शनिवार, 3 जनवरी 2026 को, बोलिवेरियन गणराज्य वेनेजुएला की सरकार ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर देश की संप्रभुता के विरुद्ध एक गंभीर सैन्य आक्रामकता का आरोप लगाया। वेनेजुएला के अधिकारियों ने बताया कि कथित सैन्य हमलों ने राजधानी कराकस के साथ-साथ मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों के नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। स्थानीय समयानुसार लगभग 02:00 बजे सुबह, कराकस में कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाज़ें और कम से कम सात शक्तिशाली विस्फोटों की गूंज सुनाई दी, जिसके बाद शहर के दक्षिणी हिस्से में एक सैन्य अड्डे के पास बिजली गुल हो गई।
इस घटनाक्रम के जवाब में, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने तत्काल देशव्यापी 'बाहरी उथल-पुथल की स्थिति' (State of External Commotion) घोषित कर दी और सशस्त्र संघर्ष के लिए लामबंदी का आदेश दिया। वेनेजुएला सरकार ने इस कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 का घोर उल्लंघन बताया, यह आरोप लगाते हुए कि इसका उद्देश्य देश के रणनीतिक तेल और खनिज संसाधनों पर कब्ज़ा करना और उसकी राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक समाप्त करना है। यह कथित हमला 'ऑपरेशन सदर्न स्पीयर' का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसके तहत अमेरिकी सैन्य जमावड़ा अगस्त 2025 से कैरेबियाई क्षेत्र में बढ़ रहा था, जिसका आधिकारिक उद्देश्य नशीले पदार्थों के प्रवाह को रोकना था।
अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को पुष्टि की कि वेनेजुएला क्षेत्र के भीतर हमले किए जा रहे हैं, हालांकि उन्होंने विवरण देने से इनकार कर दिया, और पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की। इस बीच, अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने सुरक्षा जोखिमों के कारण वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने वाला एक चेतावनी नोटिस जारी किया। इस तनावपूर्ण माहौल में, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस घटनाक्रम पर तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त की, उन्होंने OAS और संयुक्त राष्ट्र की तत्काल बैठकें बुलाने का आह्वान किया।
यह घटनाक्रम पूर्ववर्ती कार्रवाइयों की एक श्रृंखला का चरम बिंदु है, जिसमें सितंबर 2025 में कथित तौर पर वेनेजुएला के जहाजों पर अमेरिकी हवाई हमले और दिसंबर 2025 के अंत में एक डॉकिंग सुविधा पर सीआईए भूमि हमले की खबरें शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले 29 दिसंबर को ड्रग तस्करी से जुड़े एक डॉकिंग क्षेत्र पर हमले की पुष्टि की थी। वेनेजुएला के भीतर, राष्ट्रपति मादुरो ने अपनी सेना (FANB) और समर्थक मिलिशिया को युद्धकालीन व्यवस्था में सक्रिय होने का निर्देश दिया, और उन्होंने इसे 'साम्राज्यवादी कायराना हरकत' बताया।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क से निपटने के व्यापक अभियान से जोड़ा है, जबकि मादुरो का आरोप है कि असली मकसद तेल भंडारों पर नियंत्रण करना है। अमेरिकी सीनेटर ब्रायन शाट्ज ने इस सैन्य अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका का वेनेजुएला में कोई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित नहीं है जो युद्ध को उचित ठहराए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में, 2 जनवरी 2026 को, मादुरो ने अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा व्यक्त की थी, बशर्ते कि अमेरिका वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करे। हालांकि, शनिवार की सुबह के सैन्य हमलों ने कूटनीतिक समाधान की किसी भी संभावना को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस बीच, रूस और चीन ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है, रूस ने इसे 'काउबॉय बर्ताव' कहा और चेतावनी दी कि वह अपने मित्र देश को अकेला नहीं छोड़ेगा।




