विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय में 'श्यापारेली: फैशन बिकम्स आर्ट' की भव्य प्रदर्शनी: अतियथार्थवाद और कूट्योर का अनूठा संगम

द्वारा संपादित: Katerina S.

लंदन का प्रतिष्ठित विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय (V&A) इतालवी डिजाइनर एल्सा श्यापारेली की विरासत को समर्पित एक विशाल प्रदर्शनी 'श्यापारेली: फैशन बिकम्स आर्ट' का आयोजन कर रहा है। यह प्रदर्शनी 8 नवंबर 2026 तक चलेगी, जिसमें 1920 के दशक से लेकर वर्तमान समय तक के उनके करियर की एक विस्तृत झलक पेश की गई है। इस संग्रह में 400 से अधिक वस्तुएं शामिल हैं, जिनमें उनके द्वारा तैयार किए गए परिधान, कलाकृतियां और ऐतिहासिक अभिलेखीय सामग्री शामिल हैं। प्रदर्शनी की क्यूरेटर रोज़ालिंड मैककीवर के अनुसार, यह ब्रिटेन में श्यापारेली को समर्पित पहली बड़ी प्रदर्शनी है, जो युद्ध के बीच के दौर में कला और फैशन के मिलन को खूबसूरती से दर्शाती है।

एल्सा श्यापारेली ने बिना किसी औपचारिक सिलाई प्रशिक्षण के 1920 के दशक के पेरिस में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने बुने हुए कपड़ों (निटवियर) में अतियथार्थवाद (सर्रियलिज्म) का समावेश करके सुंदरता के पारंपरिक पैमानों को चुनौती दी। उनका काम साल्वाडोर डाली जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ उनके घनिष्ठ सहयोग पर आधारित था, जिसे कला और फैशन के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक माना जाता है। श्यापारेली का मानना था कि उनके लिए कपड़ों की डिजाइनिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि एक कला है। इसी दृष्टिकोण के कारण उन्होंने प्रतीकात्मक वस्तुओं और अवांत-गार्डे अवधारणाओं को कूट्योर के उत्कृष्ट नमूनों में बदल दिया।

इस प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षणों में 1938 का प्रसिद्ध 'स्केलेटन' (कंकाल) ड्रेस शामिल है, जिसे डाली के सहयोग से मानव शरीर की शारीरिक रचना को दर्शाने के लिए बनाया गया था। इसके अलावा, डाली के चित्रण वाली 'लॉबस्टर ड्रेस' भी प्रदर्शित की गई है, जिसे 1937 में सेसिल बीटन के फोटो शूट के लिए विंडसर की डचेस वालिस सिम्पसन ने पहना था। प्रदर्शनी में फ्रांसीसी कलाकार जीन कोक्ट्यू के साथ मिलकर तैयार किया गया रेशमी गुलाबों वाला इवनिंग कोट भी आकर्षण का केंद्र है। यह आयोजन हाउस ऑफ श्यापारेली के आधुनिक विजन को भी सम्मान देता है, जिसमें 2019 से कलात्मक निर्देशक के रूप में कार्यरत डैनियल रोज़बेरी के हालिया डिजाइनों को शामिल किया गया है।

क्यूरेटरों ने इस दौरान कोको चैनल के साथ श्यापारेली की ऐतिहासिक प्रतिस्पर्धा का भी उल्लेख किया है। जहां चैनल सादगी और सुगमता की पक्षधर थीं, वहीं श्यापारेली ने हमेशा अवांत-गार्डे और चौंकाने वाले प्रयोगों को प्राथमिकता दी। V&A संग्रहालय, जिसके पास श्यापारेली के कार्यों का दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह है, उन्हें एक प्रभावशाली महिला उद्यमी के रूप में स्थापित करता है। डैनियल रोज़बेरी, जो पहले थॉम ब्राउन के साथ काम कर चुके हैं, ने संस्थापक की अतियथार्थवादी विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़कर ब्रांड को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उनके डिजाइनों को दुआ लीपा और मार्गोट रोबी जैसी वैश्विक हस्तियों ने भी सराहा है।

पूरी प्रदर्शनी को चार विषयगत अध्यायों में विभाजित किया गया है, जिसमें 'क्रिएटिव कॉन्स्टेलेशन' और 'बियॉन्ड पेरिस' जैसे खंड शामिल हैं। 'बियॉन्ड पेरिस' खंड में 1933 में लंदन के मेफेयर में उनके सैलून के उद्घाटन पर विशेष प्रकाश डाला गया है। श्यापारेली का दृष्टिकोण आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है, जो रैंप को एक जीवंत गैलरी में बदल देता है। अल्बर्टो जियाकोमेटी के साथ बनाई गई बटनों से लेकर एरियाना ग्रांडे के लिए तैयार किए गए परिधानों तक, उनकी रचनाएं आज भी फैशन जगत में उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली बनी हुई हैं।

5 दृश्य

स्रोतों

  • infobae

  • A&E Magazine

  • PA Media

  • Victoria and Albert Museum

  • Culturalee

  • Visit London

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