उत्तरी अमेरिका में डॉक्यूमेंट्री 'मिस्टर नोबडी वर्सेस पुतिन' का प्रदर्शन शुरू: रूसी स्कूलों में सैन्यीकरण की एक झलक

द्वारा संपादित: An goldy

21 जनवरी, 2026 को उत्तरी अमेरिका के सिनेमाघरों में 'मिस्टर नोबडी वर्सेस पुतिन' (Mister Nobody vs. Putin) नामक एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन शुरू हुआ। यह फिल्म रूसी संघ के भीतर शैक्षणिक संस्थानों के बढ़ते सैन्यीकरण के गंभीर विषय पर आधारित है। डेविड बोरेनस्टीन द्वारा निर्देशित और पावेल तालनकिन द्वारा सह-निर्देशित इस फिल्म ने 2025 के सनडांस फिल्म फेस्टिवल में 'वर्ल्ड सिनेमा डॉक्यूमेंट्री' श्रेणी में 'स्पेशल जूरी प्राइज' जीतकर पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली थी। वितरण कंपनी 'किनो लोर्बर' (Kino Lorber) ने इसके अधिकार खरीदे हैं और चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज के साथ-साथ 22 जनवरी से इसे अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म 'किनो फिल्म कलेक्शन' पर भी उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

यह डॉक्यूमेंट्री डेनमार्क की 'मेड इन कोपेनहेगन' और चेक गणराज्य की 'पिंक प्रोडक्शंस' का एक संयुक्त प्रयास है। इसकी गुणवत्ता और प्रासंगिकता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि इसे 2026 के ऑस्कर पुरस्कारों के लिए 'सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र फीचर' (Best Documentary Feature) श्रेणी की शॉर्टलिस्ट में शामिल किया गया है। फिल्म की मुख्य धुरी सह-निर्देशक पावेल तालनकिन का काम है, जो पहले एक स्कूल शिक्षक थे और जून 2024 में रूस छोड़कर चले गए थे। तालनकिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण आक्रमण के बाद चेल्याबिंस्क क्षेत्र के काराबाश शहर स्थित स्कूल नंबर 1 में चल रही सरकारी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया को गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया था।

स्कूल में एक शिक्षक-आयोजक और वीडियोग्राफर के रूप में कार्यरत रहते हुए, तालनकिन ने अपनी आंखों से देखा कि कैसे एक शैक्षणिक संस्थान, जो कभी आत्म-अभिव्यक्ति का केंद्र था, धीरे-धीरे सरकारी विचारधारा और सैन्यीकरण के मंच में बदल गया। दो वर्षों तक उन्होंने बड़ी चतुराई से इस बदलाव के सबूत जुटाए। वे रूसी शिक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने के लिए कम गुणवत्ता वाली कॉपियां तैयार करते थे, जबकि फिल्म के लिए उच्च गुणवत्ता वाले ऑडियो और वीडियो फुटेज को एक अलग हार्ड ड्राइव में सुरक्षित रखते थे। तालनकिन के अनुसार, उनके द्वारा शूट किए गए फुटेज का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया गया था, जिसे उन्होंने फिल्म के माध्यम से दुनिया के सामने रखा है।

डेविड बोरेनस्टीन, जिनकी तालनकिन से मुलाकात इंटरनेट के माध्यम से हुई थी, ने इस परियोजना के पटकथा लेखन, संपादन और पोस्ट-प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म के निर्माण में निर्माता हेले फैबर और सह-निर्माता राडोवन सिबर्त और अल्जबेटा कारास्कोवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे 'नॉर्डिक फिल्म एंड टीवी फंड' का भी सहयोग प्राप्त हुआ। किनो लोर्बर की वितरण प्रमुख लिसा श्वार्ट्ज ने गलत सूचनाओं के इस दौर में फिल्म के महत्व पर जोर देते हुए एक "भयानक दुश्मन" के सामने तालनकिन के साहस की सराहना की। सनडांस की जूरी ने भी रूसी स्कूलों में प्रोपेगेंडा की जड़ों को उजागर करने और यह दिखाने के लिए फिल्म की प्रशंसा की कि कैसे दुष्प्रचार के जरिए लोगों को नियंत्रित किया जा सकता है।

हालांकि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है, लेकिन 'द ए.वी. क्लब' जैसे कुछ आलोचकों ने केवल एक स्कूल पर ध्यान केंद्रित करने के कारण इसके सीमित दायरे की ओर इशारा किया है। फिल्म के फिल्मांकन के समय लगभग 33-34 वर्ष के रहे तालनकिन ने इसे अपने देश और वहां के लोगों के प्रति "प्यार की फिल्म" बताया है और भविष्य में काराबाश लौटने की उम्मीद जताई है। प्यूर्टो रिको और गुआम सहित अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों में इस फिल्म का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बढ़ते दबाव के बीच रूसी नागरिकों के जीवन को समझने में दुनिया की गहरी दिलचस्पी है।

30 दृश्य

स्रोतों

  • Le Monde.fr

  • Le Monde.fr

  • MR. NOBODY AGAINST PUTIN - Palm Springs International Film Festival

  • Mr Nobody Against Putin - Wikipedia

  • Mr. Nobody Against Putin - David Borenstein & Pavel Talankin | Brussels Museums

  • Awards FYC: Mr Nobody Against Putin by David Borenstein, Pavel Talankin

  • MR. NOBODY AGAINST PUTIN - Creators Faire

  • Ouest-France

  • Wikipedia

  • Bozar Brussels

  • SydneysBuzz

  • Télé 2 Semaines

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