दावोस फोरम 2026 में रियल वर्ल्ड एसेट्स का टोकनाइजेशन छाया रहा

द्वारा संपादित: Yuliya Shumai

स्विट्जरलैंड के दावोस-क्लोस्टर्स में 19 से 23 जनवरी, 2026 के बीच आयोजित विश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक ने वित्तीय जगत में एक ऐतिहासिक मोड़ को चिन्हित किया। इस शिखर सम्मेलन में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर होने वाली पारंपरिक चर्चाओं में एक मौलिक बदलाव देखा गया, जहाँ अब ध्यान कीमतों की सट्टेबाजी से हटकर 'रियल वर्ल्ड एसेट्स' (RWA) के टोकनाइजेशन पर केंद्रित हो गया है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल संपत्ति अब केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय बुनियादी ढांचे का एक अभिन्न हिस्सा बन रही है। जनवरी 2026 के मध्य तक के आंकड़ों के अनुसार, टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों का कुल बाजार मूल्य 21 अरब डॉलर की सीमा को पार कर 22.59 अरब डॉलर के प्रभावशाली स्तर पर पहुंच गया है।

प्रयोग के दौर से निकलकर व्यावहारिक एकीकरण की ओर यह कदम डिजिटल संपत्तियों की परिपक्वता को दर्शाता है। दावोस में आयोजित विभिन्न पैनल चर्चाओं का मुख्य स्वर अब इस तकनीक की सार्थकता पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर लागू करने की चुनौतियों और समाधानों पर केंद्रित था। दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजरों और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर गहन मंथन किया कि कैसे बॉन्ड, इक्विटी और रियल एस्टेट जैसी पारंपरिक रूप से अतरल संपत्तियों को ब्लॉकचेन नेटवर्क पर कुशलतापूर्वक लाया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का प्राथमिक उद्देश्य लेनदेन के निपटान में लगने वाले समय को कम करना और बाजार में तरलता को बढ़ावा देना है, जो अब संस्थागत स्तर पर वास्तविकता बनता दिख रहा है।

ब्लैकरॉक के दूरदर्शी मुख्य कार्यकारी अधिकारी लैरी फिंक ने इस क्रांति को नई दिशा देते हुए कहा कि टोकनाइजेशन वास्तव में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'अगली पीढ़ी की प्रतिभूतियां' साबित होगा। उन्होंने वर्तमान तकनीकी परिदृश्य की तुलना 1996 के इंटरनेट युग से की, जो यह संकेत देता है कि हम एक बड़े डिजिटल परिवर्तन की दहलीज पर खड़े हैं। फिंक ने एक वैश्विक सेटलमेंट लेयर की आवश्यकता पर जोर दिया जो लेनदेन को तत्काल और पारदर्शी बना सके। संस्थागत स्वीकार्यता के इस दौर में दीर्घकालिक अनुमान भी काफी उत्साहजनक हैं; विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक टोकनाइज्ड संपत्तियों का बाजार आकार 2 ट्रिलियन डॉलर के आधारभूत परिदृश्य से लेकर 16 ट्रिलियन डॉलर के आशावादी अनुमान तक पहुंच सकता है।

बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा करते हुए, दावोस में विशेषज्ञों के बीच एक आम सहमति बनी कि स्टेबलकॉइन्स पारंपरिक वित्त (TradFi) और विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) के बीच एक सेतु का काम करेंगे। प्रमुख परामर्श फर्मों के अनुसार, यह संरचनात्मक विकास बाजार के उतार-चढ़ाव वाले सट्टा चक्रों की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण और स्थायी होगा। वर्तमान में, एथेरियम प्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में अपनी बादशाहत बरकरार रखे हुए है। ब्लैकरॉक द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, टोकनाइज्ड RWA की कुल लॉक की गई वैल्यू (TVL) में एथेरियम की हिस्सेदारी 65% से अधिक है। इस संस्थागत गति को 2025 के दौरान अमेरिका और कई यूरोपीय देशों में मिली विनियामक स्पष्टता से काफी बल मिला है।

विनियामक परिदृश्य की बात करें तो, जुलाई 2025 में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'GENIUS Act' पर हस्ताक्षर किए। इस कानून ने भुगतान स्टेबलकॉइन्स के लिए एक ठोस संघीय ढांचा प्रदान किया, जिसके तहत जारीकर्ताओं के लिए बैंक गोपनीयता अधिनियम (BSA) का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया। इस कानून की एक प्रमुख शर्त यह है कि स्टेबलकॉइन्स को अमेरिकी डॉलर या ट्रेजरी बॉन्ड जैसी अत्यधिक तरल संपत्तियों के साथ 100% आरक्षित रखना होगा। इसके अलावा, यह कानून किसी भी दिवालियापन की स्थिति में स्टेबलकॉइन धारकों के हितों को प्राथमिकता देता है। हालांकि, बाजार की व्यापक संरचना से संबंधित 'Digital Asset Market Clarity Act' (CLARITY Act) जनवरी 2026 तक अमेरिकी सीनेट में लंबित था, जबकि इसे जुलाई 2025 में ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा पारित किया जा चुका था।

नियमों के विकास के साथ-साथ, वित्तीय क्षेत्र के दिग्गज कस्टोडियन भी सक्रिय रूप से नई तकनीकों को अपना रहे हैं। बीएनवाई मेलन (BNY Mellon) ने अपने संस्थागत ग्राहकों के लिए टोकनाइज्ड डिपॉजिट का उपयोग करके ब्लॉकचेन पर फंड ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू की है, जो 24/7 और प्रोग्रामेबल सेटलमेंट सुनिश्चित करता है। यह पहल इस व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है कि क्रिप्टो उद्योग का भविष्य अब सट्टेबाजी पर नहीं, बल्कि ठोस संरचनात्मक सुधारों पर टिका है। फोरम के दौरान प्रस्तुत विश्लेषणों ने स्पष्ट किया कि टोकनाइजेशन वास्तव में संपत्तियों का उनके आर्थिक चालकों में विघटन है, जो न केवल पारदर्शिता बढ़ाता है बल्कि मूल्य निर्धारण को भी अधिक सटीक बनाता है। अंततः, इस बाजार की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए वैश्विक स्तर पर विनियामक सामंजस्य सबसे महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।

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स्रोतों

  • Bitcoinist.com

  • McKinsey

  • The World Economic Forum

  • Congress.gov

  • The White House (Archives)

  • Binance

  • RWA.io

  • Elliptic

  • RWA.xyz

  • Trending Topics

  • Cryptonews.net

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