सोलर एंड स्टोरेज एक्सपो आंध्र प्रदेश 2026 का सफल समापन: नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय

द्वारा संपादित: Svetlana Velgush

आंध्र प्रदेश के ऊर्जा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, 'सोलर एंड स्टोरेज एक्सपो आंध्र प्रदेश 2026' का आज, 9 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह आयोजन राज्य की सौर ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख मंच बनकर उभरा। इस आयोजन का यह दूसरा संस्करण था, जिसने क्षेत्र की भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों को एक नई दिशा प्रदान करने का काम किया है।

विजयवाड़ा शहर के प्रतिष्ठित होटल नोवोटेल में आयोजित इस एक्सपो को राज्य में सौर ऊर्जा और भंडारण प्रणालियों के क्षेत्र से जुड़े दिग्गजों के सबसे बड़े जमावड़े के रूप में देखा गया। दो दिनों तक चली इस गहन कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनी और पुरस्कार समारोह ने उद्योग के विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाने का काम किया, जिससे राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को बल मिला। इस आयोजन ने न केवल तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों पर भी सार्थक चर्चा की।

इस आयोजन में 300 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें सरकारी निकायों, अधिकृत एजेंसियों, परामर्श फर्मों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रदर्शनी में 25 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि 20 से अधिक वक्ताओं ने विभिन्न सत्रों में अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। इसके अलावा, 30 से अधिक नामांकित व्यक्तियों ने आंध्र प्रदेश एनर्जी एक्सीलेंस अवार्ड्स की दौड़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

एक्सपो के दौरान चर्चा के विषयों में व्यापक विविधता देखी गई। इसमें निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया गया:

  • यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा परियोजनाएं और बुनियादी ढांचा
  • उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियां (Energy Storage Systems)
  • छत पर सौर पैनल (Rooftop Solar) और सी एंड आई (वाणिज्यिक और औद्योगिक) सेगमेंट
  • एग्रीवोल्टािक्स और कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का एकीकरण
  • ओपन एक्सेस रणनीतियां और नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य

कार्यक्रम की रूपरेखा में पीएम कुसुम (PM KUSUM) और पीएम सूर्य घर जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं पर केंद्रित विशेष सत्र शामिल थे। इसके साथ ही, सौर ईपीसी (EPC) और नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की बारीकियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पैनल चर्चाओं के दौरान यूटिलिटी-स्केल पर सौर बुनियादी ढांचे और भंडारण प्रणालियों के विस्तार के साथ-साथ रूफटॉप सौर प्रणालियों को तेजी से अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। ये सभी विचार-विमर्श अक्टूबर 2024 में पेश की गई राज्य की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा (ICE) नीति के सीधे अनुरूप थे।

इस गरिमामय अवसर पर एनआरईडीसीएपी (NREDCAP - न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ आंध्र प्रदेश) के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, श्री एम. कमलाकर बाबू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एनआरईडीसीएपी 1984 से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए अधिकृत एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। उनकी भागीदारी ने 2047 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के राज्य के संकल्प को और मजबूती प्रदान की, जो राज्य सरकार की दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है।

आईसीई (ICE) नीति के तहत, आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये (लगभग 119 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश आकर्षित करना और अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 160 गीगावाट (GW) से अधिक तक बढ़ाना है। यह एक्सपो इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है। रणनीतिक बी2बी (B2B) बातचीत और ज्ञान के आदान-प्रदान ने इस मंच की उपयोगिता को और बढ़ा दिया, जिससे उद्योग के भीतर नए सहयोग के द्वार खुले हैं।

आयोजन के अंतिम चरण में 'आंध्र प्रदेश एनर्जी एक्सीलेंस अवार्ड्स' प्रदान किए गए, जो सोलरक्वार्टर रिसर्च टीम के गहन शोध पर आधारित थे। ये पुरस्कार राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट परियोजनाओं और नवाचारों को सम्मानित करते हैं। इस तरह के प्रोत्साहन न केवल निवेश को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आंध्र प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक मानचित्र पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। इस एक्सपो ने स्पष्ट कर दिया है कि आंध्र प्रदेश हरित भविष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

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स्रोतों

  • SolarQuarter

  • SolarQuarter

  • Green Building Events

  • NREDCAP | New & Renewable Energy Development Corporation of AP Ltd.

  • The Tribune

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