NEW: Ancient Egyptians may have left behind a cryptic clue to a hidden second Sphinx, carved directly into stone more than 3,000 years ago — Daily Mail
जो 2025 में विशाल भूमिगत संरचनाओं की खोज का दावा करने वाले इतालवी शोधकर्ता कहते हैं कि उन्होंने Giza Plateau के नीचे एक दूसरा Sphinx रेत में दफन पाया है।
26 मार्च 2026 (UTC) को 'डेली मेल' द्वारा प्रकाशित एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने पुरातत्व की दुनिया में एक नई बहस छेड़ दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, गीज़ा के ऐतिहासिक पठार पर, विश्व प्रसिद्ध 'ग्रेट स्फिंक्स' के सानिध्य में एक और विशाल संरचना के दबे होने के पुख्ता संकेत मिले हैं, जो संभवतः दूसरा स्फिंक्स हो सकता है। इस खबर के सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर, रात 23:37 UTC पर, स्वतंत्र शोधकर्ता जे एंडरसन (@TheProjectUnity) ने इस रहस्योद्घाटन की पुष्टि की। उन्होंने 'खाफरे पिरामिड प्रोजेक्ट' से जुड़े इतालवी प्रोफेसर फिलिप्पो बियोंडी के शोध आंकड़ों का हवाला दिया। 27 मार्च की सुबह तक, प्रोफेसर के विस्तृत साक्षात्कार के लिंक इंटरनेट पर प्रसारित होने लगे, जिससे इस खोज ने एक वैश्विक चर्चा का रूप ले लिया है।
Project Unity पॉडकास्ट पर Jay Anderson
प्रोफेसर बियोंडी ने इस अभूतपूर्व खोज के लिए उन्नत सैटेलाइट रडार तकनीक (SAR) और डॉपलर टोमोग्राफी का सहारा लिया है। ये अत्याधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियां बिना किसी भौतिक खुदाई के जमीन के भीतर छिपी संरचनाओं और मिट्टी के सूक्ष्म कंपनों का विश्लेषण करने में सक्षम हैं। शुरुआती स्कैनिंग के परिणामों ने लगभग 33 मीटर (108 फीट) ऊंचे कठोर रेत के टीले के नीचे कई रहस्यमयी आकृतियों को उजागर किया है। इनमें लंबवत शाफ्ट, लंबी क्षैतिज सुरंगें और दीवारों जैसी दिखने वाली सघन लंबवत रेखाएं शामिल हैं, जिन्हें भूमिगत कक्षों की दीवारों के रूप में देखा जा रहा है। यह पूरा ढांचा आश्चर्यजनक रूप से वर्तमान ग्रेट स्फिंक्स के नीचे स्थित जटिल भूमिगत तंत्र के साथ अद्भुत समानता प्रदर्शित करता है।
प्रोफेसर फ़िलिपो बियोन्डी के साथ पूर्ण साक्षात्कार।
इस खोज के पीछे का ज्यामितीय तर्क भी अत्यंत प्रभावशाली है। जब शोधकर्ताओं ने खाफरे और चेओप्स (खूफू) के पिरामिडों के केंद्रों से वर्तमान स्फिंक्स तक रेखाएं खींचीं, तो वे पूरी तरह से सममित पाई गईं। इस ज्यामितीय पैटर्न का दर्पण प्रतिबिंब (mirror image) ठीक उसी स्थान की ओर इशारा करता है जहां इस नई संरचना का पता चला है। प्रोफेसर बियोंडी ने आधिकारिक रूप से कहा कि वे 100% ज्यामितीय सहसंबंध और अविश्वसनीय समरूपता देख रहे हैं। उनके आकलन के अनुसार, इस खोज की सत्यता की संभावना लगभग 80% है। इसके अतिरिक्त, स्कैनिंग से यह भी संकेत मिलते हैं कि यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि पूरे गीज़ा पठार के नीचे फैली एक विशाल और विस्तृत भूमिगत मेगास्ट्रक्चर का हिस्सा हो सकती है।
यह नई खोज न केवल आधुनिक तकनीक, बल्कि प्राचीन ऐतिहासिक साक्ष्यों को भी नया जीवन दे रही है। प्रसिद्ध मिस्रविज्ञानी बासम एल-शम्मा ने लगभग एक दशक पहले ही प्राचीन मिस्र के ग्रंथों और 'ड्रीम स्टेला' (Dream Stele, लगभग 1401 ईसा पूर्व) का संदर्भ देते हुए दो स्फिंक्स होने का दावा किया था, क्योंकि उस शिलालेख पर दो स्फिंक्स चित्रित हैं। एक प्रचलित सिद्धांत यह भी है कि दूसरा स्फिंक्स संभवतः बिजली गिरने या किसी प्राचीन दैवीय प्रकोप के कारण नष्ट हो गया होगा। हालांकि, 2017 में मिस्र के पूर्व पुरावशेष मंत्री जाही हवास ने इस विचार को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उस क्षेत्र में हुए व्यापक उत्खनन में ऐसा कुछ नहीं मिला। अब, बियोंडी और उनकी टीम ने मिस्र की सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें भूवैज्ञानिकों के साथ मिलकर जमीनी जांच करने और बंद पड़े शाफ्टों को खोलने की अनुमति मांगी गई है।
यद्यपि ये निष्कर्ष अभी प्रारंभिक हैं और इनकी अंतिम पुष्टि के लिए मौके पर गहन शोध की आवश्यकता है, फिर भी यह घटनाक्रम यह सिद्ध करता है कि सैटेलाइट तकनीक पुरातत्व विज्ञान के भविष्य को कैसे बदल रही है। जो रहस्य हजारों वर्षों से रेगिस्तान की रेत के नीचे सुरक्षित थे, वे अब आधुनिक कंप्यूटर स्क्रीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यदि यह परिकल्पना सत्य सिद्ध होती है, तो गीज़ा का पठार प्राचीन मिस्र के इतिहास का एक ऐसा अध्याय खोल सकता है जिसकी कल्पना अब तक केवल कहानियों में की जाती थी। वैज्ञानिक वर्तमान में प्राप्त आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण कर रहे हैं, और दुनिया भर के इतिहास प्रेमी उत्सुकता से अगले कदम की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि कभी-कभी आधुनिक विज्ञान हमें वह विरासत लौटा देता है जिसे समय की धूल ने हमेशा के लिए मिटा दिया था।
Ontario / Great Lakes Fireball Event
Date: Monday night, March 23, 2026 (UTC: March 26, 01:31)
Time: 9:31 PM EDT
Location: Visible across Southern Ontario, Michigan, Ohio, and several other Midwest states.
Details: NASA’s All Sky Fireball Network tracked this meteor
A new 225-meter (740-foot) crater appeared on the Moon. NASA's lunar orbiter (LRO) imaged the dramatic aftermath. Such large impacts are once-in-a-century events. This one happened in the spring of 2024.
Image:
New 225-m diameter lunar crater imaged by LRO, incidence angle 38°.