सनडांस 2026 में डॉक्यूमेंट्री 'AI Doc' ने व्यक्तिगत चर्चाओं के माध्यम से AI के भविष्य की पड़ताल की

द्वारा संपादित: An goldy

सनडांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में 'The AI Doc: Or How I Became an Apocaloptimist' नामक एक प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर हुआ, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य पर चल रही तीखी बहस को केंद्र में रखती है। 'एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वन्स' और 'नवलनी' जैसी विश्व स्तर पर प्रशंसित फिल्मों पर काम करने वाले अनुभवी फिल्म निर्माताओं के सहयोग से तैयार की गई यह फिल्म, इस तकनीक से जुड़ी अपार संभावनाओं और इसके साथ आने वाले अस्तित्वगत खतरों दोनों का गहराई से विश्लेषण करती है। कहानी का मुख्य आधार सह-निर्देशक डैनियल रोहर की व्यक्तिगत चिंताएं हैं, जो उनके पहले बच्चे के जन्म की प्रतीक्षा के कारण और भी अधिक संवेदनशील हो गई हैं, जिससे फिल्म को एक मानवीय और भावनात्मक दृष्टिकोण मिलता है।

डैनियल रोहर और चार्ली टायरेल ने मिलकर तेजी से विकसित हो रहे AI उपकरणों की क्षमताओं और उनके कार्यान्वयन की संभावित कीमत की बारीकी से जांच की है। फोकस फीचर्स के बैनर तले 27 मार्च, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए निर्धारित यह फिल्म जटिल तकनीकी अवधारणाओं को समझाने के लिए विशेषज्ञों के साक्षात्कार, व्यक्तिगत घरेलू वीडियो फुटेज और आकर्षक एनिमेशन का प्रभावी ढंग से उपयोग करती है। फिल्म में प्रमुख उद्यमियों और विशेषज्ञों के विविध विचार प्रस्तुत किए गए हैं, जो गहरे निराशावाद से लेकर भविष्य के प्रति बेहद आशावादी और यूटोपियन दृष्टिकोण तक फैले हुए हैं।

फिल्म के प्रमुख प्रतिभागियों में OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन शामिल हैं, जो तकनीक के प्रति एक संतुलित और संयमित आशावाद व्यक्त करते हैं। ऑल्टमैन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें AI वाली दुनिया से कोई डर नहीं लगता, हालांकि वे तकनीकी प्रगति की असाधारण और कभी-कभी चिंताजनक गति को स्वीकार करते हैं। उन्होंने एक दिलचस्प व्यक्तिगत अनुभव साझा किया कि कैसे पिता बनने के शुरुआती हफ्तों में उन्होंने बच्चे की देखभाल के लिए ChatGPT से सलाह ली थी। उनका यह भी अनुमान है कि 2025 में पैदा होने वाले उनके बच्चे शायद बुद्धिमत्ता के मामले में AI को पीछे न छोड़ पाएं, लेकिन इन उन्नत उपकरणों की मदद से उनके पास पहले की तुलना में कहीं अधिक अवसर और क्षमताएं होंगी।

फिल्म में विचारों का एक विस्तृत स्पेक्ट्रम दिखाया गया है, जिसमें सेंटर फॉर ह्यूमेन टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक ट्रिस्टन हैरिस जैसे विशेषज्ञों की राय भी शामिल है जो मुख्य रूप से जोखिमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हैरिस सोशल मीडिया के अनियंत्रित प्रसार के दौरान हुई ऐतिहासिक गलतियों से सीखने का आह्वान करते हैं और AI के विकास में आने वाले खतरों का मुकाबला करने के लिए जिम्मेदारी के एक 'संकीर्ण रास्ते' पर चलने का सुझाव देते हैं। इसके साथ ही, फिल्म उन 'एक्सेलेरेशनिस्ट' (त्वरणवादियों) के पक्ष को भी मजबूती से दिखाती है जो AI को वैश्विक समस्याओं के समाधान के रूप में देखते हैं, जो आज के सार्वजनिक संवाद में मौजूद वैचारिक ध्रुवीकरण को दर्शाता है।

'The AI Doc' इस महत्वपूर्ण निष्कर्ष पर पहुँचती है कि मानवता अब AI युग के आगमन को रोक नहीं सकती है, और यह स्थिति वैश्विक समाज से तत्काल ध्यान देने की मांग करती है। भविष्य के लिए एक दिशा के रूप में 'एपोकैलिप्टिक ऑप्टिमिज्म' (सर्वनाशकारी आशावाद) का प्रस्ताव दिया गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय समन्वय, कॉर्पोरेट पारदर्शिता और सख्त कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित करने पर आधारित है। इस संदर्भ में, G42 के सीईओ पेंग जिओ ने इस बात पर जोर दिया कि बुद्धिमत्ता का भविष्य ऊर्जा संसाधनों से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है, और उन्होंने दावा किया कि अंततः 'बुद्धिमत्ता की लागत ऊर्जा की लागत के बराबर होगी'।

यह डॉक्यूमेंट्री केवल एक तकनीकी विश्लेषण नहीं है, बल्कि यह दर्शकों को इस पहले से ही दस्तक दे चुके भविष्य को आकार देने में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म यह संदेश देती है कि हालांकि तकनीक का विकास अपरिहार्य है, लेकिन इसका मानवीय मूल्यों के साथ तालमेल बिठाना ही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी। 2026 की यह महत्वपूर्ण रिलीज हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए किस तरह का डिजिटल और वास्तविक वातावरण तैयार कर रहे हैं, जहाँ मशीनें और मनुष्य एक साथ अस्तित्व में रहेंगे।

9 दृश्य

स्रोतों

  • Agniban

  • Notiulti

  • 2026 Sundance Film Festival

  • mid-day online correspondent

  • The Hans India

  • Bar and Bench

  • Deccan Chronicle

  • India Today

  • Screen Daily

  • Focus Features

  • The Guardian

  • People.com

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