Shervin - Iranam
शेरविन हाजीपुर ने जारी किया 'ईरानम' — प्रदर्शनकारियों को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि
द्वारा संपादित: Inna Horoshkina One
7 फरवरी 2026 को, ईरान के प्रसिद्ध संगीतकार और ग्रैमी पुरस्कार विजेता शेरविन हाजीपुर ने अपना नवीनतम संगीत ट्रैक 'ईरानम' (Iranam), जिसका अर्थ है 'मेरा ईरान', सार्वजनिक किया। यह मार्मिक रचना उन बहादुर प्रदर्शनकारियों को समर्पित है जिन्होंने हालिया संघर्षों में अपनी जान गंवाई है, और उन शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता प्रकट करती है जो अपनों को खोने का दुख झेल रहे हैं। हाजीपुर की कलात्मकता एक बार फिर सामाजिक चेतना के स्वर के रूप में उभरी है, जो देश की वर्तमान स्थिति को संगीत के माध्यम से व्यक्त कर रही है।
इस गीत की रिलीज का समय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ईरान में चल रहे व्यापक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, ये प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए थे और देखते ही देखते देश के सभी 31 प्रांतों में जंगल की आग की तरह फैल गए। यद्यपि इन विरोधों की शुरुआत आर्थिक बदहाली और महंगाई के विरुद्ध हुई थी, लेकिन बहुत जल्द यह आंदोलन गहरे राजनीतिक सुधारों और बुनियादी बदलावों की मांग में तब्दील हो गया, जिससे शासन के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा हो गई है।
'ईरानम' के साथ जारी किया गया वीडियो लगभग दो मिनट की अवधि का है और इसे बेहद प्रभावशाली ढंग से निर्मित किया गया है। वीडियो में उन युवा चेहरों के ब्लैक-एंड-व्हाइट पोर्ट्रेट्स दिखाए गए हैं, जिन्हें हालिया हिंसा के दौरान अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस रिलीज के विवरण में हाजीपुर ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इस गीत को साझा करने की पूरी जिम्मेदारी उनकी अपनी है। यह बयान एक सुरक्षा कवच की तरह देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य दमनकारी नीतियों के बीच अपने सहयोगियों और परिवार के सदस्यों को संभावित कानूनी खतरों या प्रतिशोध से बचाना है।
मानवाधिकारों की निगरानी करने वाली संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों को पिछले कई दशकों में प्रदर्शनकारियों के दमन का सबसे हिंसक और घातक दौर करार दिया है। संगठन ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए बल के गैर-कानूनी इस्तेमाल और मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन की ओर इशारा किया है। इसके साथ ही, 8 जनवरी से लागू किए गए इंटरनेट ब्लैकआउट ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया को ईरान के भीतर हो रही वास्तविक घटनाओं और हिंसा से अनभिज्ञ रखना था।
शेरविन हाजीपुर का नाम पहली बार तब वैश्विक पटल पर चमका था जब उनका गीत 'बराये' (Baraye) 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन का एक वैश्विक प्रतीक बन गया था। उनकी इस असाधारण उपलब्धि के लिए रिकॉर्डिंग अकादमी ने उन्हें 2023 में 'सामाजिक परिवर्तन के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत' (Best Song for Social Change) के विशेष ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया था। हाजीपुर का संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह एक शक्तिशाली सामाजिक उपकरण बन चुका है जो दबे हुए लोगों की आवाज को वैश्विक मंच प्रदान करता है और उन्हें न्याय की उम्मीद देता है।
यह नया संगीत प्रयास न केवल ईरान की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर कला की शक्ति का भी प्रतीक है। जब सेंसरशिप और भय के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और आपसी संपर्क को कुचलने का प्रयास किया जाता है, तो संगीत ही वह माध्यम है जो सत्य और न्याय की लौ को जलाए रखता है। 'ईरानम' के माध्यम से हाजीपुर ने यह सिद्ध कर दिया है कि भले ही संचार के डिजिटल साधन बाधित कर दिए जाएं, लेकिन संगीत की गूँज को सीमाओं या प्रतिबंधों में नहीं बांधा जा सकता, और यह वास्तविकता के ताने-बाने को सुरक्षित रखने का काम करता है।
स्रोतों
NEWS Online
Livesystems
News.at
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Deezer
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SWI swissinfo.ch
Davoserzeitung | Davoserzeitung
Los Angeles Times
CBS News
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