क्रोनोन्यूट्रिशन: सुबह के भोजन के समय पर बढ़ता वैज्ञानिक ध्यान
द्वारा संपादित: Olga Samsonova
आधुनिक पोषण विज्ञान अब रात के भोजन को एकमात्र महत्वपूर्ण भोजन मानने की पारंपरिक धारणा से हटकर, नाश्ते के समय को चयापचय स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में स्थापित कर रहा है। यह बदलाव क्रोनोन्यूट्रिशन के सिद्धांतों पर आधारित है, जो शरीर की आंतरिक घड़ी के साथ भोजन के सेवन को संरेखित करने पर जोर देता है। विशेषज्ञ अब 12:12 उपवास प्रोटोकॉल को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका अर्थ है कि भोजन का पहला सेवन शरीर को कार्बोहाइड्रेट के उपयोग के बजाय वसा जलाने की दिशा में अधिक अनुकूल बनाने के लिए सर्कैडियन लय के साथ मेल खाना चाहिए। यह दृष्टिकोण मानव शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा चक्रों का सम्मान करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य लाभ होता है।
शोध से पता चलता है कि सुबह 9:00 बजे से पहले नाश्ता करने की आदत को टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने से जोड़ा गया है। बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला है कि जो लोग सुबह 9 बजे के बाद अपना पहला भोजन करते हैं, उनमें टाइप 2 मधुमेह विकसित होने का खतरा उन लोगों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक होता है जो सुबह 8 बजे से पहले खाते हैं। यह डेटा 1 लाख से अधिक लोगों के रक्त शर्करा स्तर की निगरानी के बाद निकाला गया था, हालांकि भारतीय आबादी पर इसकी सटीकता के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। इसके विपरीत, सुबह जल्दी नाश्ता करने से इंसुलिन प्रतिरोध कम होता है, भले ही कोई व्यक्ति इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रहा हो या नहीं, जैसा कि एंडो 2021 में प्रस्तुत एक शोध में पाया गया था।
डॉ. वी. मोहन के अनुसार, सुबह 4 बजे के आसपास रक्त शर्करा अपने न्यूनतम स्तर पर होता है और फिर बढ़ना शुरू हो जाता है, जिसमें कॉर्टिसोल हार्मोन सुबह 4 बजे से 9 बजे के बीच अपने उच्चतम स्तर पर होता है, जो ग्लूकोज उत्पादन को संकेत देता है। यदि इस अवधि के दौरान नाश्ता किया जाता है, तो इंसुलिन प्रतिरोध वाले व्यक्तियों में रक्त शर्करा बढ़ सकता है लेकिन ऊर्जा में परिवर्तित नहीं हो पाता। पश्चिमी आहार में प्रचलित परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट से भरपूर नाश्ते, विशेष रूप से महिलाओं में स्वस्थ उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि वे अवांछनीय इंसुलिन स्पाइक्स को प्रेरित करते हैं।
भविष्य के आहार रुझान साधारण कार्बोहाइड्रेट के बजाय प्रोटीन और फाइबर से भरपूर नमकीन नाश्ते की ओर झुक रहे हैं। यह प्रवृत्ति ब्लू ज़ोन में रहने वाले दीर्घायु लोगों के प्राकृतिक और सरल आहार पैटर्न को दर्शाती है। न्यूट्रिशनिस्ट शालिनी सुधाकर द्वारा सुझाई गई एक रेसिपी में प्रोटीन और फाइबर का संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है, जिसमें चिया सीड्स, हाई प्रोटीन ग्रीक योगर्ट, ओट्स, किशमिश और मौसमी फलों का उपयोग किया जाता है, जिसे रात भर फ्रिज में रखा जा सकता है। इस तरह के भोजन से लगभग 15 ग्राम प्रोटीन और 10 ग्राम फाइबर प्राप्त होता है, जो दिन भर ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है।
प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनकी कमी से थकान, बालों का झड़ना और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ओट्स, सेब और नाशपाती जैसे खाद्य पदार्थ फाइबर के उत्कृष्ट स्रोत हैं, जो पेट को साफ रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इस प्रकार, क्रोनोन्यूट्रिशन के तहत नाश्ते के समय को अनुकूलित करना और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का चयन करना, विशेष रूप से महिलाओं में स्वस्थ उम्र बढ़ने और मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए एक सक्रिय कदम है। यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण भोजन के 'क्या' के साथ-साथ 'कब' पर भी समान महत्व देता है।
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स्रोतों
El Confidencial
Cuerpomente
PA Media
Diario AS
Arenas Multimedia
elEconomista.es
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