हार्वर्ड के नए पोषण दिशानिर्देश: आंत स्वास्थ्य के लिए फाइबर और किण्वित खाद्य पदार्थों पर ज़ोर

द्वारा संपादित: Olga Samsonova

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पोषण विशेषज्ञों ने वैश्विक स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण आहार दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिसमें आहार में फाइबर और सक्रिय रूप से किण्वित खाद्य पदार्थों (fermented foods) को शामिल करने पर विशेष बल दिया गया है। यह अद्यतन दिशानिर्देश इस तथ्य पर प्रकाश डालता है कि आंत का स्वास्थ्य समग्र कल्याण की आधारशिला है, क्योंकि आधुनिक शोधों के अनुसार शरीर की लगभग 70 प्रतिशत प्रतिरक्षा प्रणाली आंतों में ही निवास करती है।

इस आहार रणनीति का मुख्य आधार उच्च गुणवत्ता वाले फाइबर स्रोतों का सेवन है, जिसमें फल, सब्जियां और फलियां (legumes) प्रमुख हैं। हार्वर्ड के अनुसार, अधिकांश वयस्कों के लिए दैनिक फाइबर की अनुशंसित मात्रा 25 से 30 ग्राम के बीच होनी चाहिए, जिसका प्राथमिक स्रोत साबुत खाद्य पदार्थ होने चाहिए। आहार दिशानिर्देश 2020-2025 के अनुसार, 19 से 50 वर्ष के पुरुषों के लिए यह मात्रा 31 से 34 ग्राम प्रतिदिन तक हो सकती है, जबकि इसी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए यह 25 से 28 ग्राम है। यह पर्याप्त फाइबर सेवन न केवल पाचन क्रिया को सुचारू बनाता है, बल्कि यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक सिद्ध हुआ है।

फाइबर के साथ-साथ, आहार में प्रोबायोटिक्स से भरपूर किण्वित उत्पादों को शामिल करना अनिवार्य बताया गया है। किमची, केफिर, और कोम्बुचा जैसे खाद्य पदार्थ सक्रिय प्रोबायोटिक्स प्रदान करते हैं, जो आंत के माइक्रोबायोम में लाभकारी बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। डॉ. दीपक भंगाले, जो नवी मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट हैं, के अनुसार, प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता मिलती है। ये प्रोबायोटिक्स सूजन को कम करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह वैश्विक पोषण रुझान टिकाऊ और कम संसाधित (less processed) भोजन पैटर्न की ओर एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है। विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि दीर्घकालिक आंत संबंधी कल्याण के लिए घर पर तैयार किए गए खाद्य पदार्थों को अल्ट्रा-प्रोसेस्ड वस्तुओं पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। डॉ. जोसेफ सलहाब, एक अमेरिकी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, ने भी गट-फ्रेंडली खाद्य पदार्थों पर प्रकाश डाला है, जिसमें ग्रीक योगर्ट (प्रोबायोटिक्स के लिए) और बेरीज़ (फाइबर के लिए) का संयोजन शामिल है। यह दृष्टिकोण न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है, बल्कि यह मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसे 'आंत-मस्तिष्क अक्ष' (Gut-Brain Axis) के माध्यम से समझा जाता है।

फाइबर के दो मुख्य प्रकार हैं: घुलनशील और अघुलनशील। घुलनशील फाइबर पानी में घुलकर एक जेल बनाता है जो पाचन को धीमा करता है और तृप्ति की भावना को बढ़ाता है, जबकि अघुलनशील फाइबर मल में बल्क जोड़कर कब्ज को रोकने में मदद करता है। हार्वर्ड के विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि आहार में फाइबर की कमी का एक बड़ा कारण परिष्कृत अनाजों (refined grains) से बने तैयार खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन है, जैसे कि सफेद चावल और मैदा-आधारित उत्पाद। इस प्रकार, पोषण संबंधी अद्यतन एक समग्र और प्राकृतिक आहार प्रणाली की ओर लौटने का आह्वान करता है ताकि पुरानी बीमारियों जैसे हृदय रोग, मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम किया जा सके।

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स्रोतों

  • infobae

  • Infobae

  • HealthGuidance

  • Ingredients Network

  • Metrópoles

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