चिली के वास्तुकार स्मिलजन रेडिक बने 2026 प्रित्ज़कर पुरस्कार के विजेता

द्वारा संपादित: Ek Soshnikova

चिली के प्रख्यात वास्तुकार स्मिलजन रेडिक क्लार्क को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित प्रित्ज़कर आर्किटेक्चर पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिसे वैश्विक स्तर पर वास्तुकला के क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। रेडिक इस गौरवशाली पुरस्कार को प्राप्त करने वाले दुनिया के 55वें वास्तुकार बन गए हैं। अपनी अंतरराष्ट्रीय ख्याति के बावजूद, वे आज भी अपने मूल शहर सैंटियागो में रहकर ही अपना कार्य जारी रखे हुए हैं। इसी शहर में उन्होंने 2017 में 'फंडेशन डी आर्किटेक्टुरा फ्रैगिल' (Fundación de Arquitectura Frágil) नामक संगठन की नींव रखी थी, जो वास्तुकला को केवल निर्माण के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत और सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में शोध का विषय बनाता है।

पुरस्कार प्रदान करने वाले निर्णायक मंडल ने रेडिक के काम की गहराई की सराहना करते हुए उल्लेख किया कि उनकी रचनाएं ठोस संरचनाओं की निश्चितता और क्षणभंगुर वस्तुओं की नाजुकता के बीच एक अत्यंत सूक्ष्म संतुलन स्थापित करती हैं। रेडिक का वास्तुशिल्प इस विचार को पुख्ता करता है कि वास्तुकला वास्तव में कला का एक ऐसा माध्यम है जो सीधे तौर पर मानवीय अनुभवों की गहराई से जुड़ा होता है। उनकी कृतियों में अक्सर अपूर्णता, संवेदनशीलता और मानवीय कमजोरी के तत्वों को खूबसूरती से पिरोया जाता है, जो उन्हें अन्य समकालीन वास्तुकारों से अलग बनाता है।

स्मिलजन रेडिक स्वयं अपनी वास्तुकला के पीछे के दर्शन को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि उनका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा अनुभव निर्मित करना है जो भावनात्मक रूप से लोगों के भीतर गूंज पैदा करे। उनके द्वारा डिजाइन की गई इमारतें अक्सर ऐसी प्रतीत होती हैं जैसे वे केवल कुछ समय के लिए वहां हों या फिर उन्हें जानबूझकर अधूरा छोड़ दिया गया हो। हालांकि, इस बाहरी दिखावट के पीछे एक बहुत ही सुव्यवस्थित, आशावादी और शांत स्थान छिपा होता है। उनके इस अनूठे दृष्टिकोण का सबसे प्रमुख उदाहरण लंदन में 2014 में बनाया गया सर्पेन्टाइन गैलरी पैवेलियन है, जहां उन्होंने विशाल पत्थरों के आधार पर फाइबरग्लास से बना एक पारभासी गुंबद स्थापित किया था, जिसे उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चुना था।

रेडिक का जन्म सैंटियागो में एक प्रवासी परिवार में हुआ था; उनके पिता के माता-पिता क्रोएशिया से थे और उनकी माता का परिवार यूनाइटेड किंगडम से ताल्लुक रखता था। वे वास्तुकला की किसी भी बंधी-बंधाई या मानक भाषा को स्वीकार नहीं करते और प्रत्येक नई परियोजना को एक अद्वितीय शोध कार्य की तरह देखते हैं। 1995 में अपनी स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू करने के बाद से ही उन्होंने अपने काम के दायरे को बहुत बड़ा करने के बजाय उसकी गुणवत्ता और गहराई पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके कार्यों की सूची में शानदार निजी घरों से लेकर महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र और अस्थायी पैवेलियन शामिल हैं, जिनमें 2018 में निर्मित थिएटर ऑफ द बायो-बियो रीजन और 2013 की विक मिलाहुए वाइनरी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

रेडिक की यह उपलब्धि चिली के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि वे अलेजांद्रो अरावेना (जिन्हें 2016 में यह पुरस्कार मिला था) के बाद प्रित्ज़कर पुरस्कार जीतने वाले दूसरे चिली के नागरिक हैं। उनकी वास्तुकला न केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण करती है, बल्कि यह समय, स्थान और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक संवाद स्थापित करने का प्रयास करती है। उनकी कार्यशैली यह सिखाती है कि आधुनिक वास्तुकला का अर्थ केवल भव्यता नहीं, बल्कि पर्यावरण और मानवीय भावनाओं के साथ गहरा तालमेल बिठाना भी है, जो आने वाले समय में भी वास्तुकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

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स्रोतों

  • Impressio.bg

  • Dezeen

  • Architectural Record

  • Divisare

  • Wallpaper*

  • International Union of Architects

  • daily.afisha

  • Oxu

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