
फाइबर का महत्व और वैश्विक स्वादों का बढ़ता प्रभाव: पोषण में नए रुझान
द्वारा संपादित: Olga Samsonova

खाद्य उद्योग एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहाँ ध्यान अत्यधिक संसाधित प्रवृत्तियों से हटकर पोषण की सघनता और सांस्कृतिक अनुभवों के गहन समावेश की ओर केंद्रित हो रहा है। यह परिवर्तन उपभोक्ता की बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य-केंद्रित प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जो भविष्य के खाद्य रुझानों को आकार दे रहा है। आंत के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ने के कारण, फाइबर को खाद्य जगत में एक प्रमुख घटक के रूप में देखा जा रहा है, जो आहार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बढ़ती प्रवृत्ति के परिणामस्वरूप, दैनिक फाइबर लक्ष्यों को पूरा करने के उद्देश्य से 'फाइबरमैक्सिंग' जैसी विशिष्ट आहार पद्धतियाँ लोकप्रिय हो रही हैं, जहाँ लोग सचेत रूप से अपने भोजन और नाश्ते में फाइबर की मात्रा को अधिकतम करने का प्रयास करते हैं।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, फाइबरमैक्सिंग का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यक्ति को पर्याप्त फाइबर मिले, जिसकी दैनिक सिफारिशें आमतौर पर उम्र और लिंग के आधार पर 25 से 38 ग्राम प्रतिदिन के बीच होती हैं। खाद्य नवाचार अब फाइबर को अन्य पौष्टिक तत्वों के साथ एकीकृत करने पर केंद्रित है, विशेष रूप से प्रोटीन स्रोतों के साथ। उदाहरण के लिए, दालों (जैसे मसूर, मूंग) का वैश्विक उपभोग बढ़ रहा है, क्योंकि आधा कप दाल में लगभग 9 ग्राम प्रोटीन और 7.8 ग्राम फाइबर मिल सकता है, जो इसे एक शक्तिशाली संयोजन बनाता है। इसके अतिरिक्त, लीन पोर्क और टेम्पेह जैसे स्रोतों के साथ फाइबर का संयोजन देखा जा रहा है, जहाँ किण्वित खाद्य पदार्थ जैसे टेम्पेह पाचन में सहायता करते हैं। होल व्हीट ब्रेड की दो स्लाइस में भी लगभग 8 ग्राम प्रोटीन और 3.8 ग्राम फाइबर पाया जा सकता है, जो इस दोहरे लाभ को दर्शाता है।
वैश्विक स्वाद अब मुख्यधारा के खाद्य पदार्थों में गहराई से समाहित हो रहे हैं, जो पाककला की सीमाओं का विस्तार कर रहे हैं। मैक्सिकन 'चमोय' और कोरियाई 'स्सामजांग' जैसे विशिष्ट स्वाद अब घर पर खाना पकाने के लिए लोकप्रिय सामग्री के रूप में पहचान बना रहे हैं, जो उपभोक्ताओं को अधिक जटिल और प्रामाणिक स्वाद प्रोफाइल की ओर आकर्षित कर रहे हैं। यह सांस्कृतिक पाककला का मुख्यधारा में आना एक व्यापक वैश्विक स्वाद ग्रहणशीलता का संकेत देता है। उपभोक्ता लागत-प्रभावशीलता और भोजन पर बेहतर नियंत्रण के लिए अपने फ्रीजर और स्टोर-रूम पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति फ्रीजर को एक 'गॉरमेट डेस्टिनेशन' के रूप में स्थापित कर रही है, जहाँ लोग काबुली चना, मटर, और आम जैसी वस्तुओं को महीनों तक संरक्षित करने के लिए एयरटाइट कंटेनरों या आइस ट्रे का उपयोग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रीजिंग से विटामिन सी और बी जैसे कुछ पोषक तत्वों में मामूली कमी आ सकती है, क्योंकि बर्फ के क्रिस्टल कोशिकाओं की दीवारों को तोड़ सकते हैं, इसलिए भोजन को ठीक से डिफ्रॉस्ट करना महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत, कुछ खाद्य पदार्थों, जैसे टमाटर, को उबालने से लाइकोपीन जैसे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है। एक महत्वपूर्ण स्वाद परिवर्तन जटिल और बोल्ड स्वादों की ओर वापसी को इंगित करता है, जिसमें कड़वे नोट्स लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। रेडिकियो और कोको निब्स जैसे तत्वों में पाया जाने वाला कड़वा स्वाद, इसके कथित स्वास्थ्य लाभों के कारण उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रहा है। फाइबर के दो मुख्य प्रकारों—घुलनशील और अघुलनशील—के सही संतुलन पर ज़ोर दिया जा रहा है, जहाँ घुलनशील फाइबर प्रीबायोटिक प्रभाव प्रदान करता है और अघुलनशील फाइबर पाचन तंत्र में भराव पैदा करता है। यह समग्र दृष्टिकोण न केवल स्वाद की जटिलता को बढ़ाता है, बल्कि पोषण संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा करता है, जिससे खाद्य उद्योग में एक संतुलित और जागरूक विकास सुनिश्चित होता है।
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स्रोतों
RTE.ie
Food navigator
Beans in everything and going bitter: The food trends that will be huge in 2026
Waitrose: Food & Drink Report 2025-26 - Fruitnet
The Rise of Chamoy Candy in Global Snack Culture – Yumyumcandyshop
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