कैलिफ़ोर्निया के सिएरा नेशनल फ़ॉरेस्ट में 24 अगस्त, 2025 को लगी गार्नेट फायर अब तक 56,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैल चुकी है और 10 सितंबर, 2025 तक केवल 14% ही नियंत्रित की जा सकी है। इस आग से निपटने के लिए 2,200 से अधिक अग्निशामक जुटे हुए हैं। यह आग विशेष रूप से मैकिन्ले ग्रोव के विशालकाय सिकोइया पेड़ों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जिनके संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग की शुरुआती लहर से ये विशाल वृक्ष सुरक्षित रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि आग से निकलने वाली गर्मी उनके बीज निकलने में सहायक हो सकती है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि, हाल के वर्षों में तीव्र और विनाशकारी आग ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे अनुमानित रूप से 13 से 19% विशालकाय सिकोइया आबादी का नुकसान हुआ है। मैकिन्ले ग्रोव, जो लगभग 200 विशालकाय सिकोइया पेड़ों का घर है, विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यहां पिछले लगभग 100 वर्षों में आग नहीं लगी है।
आग के बढ़ते खतरे के कारण, कई क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की गई है। अग्निशमन रणनीतियों में नियंत्रण रेखाओं को मजबूत करना और मौसम की स्थिति के आधार पर रणनीतिक आग लगाने की तैयारी शामिल है। अग्निशामकों ने पेड़ों के चारों ओर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए हैं और आग को भड़काने वाली सूखी पत्तियों और टहनियों को हटाया है।
हालिया सूखे ने आसपास के क्षेत्र में मृत पेड़ों और अत्यधिक ज्वलनशील वनस्पति को बढ़ा दिया है, जो आग को बढ़ावा दे रहा है। अग्निशामकों ने पेड़ों के आधार से सूखी वनस्पति को हटाने के लिए हाथ से और मशीनों का उपयोग किया है। आग से निपटने के प्रयासों में स्मोकजंपर्स को भी शामिल किया गया है, जो पेड़ों पर चढ़कर आग की लपटों को बुझाने में माहिर होते हैं। इन विशालकाय पेड़ों के बीच आग बुझाना एक खतरनाक काम है, क्योंकि कुछ पेड़ 2,000 से 3,000 साल पुराने हैं और उनमें से चीजें गिर सकती हैं।
आग के कारण कई क्षेत्रों में निकासी के आदेश जारी किए गए हैं, जो निवासियों के लिए तत्काल खतरे का संकेत देते हैं। मौसम की अनुकूलता आग पर नियंत्रण पाने में मदद कर रही है, लेकिन हवा के बदलते रुख और शुष्क मौसम के कारण आग के और फैलने की आशंका बनी हुई है। आग के कारण वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में धुएं का असर देखा जा रहा है।



