बांग्लादेश चुनाव 2026: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ऐतिहासिक जीत, तारिक रहमान बनेंगे नए प्रधानमंत्री
द्वारा संपादित: Tatyana Hurynovich
12 फरवरी, 2026 को ढाका में बांग्लादेश के संसदीय इतिहास का एक नया अध्याय लिखा गया। जुलाई 2024 के उस व्यापक जन विद्रोह के बाद, जिसने अवामी लीग की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था, देश में पहले आम चुनाव सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। अनौपचारिक आंकड़ों के मुताबिक, 300 सदस्यीय संसद में घोषित 299 सीटों में से इस गठबंधन ने कम से कम 212 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है, जो इसे सदन में एक मजबूत स्थिति प्रदान करता है। बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान, जो दिसंबर 2025 में अपने लंबे निर्वासन को समाप्त कर स्वदेश लौटे थे, 15 फरवरी, 2026 को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर सकते हैं।
मतदान की प्रक्रिया के साथ-साथ, 'जुलाई नेशनल चार्टर' नामक एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सुधार पैकेज पर भी जनमत संग्रह कराया गया। विभिन्न आधिकारिक और स्वतंत्र स्रोतों के अनुसार, इस सुधार प्रस्ताव को लगभग 62 से 65 प्रतिशत मतदाताओं का भारी समर्थन मिला है। यह पूरी चुनावी प्रक्रिया नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की देखरेख में संपन्न हुई, जो 8 अगस्त, 2024 से देश का शासन संभाल रही थी। इस चुनाव का एक उल्लेखनीय पहलू पूर्व सत्तारूढ़ दल, अवामी लीग, की भागीदारी पर लगा प्रतिबंध था, जिसके कारण राजनीतिक विश्लेषकों ने इस चुनावी अभियान को पूरी तरह से समावेशी नहीं माना है।
मुख्य विपक्षी गठबंधन, जिसमें जमात-ए-इस्लामी और नेशनल प्रोग्रेसिव पार्टी (NCP) शामिल थे, ने सामूहिक रूप से लगभग 77 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन सराहनीय रहा, जिसने अकेले 68 सीटों पर कब्जा जमाया। चुनाव आयोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक चुनाव में मतदान का प्रतिशत 60 के करीब रहा। बीएनपी की इस बड़ी जीत को 2024 की 'जुलाई क्रांति' के दौरान उपजे जन आक्रोश के सीधे परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, उस क्रांति के दौरान हुई हिंसा में लगभग 1,400 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
तारिक रहमान, जो पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के ज्येष्ठ पुत्र हैं, लंदन में 17 वर्षों का लंबा निर्वासन काटने के बाद 25 दिसंबर, 2025 को अपने वतन लौटे। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद, उन्हें भ्रष्टाचार सहित उन सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था जो उन पर लगाए गए थे। इसके विपरीत, नवंबर 2025 में एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फख्रुल इस्लाम आलमगीर ने इन चुनावी नतीजों को जनता का स्पष्ट जनादेश बताते हुए कहा कि यह परिणाम पुष्टि करते हैं कि बीएनपी ही वास्तव में 'जनता की पार्टी' है।
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा शुरू की गई सुधारों की व्यापक प्रक्रिया 2025 के 'जुलाई नेशनल चार्टर' के रूप में फलीभूत हुई, जिसमें नागरिक पहचान और शासन प्रणाली से जुड़े 80 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को समाहित किया गया था। हालांकि, ढाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आसिफ मोहम्मद शाहन जैसे विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है कि बीएनपी का राजनीतिक एजेंडा इस चार्टर की मूल भावना के साथ मेल नहीं खा सकता, जिससे भविष्य में वैचारिक टकराव की संभावना बनी रहेगी। इतिहासकार मोहिउद्दीन अहमद के अनुसार, यह चुनाव परिणाम बताते हैं कि मतदाताओं ने किसी बड़े वैचारिक प्रयोग के बजाय एक 'परिचित राजनीतिक शक्ति' पर भरोसा जताया है। अब नई सरकार के कंधों पर देश की आर्थिक चुनौतियों से निपटने और भारत, चीन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक जटिल भू-राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी होगी।
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स्रोतों
Al Jazeera Online
Hindustan Times
2026 Bangladeshi general election - Wikipedia
2026 Bangladeshi constitutional referendum - Wikipedia
Bangladesh election: BNP wins historic first election since overthrow of Hasina - The Guardian
Five takeaways from the Bangladesh election - The Hindu
Bangladesh Nationalist Party wins general elections with 2/3 majority - Anadolu
The Guardian
Wikipedia
Wikipedia
Reuters
The Hindu
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