गिनी-बिसाऊ ने चुना समुद्र: फिशमील और मछली के तेल के उत्पादन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

द्वारा संपादित: Inna Horoshkina One

Guinea Bissau: वह सबसे सुंदर देश है जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना

गिनी-बिसाऊ की संक्रमणकालीन सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए देश भर में फिशमील (मछली का चूरा) और मछली के तेल के उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आधिकारिक निर्देश संख्या 16, जो 29 जनवरी, 2026 से प्रभावी हुआ, न केवल तट पर स्थित प्रसंस्करण संयंत्रों पर लागू होता है, बल्कि समुद्र में सक्रिय तैरती हुई फैक्ट्रियों (फ्लोटिंग प्लांट्स) को भी इसके दायरे में लाया गया है।

यह कठोर कदम औद्योगिक स्तर पर होने वाली अत्यधिक मछली पकड़ने की गतिविधियों के कारण पैदा हुए खतरों को देखते हुए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि अनियंत्रित औद्योगिक मत्स्य पालन से छोटी पेलाजिक प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है, जो सीधे तौर पर देश की खाद्य सुरक्षा और तटीय समुदायों की आजीविका को प्रभावित कर रहा है।

फरवरी 2025 में रूसी संघ के साथ तकनीकी सहयोग के माध्यम से किए गए एक व्यापक स्टॉक मूल्यांकन ने इस संकट की गंभीरता को उजागर किया था। इस अध्ययन में सार्डिनेला की प्रमुख प्रजातियों (Sardinella aurita और S. maderensis) की आबादी में भारी गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों ने इन मछलियों के भंडार को 'अत्यधिक दबाव' की श्रेणी में रखा है, जो पारिस्थितिक संतुलन के लिए एक चेतावनी है।

छोटी पेलाजिक मछलियाँ समुद्री खाद्य श्रृंखला का मुख्य आधार मानी जाती हैं। ये मछलियाँ न केवल स्थानीय समुदायों के लिए प्रोटीन का प्राथमिक स्रोत हैं, बल्कि समुद्री पक्षियों और बड़े समुद्री शिकारियों के जीवन चक्र को भी सहारा देती हैं। इन मछलियों को पशु आहार के लिए औद्योगिक चूर्ण में परिवर्तित करना पूरे समुद्री ईकोसिस्टम के संतुलन को खतरे में डाल रहा था।

मत्स्य पालन और समुद्री अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई सख्त उपाय लागू किए हैं:

  • कोश सीनर (purse seiner) जहाजों के सभी सक्रिय लाइसेंसों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
  • पारंपरिक और छोटे स्तर के जहाजों के संचालन के लिए नए कड़े नियम और सीमाएं निर्धारित की गई हैं।
  • स्थानीय मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली को फिशमील उत्पादन के लिए बेचने या उपयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • पेलाजिक प्रजातियों के शिकार के लिए किसी भी नए मछली पकड़ने के परमिट को जारी करने पर रोक लगा दी गई है।

इस प्रतिबंध के तहत 'तियान यी हे 6' (Tian Yi He 6) और 'हुआ शिन 17' (Hua Xin 17) जैसे विशाल फ्लोटिंग कारखानों के संचालन को भी रोक दिया गया है। ये जहाज बिजागोस द्वीप समूह (Bijagós Archipelago) के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात थे, जो अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है और यूनेस्को (UNESCO) बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में मान्यता प्राप्त है।

मत्स्य पालन मंत्री वर्जीनिया पाइरेस कोरिया ने इस निर्णय के सामाजिक आयाम पर जोर देते हुए कहा कि पशुओं के चारे के लिए फिशमील का उत्पादन स्थानीय लोगों के भोजन की उपलब्धता के साथ सीधा टकराव पैदा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग पहले अपने नागरिकों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाना चाहिए।

लगभग 22 लाख (2.2 मिलियन) की आबादी वाले गिनी-बिसाऊ के लिए यह केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण का सवाल है। देश की एक बड़ी आबादी अपनी दैनिक प्रोटीन आवश्यकताओं के लिए समुद्र पर निर्भर है, और औद्योगिक दोहन इस बुनियादी अधिकार को चुनौती दे रहा था।

नागरिक समाज और विभिन्न सार्वजनिक संगठनों, जिनमें PLAGANEPA और 'कोअलिशन फॉर फेयर फिशरीज एग्रीमेंट्स' (CFFA) शामिल हैं, ने सरकार के इस साहसी कदम की सराहना की है। इन संगठनों का मानना है कि यह निर्णय तटीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने और समुद्री संसाधनों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

गिनी-बिसाऊ वर्तमान में एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ वह विदेशी निवेश को आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह प्रतिबंध इस बात की परीक्षा है कि क्या देश वैश्विक निर्यात बाजार के मुनाफे को प्राथमिकता देगा या अपने लोगों की खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में, यह घटनाक्रम एक उदाहरण पेश करता है कि कैसे एक छोटा राष्ट्र बड़े और साहसी पारिस्थितिक निर्णय लेकर दुनिया को दिशा दिखा सकता है। इसने 'सतत विकास' की अवधारणा को केवल कागजी नारों से निकालकर एक ठोस और व्यावहारिक नीति के रूप में धरातल पर उतारा है, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश देता है।

यहाँ समुद्र को केवल एक आर्थिक संसाधन के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह जीवन और अस्तित्व का आधार है। गिनी-बिसाऊ के इस निर्णय ने वैश्विक पटल पर संरक्षण और जीवन के पक्ष में एक नई और सकारात्मक लहर पैदा की है, जो यह दर्शाती है कि प्रकृति की देखभाल ही वास्तव में मानवता का सबसे बड़ा निवेश है।

8 दृश्य

स्रोतों

  • Mongabay

  • Mongabay

  • The Gambia Journal

  • FiskerForum

  • SeafoodSource

  • Maritime Optima

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