेली: फैशन बिकम्स आर्ट) शीर्षक से एक भव्य और व्यापक प्रदर्शनी आयोजित करने जा रहा है। यह प्रदर्शनी यूनाइटेड किंगडम में एल्सा स्कियापारेली के जीवन और उनके कार्यों को समर्पित पहली बड़ी पूर्वव्यापी प्रदर्शनी होगी। इस प्रदर्शनी का मुख्य केंद्र बिंदु दो विश्व युद्धों के बीच का वह समय है, जब स्कियापारेली ने अपने रचनात्मक कौशल से फैशन की दुनिया को नई दिशा दी थी। यह प्रदर्शनी 1920 के दशक के उनके शुरुआती कार्यों से लेकर वर्तमान समय तक के सफर को दर्शाती है, जिसमें इस ऐतिहासिक फैशन हाउस के आधुनिक पुनरुद्धार की कहानी को भी बखूबी पिरोया गया है।

एल्सा स्कियापारेली को युद्ध काल के दौरान यूरोपीय फैशन जगत की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता था। उनकी तुलना अक्सर उनकी समकालीन और मुख्य प्रतिद्वंद्वी कोको चैनल से की जाती थी, लेकिन स्कियापारेली का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग था। उनके लिए पहनावा केवल शरीर को ढंकने का साधन नहीं, बल्कि एक जटिल और कलात्मक संरचना थी। दादावाद और अतियथार्थवाद (सूरियलिज्म) जैसे क्रांतिकारी कला आंदोलनों के साथ उनके गहरे जुड़ाव ने उनके डिजाइनों को एक अनूठी पहचान दी। कोको चैनल ने एक बार उन्हें 'कपड़े बनाने वाली वह इतालवी कलाकार' कहकर संबोधित किया था, जो उनके कलात्मक झुकाव को दर्शाता है। स्कियापारेली निरंतर इस खोज में लगी रहती थीं कि कैसे अतियथार्थवादियों द्वारा प्रतिपादित 'अवचेतन की भाषा' कपड़ों के पारंपरिक स्वरूप को बदल सकती है।

इस प्रदर्शनी में दर्शकों को 200 से अधिक दुर्लभ कलाकृतियां देखने को मिलेंगी, जिनमें मूर्तियां, ऐतिहासिक तस्वीरें, ललित कला के नमूने और अतियथार्थवादी 'हाउट कॉउचर' (उच्च फैशन) शामिल हैं। प्रदर्शनी में साल्वाडोर डाली और मैन रे जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ स्कियापारेली के रचनात्मक सहयोग को विशेष महत्व दिया गया है। उनके सबसे चर्चित कार्यों में 1938 में डाली के साथ मिलकर बनाई गई 'स्केलेटन ड्रेस' (कंकाल जैसी पोशाक) और 1937-1938 की प्रसिद्ध 'शू हैट' (जूते के आकार की टोपी) शामिल हैं। ये कृतियाँ उस दौर की सामाजिक और मानसिक अनिश्चितताओं को मानवीय शरीर पर कला के माध्यम से व्यक्त करती थीं। इसके अतिरिक्त, जीन कोक्ट्यू के साथ उनके सहयोग से बना 1937 का वह शाम का कोट भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें दो चेहरों की आकृतियों के मेल से एक सुंदर फूलदान बनता दिखाई देता है। उनके इत्रों में भी यही कलात्मकता झलकती थी, जैसे 1936 में लॉन्च किया गया 'शॉकिंग!' (Shocking!) परफ्यूम, जिसकी बोतल अभिनेत्री मे वेस्ट के शरीर की बनावट से प्रेरित होकर बनाई गई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के समय में जब यूरोपीय समाज ने कलात्मक व्यंग्य के स्थान पर स्थिरता और सादगी को अपनाना शुरू किया, तब 1954 में स्कियापारेली के फैशन हाउस ने अपना संचालन बंद कर दिया। इसके बाद एल्सा ने अपना समय अपनी आत्मकथा लिखने में व्यतीत किया। वर्तमान में, अमेरिकी डिजाइनर डैनियल रोज़बेरी इस फैशन हाउस के कलात्मक निर्देशक के रूप में इसकी कमान संभाल रहे हैं, जिन्होंने अप्रैल 2019 में यह पद संभाला था। थॉम ब्राउन जैसे प्रसिद्ध ब्रांड के साथ काम कर चुके रोज़बेरी इस प्रदर्शनी को स्कियापारेली की मूल शैली के एक जीवंत विस्तार के रूप में देखते हैं। उनका उद्देश्य संस्थापक की अतियथार्थवादी विरासत को आधुनिक युग की जरूरतों के साथ जोड़ना है। रोज़बेरी का मानना है कि कपड़ों का उपयोग एक वैचारिक माध्यम के रूप में किया जाना चाहिए, जो बदलती हुई वास्तविकताओं के साथ फैशन के गहरे संबंध को उजागर कर सके।

13 दृश्य

स्रोतों

  • iefimerida.gr

  • maxwell museums

  • A&E Magazine

  • VEIN Magazine

  • Schiaparelli: Fashion Becomes Art - Exhibition at V&A South Kensington

  • Luxury London

क्या आपने कोई गलती या अशुद्धि पाई?हम जल्द ही आपकी टिप्पणियों पर विचार करेंगे।