न्यूजीलैंड की सरकार अपनी कर प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य कुशल प्रवासियों और निवेशकों को देश की ओर आकर्षित करना है। इन सुधारों का एक प्रमुख हिस्सा विदेशी निवेश निधि (Foreign Investment Fund - FIF) नियमों में बदलाव है, जो वर्तमान में अवास्तविक पूंजीगत लाभ पर कर लगाकर निवेश को हतोत्साहित करते हैं। राजस्व मंत्री साइमन वाट्स ने घोषणा की है कि सरकार इन बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
वर्तमान FIF नियम उन प्रवासियों और न्यूजीलैंड लौट रहे नागरिकों के लिए एक बड़ी बाधा माने जाते हैं, जिनके पास विदेशी निवेश हैं। इन नियमों के तहत, करदाताओं को अक्सर उन लाभों पर कर देना पड़ता है जो उन्होंने अभी तक महसूस नहीं किए हैं, यानी संपत्ति बेचे बिना ही उन पर कर लग जाता है। यह स्थिति नकदी प्रवाह की कमी के कारण कर का भुगतान करना मुश्किल बना देती है।
प्रस्तावित सुधारों में एक 'राजस्व खाता विधि' (revenue account method) का परिचय शामिल है। इस नई विधि के तहत, केवल प्राप्त लाभांश और निवेश बेचने पर होने वाले वास्तविक पूंजीगत लाभ का 70% ही कर योग्य होगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होने की उम्मीद है और यह उन नए प्रवासियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो 1 अप्रैल 2024 के बाद न्यूजीलैंड के कर निवासी बने हैं। यह उन न्यूजीलैंडवासियों के लिए भी लागू होगा जो कुछ वर्षों के बाद देश लौट रहे हैं।
यह कदम न्यूजीलैंड को वैश्विक प्रतिभा और पूंजी के लिए अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, अधिक रोजगार सृजित करना और न्यूजीलैंडवासियों के लिए उच्च वेतन सुनिश्चित करना है। साइमन वाट्स के अनुसार, "यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि अर्थव्यवस्था को बढ़ाया जाए ताकि हम न्यूजीलैंडवासियों के लिए अधिक नौकरियां, उच्च वेतन और कम लागत प्रदान कर सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि "यह उन कुशल प्रवासियों के लिए अधिक निष्पक्ष और आकर्षक बनाता है जो यहां आते हैं, और यह प्रतिभाशाली न्यूजीलैंडवासियों को देश छोड़ने से रोकने में मदद करता है।"
यह सुधार 2025 के अंत तक संसद में पेश किए जाने वाले अगले कर विधेयक का हिस्सा होंगे। इस विधेयक पर सार्वजनिक परामर्श की भी अनुमति होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह इच्छित रूप से काम करे। इन सुधारों से न्यूजीलैंड की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और यह वैश्विक स्तर पर निवेश और प्रतिभा को आकर्षित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। न्यूजीलैंड का लक्ष्य 2034 तक अपने निर्यात का मूल्य दोगुना करना है, और इस तरह के नीतिगत बदलाव इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगे।