ऑप्टिकल भ्रम व्यक्तित्व परीक्षण: आत्म-चिंतन का एक मनोरंजक साधन

द्वारा संपादित: gaya ❤️ one

ऑप्टिकल भ्रम व्यक्तित्व परीक्षण आत्म-निरीक्षण के लिए एक लोकप्रिय और हल्के-फुल्के उपकरण के रूप में अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। ये परीक्षण मस्तिष्क द्वारा अस्पष्ट दृश्य जानकारी को संसाधित करने के तरीके का लाभ उठाते हैं। ये दृश्य पहेलियाँ, जो अक्सर पेड़ और चेहरे जैसी छवियों का उपयोग करती हैं, इस बात का संकेत देती हैं कि किसी व्यक्ति का प्रारंभिक बोध उसके प्रमुख मानसिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जैसे कि सहजता बनाम संगठन के प्रति झुकाव। ये दृश्य पहेलियाँ मस्तिष्क को चुनौती देती हैं और सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होती हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने व्यक्तित्व के पहलुओं को जानने का अवसर मिलता है।

जब कोई व्यक्ति सबसे पहले एक पेड़ देखता है, तो यह एक सहज और साहसी व्यक्तित्व का संकेत माना जाता है, जो गतिशील परिस्थितियों में पनपता है और अप्रत्याशित का स्वागत करता है। इसके विपरीत, यदि किसी की नज़र सबसे पहले चेहरों पर पड़ती है, तो यह संरचित जीवन शैली के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है, जहाँ सावधानीपूर्वक योजना और पूर्वानुमेयता को नियंत्रण बनाए रखने के लिए महत्व दिया जाता है। कुछ विश्लेषणों के अनुसार, पेड़ देखने वाले बहिर्मुखी हो सकते हैं, जो लोगों के बीच रहना पसंद करते हैं, जबकि चेहरा देखने वाले अंतर्मुखी हो सकते हैं, जो शांत स्वभाव के होते हैं और गहराई से सोचते हैं।

ये व्याख्याएँ इस बात पर आधारित हैं कि मस्तिष्क अतीत के अनुभवों का उपयोग करके दृश्य जानकारी को तेज़ी से समझने के लिए शीर्ष-डाउन प्रसंस्करण (top-down processing) का उपयोग कैसे करता है। उदाहरण के लिए, कुछ परीक्षणों में यह भी दावा किया गया है कि पहली नज़र में दिखने वाली चीज़ यह बता सकती है कि व्यक्ति साहसी है या डरपोक। हालांकि, मनोवैज्ञानिकों का मत है कि इन छवियों को देखने का तरीका वास्तव में यह बताता है कि हमारा मस्तिष्क जानकारी को कैसे संसाधित करता है, न कि हमारे व्यक्तित्व के बारे में कुछ महत्वपूर्ण।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ये परीक्षण निश्चित मनोवैज्ञानिक निदान नहीं हैं। मानव व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से जटिल है, और इसे मापने के लिए बिग फाइव पर्सनैलिटी टेस्ट जैसे मान्य मनोवैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है, न कि त्वरित भ्रमों का। ऑप्टिकल भ्रम, जैसे कि मृगतृष्णा जो प्रकाश के अपवर्तन के कारण पानी का भ्रम पैदा करती है, संज्ञानात्मक भ्रम की व्यापक श्रेणी का हिस्सा हैं, जहाँ वास्तविक उत्तेजनाओं से प्राप्त जानकारी गलत धारणा की ओर ले जाती है।

इसलिए, इन व्यक्तित्व परीक्षणों का आनंद लेना चाहिए क्योंकि वे हमारे मस्तिष्क को चुनौती देते हैं और मनोरंजन प्रदान करते हैं, लेकिन इन्हें अपने वास्तविक स्वभाव का अंतिम निर्धारक नहीं मानना चाहिए। ये उपकरण आत्म-चिंतन के लिए एक प्रारंभिक बिंदु प्रदान करते हैं, लेकिन व्यक्तित्व की संपूर्णता को समझने के लिए गहन आत्म-मूल्यांकन आवश्यक है।

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स्रोतों

  • jabarekspres.com

  • Vertex AI Search

  • indonesiakini

  • AyoJakarta.com

  • Jawa Pos

  • The Times of India

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