गाजा संकट और दो-राज्य समाधान पर चर्चा के लिए पोप लियो चौदहवें ने इज़राइली राष्ट्रपति हरज़ोग से की मुलाकात
द्वारा संपादित: Iryna Balihorodska
वेटिकन सिटी, 4 सितंबर 2025: पोप लियो चौदहवें ने आज वेटिकन में इज़राइल के राष्ट्रपति इसहाक हरज़ोग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में गाजा की "त्रासद स्थिति" और क्षेत्र में स्थायी शांति व स्थिरता के लिए दो-राज्य समाधान की आवश्यकता पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस मुलाकात ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों को नई दिशा दी है।
पोप लियो चौदहवें ने गाजा में मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की और तत्काल युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई, निर्बाध मानवीय सहायता की सुगम पहुंच और मानवीय कानून के पूर्ण सम्मान पर जोर दिया। पवित्र से (Holy See) ने इस बात को दोहराया कि दो-राज्य समाधान ही वर्तमान युद्ध से बाहर निकलने का एकमात्र व्यवहार्य मार्ग है। यह रुख वेटिकन की उस ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो उसने इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की स्थापना के लिए की है, जिसमें 1993 में इज़राइल के साथ और 2015 में फिलिस्तीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करना शामिल है।
राष्ट्रपति हरज़ोग ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के लिए इज़राइल द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बंधक, जिनमें से 48 अभी भी गाजा में हैं और जिनका अपहरण हुए कल 700 दिन पूरे हो गए, गंभीर खतरे में हैं। उन्होंने बंधकों की तत्काल रिहाई के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया और इस दिशा में पोप से समर्थन मांगा।
राष्ट्रपति हरज़ोग ने पवित्र भूमि में ईसाई समुदायों के प्रति व्यवहार और गाजा की स्थिति के बारे में वेटिकन को आश्वासन भी दिया, साथ ही इज़राइल में धार्मिक स्वतंत्रता और ईसाई समुदायों के विकास व संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चाओं में वेस्ट बैंक और यरुशलम की स्थिति, वैश्विक स्तर पर यहूदी-विरोध (antisemitism) में वृद्धि और मध्य पूर्व में अल्पसंख्यकों, विशेषकर ईसाई और ड्रूज़ समुदायों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल थे।
राष्ट्रपति हरज़ोग ने वेटिकन और इज़राइल के बीच संबंधों के ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार किया और पोप को इज़राइल की यात्रा के लिए आमंत्रित भी किया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों पक्षों के बीच संवाद की आवश्यकता को बल मिल रहा है, जो क्षेत्र में शांति और समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। वेटिकन की यह कूटनीतिक प्रथा है कि वह राष्ट्राध्यक्षों के अनुरोधों पर ही मुलाकातें आयोजित करता है, न कि स्वयं निमंत्रण भेजता है, जो इस बैठक के महत्व को और भी रेखांकित करता है।
स्रोतों
LA TERCERA
Pope meets Israeli president, discusses 'tragic' situation in Gaza
Pope Leo XIV discusses Gaza, 2-state solution with Israeli president
Pope Leo raises 'tragic situation in Gaza' in meeting with Israeli president
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