यूनानी और सामान्य दही: पोषण, बनावट और पाक उपयोगों में अंतर
द्वारा संपादित: Olga Samsonova
यूनानी दही और सामान्य दही के बीच मुख्य अंतर उनके निर्माण की प्रक्रिया में निहित है, विशेष रूप से मट्ठा (whey) नामक तरल पदार्थ को हटाने की विधि में। सामान्य दही, जिसे भारतीय संदर्भ में अक्सर 'दही' कहा जाता है, दूध को स्वस्थ जीवाणुओं के किण्वन द्वारा जमाकर बनाया जाता है, और इसमें यह मट्ठा मौजूद रहता है, जिसके कारण इसकी बनावट अपेक्षाकृत पतली होती है। इसके विपरीत, यूनानी दही को जमाने के बाद अतिरिक्त रूप से महीन छलनी या मलमल के कपड़े से छाना जाता है, जिससे पानी और मट्ठा काफी हद तक निकल जाते हैं।
इस गहन निस्पंदन प्रक्रिया का सीधा परिणाम यूनानी दही की गाढ़ी, मलाईदार बनावट और प्रोटीन की उच्च सांद्रता के रूप में सामने आता है, जो सामान्य दही की तुलना में लगभग दोगुनी हो सकती है। उदाहरण के लिए, लगभग 170 ग्राम यूनानी दही में 15 से 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है, जबकि उतनी ही मात्रा में सामान्य दही में केवल 6 से 9 ग्राम प्रोटीन होता है। यह उच्च प्रोटीन स्तर यूनानी दही को मांसपेशियों के निर्माण और लंबे समय तक पेट भरा रखने के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर अधिक स्थिर बना रहता है।
हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ पोषक तत्वों का नुकसान भी होता है। सामान्य दही में मट्ठा बरकरार रहने के कारण, इसमें यूनानी दही की तुलना में कैल्शियम की मात्रा थोड़ी अधिक हो सकती है। इसके अतिरिक्त, छानने के दौरान दूध की प्राकृतिक शर्करा, लैक्टोज, का एक बड़ा हिस्सा निकल जाता है, जिसके परिणामस्वरूप यूनानी दही में कार्ब्स और शर्करा की मात्रा कम होती है, जो इसे निम्न-कार्ब आहार का पालन करने वालों या रक्त शर्करा नियंत्रण चाहने वालों के लिए उपयुक्त बनाती है। पोषण संबंधी इन अंतरों के बावजूद, दोनों ही प्रकार के दही आंत के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक लाभकारी प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं।
भारतीय पाक परंपरा में दही का महत्व प्राचीन काल से रहा है, जिसका उपयोग लगभग 4500 वर्षों से किया जा रहा है, और इसे अक्सर शुभ कार्यों की शुरुआत में सफलता के प्रतीक के रूप में भी परोसा जाता है। पाक कला के उपयोगों में भी इनके बीच स्पष्ट भिन्नताएँ हैं। सामान्य दही की पतली बनावट इसे हल्के नाश्ते, स्मूदी या लस्सी जैसे पेय पदार्थों के लिए आदर्श बनाती है। वहीं, यूनानी दही की सघनता इसे खट्टी क्रीम या अन्य डेयरी उत्पादों के लिए एक बहुमुखी विकल्प बनाती है, जिसका उपयोग गाढ़े, नमकीन सॉस या डिप्स के आधार के रूप में किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विचार यह है कि वे हमेशा सादे संस्करणों को प्राथमिकता दें, क्योंकि बाजार में उपलब्ध फ्लेवर्ड दही में अक्सर स्वास्थ्य लाभों को नकारने वाली महत्वपूर्ण मात्रा में अतिरिक्त शर्करा मिलाई जाती है। पोषण विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि दही कैल्शियम और प्रोटीन का एक सुपाच्य स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। आयुर्वेद के अनुसार भी, दही का सेवन मौसम और स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर सावधानी से किया जाना चाहिए, हालांकि इसे 'परिपूर्ण आहार' भी कहा गया है। संक्षेप में, चुनाव व्यक्ति के विशिष्ट आहार लक्ष्यों—चाहे वह उच्च प्रोटीन सेवन हो या बेहतर पाचन—पर निर्भर करता है।
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स्रोतों
Oslobođenje d.o.o.
Gea organic
Healthline
Prevention
Bljesak.info
Oreate AI Blog
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