फेसबुक प्लेटफॉर्म पर NEPAD के एक पोस्ट में पृथ्वी दिवस 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति बताया गया है, जो अफ्रीकी देशों को अक्षय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने और क्षेत्रीय एकीकरण को गहरा करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि 2026 में अफ्रीकी महाद्वीप को अपनी राष्ट्रीय ऊर्जा योजनाओं को वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के साथ जोड़ने का अवसर मिलेगा। NEPAD ने ऐसी संयुक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया है जो देशों को अतिरिक्त बिजली साझा करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में सक्षम बनाएंगी।
संगठन के अनुसार, अफ्रीका में स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच का वर्तमान स्तर काफी कम बना हुआ है, और बिखरे हुए राष्ट्रीय ग्रिड सौर एवं पवन संसाधनों के प्रभावी उपयोग में बाधा बन रहे हैं। यह पोस्ट आगामी पृथ्वी दिवस को ठोस कदमों से जोड़ता है, जिनमें अंतर-राज्यीय ऊर्जा गलियारों का निर्माण और अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नियमों का सामंजस्य शामिल है।
NEPAD का कहना है कि यदि समन्वित प्रयास नहीं किए गए, तो 2026 तक अफ्रीका डीकार्बोनाइजेशन की वैश्विक गति से पिछड़ने के जोखिम में पड़ सकता है। रिपोर्ट में सीमा पार बिजली ट्रांसमिशन लाइनों और संयुक्त सौर पार्कों के निर्माण के लिए पहले से चल रही पहलों का उल्लेख किया गया है, जो व्यापक एकीकरण का आधार बन सकते हैं।
इस प्रकार, पृथ्वी दिवस 2026 उन अफ्रीकी देशों के लिए एक व्यावहारिक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को वास्तविक बुनियादी ढांचे और आर्थिक लाभों में बदलना चाहते हैं।



