3 मार्च, 2026 को मोल्दोवा गणराज्य द्वारा यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने के लिए आधिकारिक आवेदन जमा करने की चौथी वर्षगांठ मनाई गई। राष्ट्रपति मैया सांडू ने 3 मार्च, 2022 को इस ऐतिहासिक प्रक्रिया की शुरुआत की थी। यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण क्षेत्रीय तनाव के बावजूद, मोल्दोवा ने यूरोपीय एकीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। फरवरी 2024 से यूरोपीय एकीकरण के लिए उप प्रधानमंत्री का पद संभाल रहीं क्रिस्टीना घेरासिमोव ने जोर देकर कहा कि सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों का समर्थन मोल्दोवा को एक गंभीर और सुधारों के प्रति प्रतिबद्ध भागीदार के रूप में स्थापित करता है।
एकीकरण की यह यात्रा अत्यंत तीव्र रही है। जून 2022 में देश को उम्मीदवार का दर्जा मिला और दिसंबर 2023 तक औपचारिक सदस्यता वार्ता शुरू हो गई। 2025 के अंत तक, यूरोपीय कानूनों की पूरी स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिससे तकनीकी परामर्श का मार्ग प्रशस्त हुआ। मार्च 2026 की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार, 'मौलिक मूल्य', 'आंतरिक बाजार' और 'बाहरी संबंध' जैसे पहले तीन समूहों (क्लास्टर्स) पर तकनीकी बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। उप प्रधानमंत्री घेरासिमोव ने संकेत दिया है कि शेष तीन समूहों पर चर्चा आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे 2028 की शुरुआत तक वार्ता पूरी करने का यूरोपीय आयोग का लक्ष्य और करीब आ गया है।
यूरोपीय संघ की ओर इस झुकाव के ठोस लाभ अब आम नागरिकों और व्यवसायों को मिलने लगे हैं। 1 जनवरी, 2026 से मोल्दोवा 'रोमिंग लाइक होम' (Roaming like home) क्षेत्र में शामिल हो गया है, जिससे यूरोपीय संघ के भीतर मोबाइल संचार की अतिरिक्त लागत समाप्त हो गई है। इसके अतिरिक्त, 6 अक्टूबर, 2025 से देश एकल यूरो भुगतान क्षेत्र (SEPA) का परिचालन हिस्सा बन गया है। इसके परिणामस्वरूप सीमा पार यूरो हस्तांतरण सस्ते और तेज़ हो गए हैं। 2024 में, 830,000 लेनदेन के माध्यम से कुल 11.8 बिलियन यूरो का हस्तांतरण हुआ। मोल्दोवा के नेशनल बैंक का अनुमान है कि इस एकीकरण से लेनदेन की लागत कम होने के कारण मोल्दोवन निर्यातकों को सालाना लगभग 20 मिलियन यूरो की बचत होगी।
हालांकि, यह एकीकरण प्रक्रिया गंभीर बाहरी चुनौतियों के बीच आगे बढ़ रही है। 2022 से 2025 के बीच 'गाज़प्रोम' (Gazprom) द्वारा गैस आपूर्ति में कटौती के कारण देश को ऊर्जा संकट और लगभग 35% तक की मुद्रास्फीति का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, रोमानिया, फ्रांस और जर्मनी की पहल पर 5 अप्रैल, 2022 को बर्लिन में 'मोल्दोवा सपोर्ट प्लेटफॉर्म' का गठन किया गया। अमेरिका द्वारा समर्थित इस मंच का उद्देश्य राजनीतिक, तकनीकी और वित्तीय सहायता जुटाना है। एमईपी सिगफ्राइड मुरेसन द्वारा उल्लिखित 1.9 बिलियन यूरो की निवेश योजना भी इसी सहायता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यूरोपीय संघ की राह में हंगरी के रुख जैसी राजनीतिक बाधाएं अभी भी बनी हुई हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल 2026 में हंगरी में होने वाले चुनावों के परिणाम यूक्रेन के संबंध में 'पैकेज अप्रोच' से जुड़े अगले राजनीतिक चरण को सुगम बना सकते हैं। त्वरित एकीकरण के बीच, सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को लेकर समाज में विभिन्न परिदृश्यों पर चर्चा हो रही है। क्रिस्टीना घेरासिमोव द्वारा समन्वित राजनयिक प्रयासों के तहत, यूरोपीय संघ की राजधानियों में मोल्दोवा के राजदूतों से सुधारों के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी साझा करने का आह्वान किया गया है ताकि आवश्यक समर्थन बना रहे।
मोल्दोवा का भविष्य अब पूरी तरह से यूरोपीय मानकों को अपनाने और अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने पर टिका है। यह चार साल का सफर न केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह देश की भू-राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है। जैसे-जैसे देश 2028 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राष्ट्र पर टिकी हैं।



