कास्टलेन जैव विविधता एटलस 2025: नागरिक विज्ञान के माध्यम से 2200 से अधिक प्रजातियों का दस्तावेजीकरण

द्वारा संपादित: An goldy

अल्प्स-डी-हाउट-प्रोवेंस विभाग के अंतर्गत आने वाले कास्टलेन क्षेत्र में 'कम्युनल एटलस ऑफ बायोडायवर्सिटी' (ABC) के स्वयंसेवकों ने वर्ष 2025 के दौरान जुटाए गए अपने शोध और अवलोकनों के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया है। यह पहल फ्रांस के उस व्यापक राष्ट्रीय नागरिक विज्ञान आंदोलन का एक अभिन्न अंग है, जिसका लक्ष्य वैज्ञानिक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण करना और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों के संग्रह की प्रक्रिया को गति देना है। इस परियोजना ने न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति हमारी समझ को गहरा किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि जब आम नागरिक और गैर-पेशेवर शोधकर्ता एक साथ आते हैं, तो वे वैज्ञानिक जगत में कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

इस विस्तृत अभियान के दौरान 12,000 से अधिक प्रकृतिवादी डेटा बिंदु एकत्र किए गए, जिसके परिणामस्वरूप वनस्पतियों, जीव-जंतुओं, कवक और लाइकेन की 2,296 विभिन्न प्रजातियों की एक व्यापक सूची तैयार की गई। इस डेटा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें शामिल 1,533 रिकॉर्ड क्षेत्रीय डेटाबेस के लिए पूरी तरह से नए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि पिछले पेशेवर सर्वेक्षणों में कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र छूट गए थे। शोध दल ने विशेष रूप से उन टैक्सोनोमिक समूहों पर अपना ध्यान केंद्रित किया जिनका अब तक पर्याप्त अध्ययन नहीं हुआ था, जिनमें जलीय कीट, मकड़ी प्रजातियां, जंगली मधुमक्खियां, होवरफ्लाई और विभिन्न प्रकार के लाइकेन शामिल हैं।

कास्टलेन एटलस 2025 के इन महत्वपूर्ण परिणामों की आधिकारिक प्रस्तुति शनिवार, 10 जनवरी 2026 को आयोजित की गई, जो इस तीन-वर्षीय परियोजना चक्र के समापन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस पूरी प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सफलता की कुंजी रही; स्थानीय निवासियों ने स्वयं 700 से अधिक अवलोकन साझा किए, जिनमें 191 विभिन्न प्रजातियों की पहचान की गई। इनमें से 48 प्रजातियां ऐसी थीं जिनका विवरण पहले कभी भी आधिकारिक प्रकृतिवादियों के पास उपलब्ध नहीं था। नागरिक विज्ञान की यह सफलता फ्रांस के अन्य प्रसिद्ध कार्यक्रमों की याद दिलाती है, जैसे कि तटीय पारिस्थितिकी की निगरानी के लिए बनाया गया 'बायोलिट' (BioLit) कार्यक्रम।

इस शोध का एक दिलचस्प पहलू निजी बगीचों की भूमिका रही है, विशेष रूप से वे जिन्हें उनके मालिकों ने थोड़ा 'अनियंत्रित' या प्राकृतिक छोड़ दिया था। ये स्थान जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण 'हॉटस्पॉट' साबित हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक छोटे से निजी बगीचे में ही जंगली मधुमक्खियों की 59 अलग-अलग प्रजातियां दर्ज की गईं, जो यह स्पष्ट करता है कि मानव बस्तियों के भीतर भी छोटे-छोटे स्थान परागणकों के लिए सुरक्षित आश्रय बन सकते हैं। कास्टलेन के ये निष्कर्ष 2004 से चली आ रही फ्रांस की उस राष्ट्रीय नीति को मजबूती प्रदान करते हैं, जिसका उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण को सरकारी नीतियों के हर स्तर पर प्राथमिकता देना है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो, प्रोवेंस-अल्प्स-कोटे डी'ज़ूर क्षेत्र में कशेरुकी जीवों की स्थिति मिश्रित रही है, जहाँ 45% प्रजातियों की संख्या बढ़ रही है और 41% में गिरावट देखी जा रही है। ऐसी स्थिति में, स्वयंसेवकों द्वारा जमीनी स्तर पर एकत्र किए गए ये सूक्ष्म आंकड़े स्थानीय खतरों की पहचान करने और उनके समाधान के लिए प्रभावी योजनाएं बनाने में बेहद मददगार होते हैं। अंततः, कास्टलेन का यह 2025 का एटलस इस बात का प्रमाण है कि कैसे आम लोगों की सामूहिक शक्ति और वैज्ञानिक दृष्टि मिलकर हमारी प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उसे सुरक्षित रखने में योगदान दे सकती है।

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स्रोतों

  • LaProvence.com

  • La Provence

  • La Provence

  • Tourisme Alpes de Haute Provence

  • YouTube

  • CEN Paca

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