एस्टेरॉयड रयुगु के नमूनों में मिले डीएनए और आरएनए के सभी आवश्यक घटक: जीवन की उत्पत्ति पर वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा
द्वारा संपादित: Katia Cherviakova
सोमवार, 16 मार्च 2026 को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर एस्ट्रोनॉमी' में प्रकाशित एक शोध पत्र ने खगोल विज्ञान और जीव विज्ञान के क्षेत्र में नई बहस छेड़ दी है। इस अध्ययन के अनुसार, एस्टेरॉयड रयुगु से पृथ्वी पर लाए गए नमूनों में डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) के आधार बनाने वाले सभी पांचों प्रमुख न्यूक्लिओबेस पाए गए हैं। यह खोज इस वैज्ञानिक परिकल्पना को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करती है कि पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी रासायनिक घटक अंतरिक्ष से आए पिंडों के माध्यम से पहुंचे होंगे।
इस महत्वपूर्ण विश्लेषण का नेतृत्व जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) और जापान एजेंसी फॉर मरीन-अर्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (JAMSTEC) के शोधकर्ता तोशिकी कोगा ने किया। उनकी टीम ने रयुगु के दो अलग-अलग नमूनों में एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन और यूरेसिल की मौजूदगी की पुष्टि की है। एस्ट्रोकेमिस्ट्री के इतिहास में यह एक मील का पत्थर है, क्योंकि पहली बार किसी बाह्य अंतरिक्षीय पदार्थ में, जो पृथ्वी के वातावरण से पूरी तरह अछूता था, आनुवंशिक कोड के ये पांचों मौलिक तत्व एक साथ पाए गए हैं।
ये दुर्लभ नमूने JAXA के महत्वाकांक्षी 'हायाबुसा-2' मिशन के माध्यम से प्राप्त हुए थे। इस अंतरिक्ष यान ने दिसंबर 2020 में एस्टेरॉयड रयुगु से लगभग 5.4 ग्राम सामग्री सफलतापूर्वक पृथ्वी पर पहुंचाई थी। शोधकर्ताओं ने इन नमूनों की जांच अत्यंत सुरक्षित और स्वच्छ प्रयोगशालाओं (क्लीन रूम) में की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनमें पृथ्वी के किसी भी जैविक तत्व का मिश्रण न हो। इस कड़े प्रोटोकॉल के कारण ही वैज्ञानिक यह विश्वास के साथ कह पा रहे हैं कि ये न्यूक्लिओबेस वास्तव में अंतरिक्षीय मूल के हैं।
अध्ययन के दौरान रयुगु से प्राप्त आंकड़ों की तुलना नासा के ओसिरिस-रेक्स (OSIRIS-REx) मिशन द्वारा लाए गए एस्टेरॉयड बेन्नू के नमूनों और मर्चिसन तथा ऑर्गिल जैसे प्रसिद्ध उल्कापिंडों से की गई। वैज्ञानिकों ने पाया कि विभिन्न अंतरिक्षीय पिंडों में प्यूरीन (एडेनिन और गुआनिन) और पाइरीमिडीन (साइटोसिन, थाइमिन और यूरेसिल) की सांद्रता में उल्लेखनीय भिन्नता है। रयुगु के नमूनों में इन दोनों का संतुलन लगभग बराबर देखा गया, जबकि इसके विपरीत बेन्नू और ऑर्गिल में पाइरीमिडीन की अधिकता पाई गई थी और मर्चिसन उल्कापिंड में प्यूरीन की मात्रा अधिक थी।
शोध दल ने इन रासायनिक विषमताओं का संबंध नमूनों में मौजूद अमोनिया (NH3) के स्तर से जोड़ा है। माना जा रहा है कि प्रारंभिक सौर मंडल के दौरान अमोनिया की उपस्थिति ने न्यूक्लिओबेस के निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित किया होगा। तोशिकी कोगा के अनुसार, यह संबंध प्रोटोप्लेनेटरी डिस्क के भीतर न्यूक्लिओबेस संश्लेषण के एक ऐसे तंत्र की ओर इशारा करता है जिसे पहले पहचाना नहीं गया था। डीएनए के घटक थाइमिन और आरएनए के घटक यूरेसिल की एक साथ मौजूदगी यह दर्शाती है कि एस्टेरॉयड दोनों आनुवंशिक प्रणालियों के निर्माण खंडों की आपूर्ति करने में सक्षम थे।
अंत में, शोधकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया है कि इन बुनियादी तत्वों की खोज का अर्थ यह नहीं है कि रयुगु पर कभी जीवन का अस्तित्व था। जीवन की उत्पत्ति यानी एबायोजेनेसिस के लिए इन रसायनों को और अधिक जटिल चरणों और रासायनिक प्रतिक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। हालांकि, रयुगु और बेन्नू से मिले ये निष्कर्ष स्वतंत्र रूप से इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि कार्बन युक्त एस्टेरॉयड ब्रह्मांड में आनुवंशिक कच्चे माल के प्रमुख स्रोत हो सकते हैं। यह खोज हमें यह समझने के करीब ले जाती है कि कैसे प्राचीन पृथ्वी पर एस्टेरॉयड के टकराने से जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक बीज बोए गए होंगे।
Toshiki Koga et al. A complete set of canonical nucleobases in the carbonaceous asteroid (162173) Ryugu, Nature Astronomy (2026) DOI: 10.1038/s41550-026-02791-z
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Toshiki Koga et al. A complete set of canonical nucleobases in the carbonaceous asteroid (162173) Ryugu, Nature Astronomy (2026) DOI: 10.1038/s41550-026-02791-z
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