
इकिगाई: जीवन का उद्देश्य स्वास्थ्यकाल बढ़ाता है और मनोभ्रंश जोखिम घटाता है
द्वारा संपादित: Olga Samsonova

जापानी संस्कृति की एक गहन अवधारणा, 'इकिगाई', जिसका शाब्दिक अर्थ 'जीने का कारण' है, वैश्विक स्तर पर दीर्घायु और जीवन शक्ति को बढ़ावा देने के लिए पहचानी जाती है। यह केवल एक दार्शनिक विचार नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक अध्ययनों द्वारा समर्थित एक शक्तिशाली जीवनशैली उपकरण है, जो विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। इकिगाई की स्पष्टता जीवन के निर्णयों में सहायता करती है और व्यक्ति को अपने लक्ष्यों के प्रति सजगता से प्रेरित करती है, जैसा कि हेक्टर गार्सिया और फ्रांसिस् मिरालेस की पुस्तक में भी बताया गया है, जो ओकिनावा के निवासियों पर केंद्रित है।
एक राष्ट्रव्यापी अनुदैर्ध्य अध्ययन में, 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के जापानी वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें इकिगाई की उपस्थिति और बाद के स्वास्थ्य परिणामों के बीच सीधा संबंध पाया गया। शोध के निष्कर्षों के अनुसार, जिन व्यक्तियों में इकिगाई की मजबूत भावना थी, उनमें तीन वर्षों की निगरानी अवधि के दौरान मनोभ्रंश (Dementia) विकसित होने का जोखिम 36% कम था। इसके अतिरिक्त, इन व्यक्तियों में कार्यात्मक विकलांगता (Functional Disability) का जोखिम भी 31% कम दर्ज किया गया, जो शारीरिक कार्यक्षमता बनाए रखने में इस अवधारणा के महत्व को रेखांकित करता है।
इकिगाई की अवधारणा चार मुख्य पहलुओं के संगम पर आधारित है: वह जो आपको प्रिय है, वह जिसमें आप कुशल हैं, वह जिसकी दुनिया को आवश्यकता है, और वह जिसके लिए आपको भुगतान किया जा सकता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रेरणा शारीरिक कार्यप्रणाली को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, और कुछ विशेषज्ञों का मत है कि इसका प्रभाव आहार संबंधी उपायों से भी अधिक हो सकता है। यह उद्देश्य की भावना निरंतर जुड़ाव को प्रेरित करती है, जिसमें सामुदायिक सेवा या व्यक्तिगत शौक जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जो 70 वर्ष की आयु के बाद स्वास्थ्यकाल (Healthspan) को बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।
अनुसंधान यह भी दर्शाता है कि इकिगाई का संबंध अवसाद और निराशा के लक्षणों में कमी से है, साथ ही खुशी और जीवन संतुष्टि के उच्च स्तर से भी है। ओकिनावा प्रांत के ओगिमी गांव के 100 बुजुर्ग निवासियों के साक्षात्कार से पता चला कि वे सक्रिय रहते हैं, सामाजिक रूप से जुड़े रहते हैं, और उनके जीवन में एक स्पष्ट उद्देश्य होता है, जो उनकी असाधारण दीर्घायु का एक प्रमुख कारण है। यह अवधारणा केवल भविष्य के लक्ष्य के रूप में नहीं देखी जाती, बल्कि इसे दैनिक आधार पर जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के एक दृष्टिकोण के रूप में अपनाया जाता है, जिससे लचीलापन और पूर्णता की भावना बढ़ती है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि इकिगाई से जुड़े ये सकारात्मक स्वास्थ्य परिणाम पुरुषों और उच्च सामाजिक-आर्थिक स्थिति वाले व्यक्तियों में अधिक प्रबल थे। इसके बावजूद, इकिगाई को एक संभावित संशोधनीय सकारात्मक मनोवैज्ञानिक संपत्ति के रूप में देखा जाता है, जो जोखिम कारकों को कम करने के वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों का पूरक बन सकता है। यह जापानी जीवन पद्धति, जो विश्व युद्ध के दौरान तबाह होने के बावजूद जापान को समृद्ध और दीर्घायु लोगों का देश बनाने में सहायक रही, यह दर्शाती है कि उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की कला सार्वभौमिक रूप से लागू होती है।
5 दृश्य
स्रोतों
Grazia.fr
NEW TIMES MAGAZINE
YouTube
The Times of India
Psychology Today
Forbes
इस विषय पर अधिक लेख पढ़ें:
क्या आपने कोई गलती या अशुद्धि पाई?हम जल्द ही आपकी टिप्पणियों पर विचार करेंगे।



