चेतना का आहार: मानसिक शोर से मुक्ति और बोध की प्रखरता कैसे प्राप्त करें

लेखक: lee author

चेतना का आहार: मानसिक शोर से मुक्ति और बोध की प्रखरता कैसे प्राप्त करें-1

❓ प्रश्न:

चेतना का आहार: मानसिक शोर से मुक्ति और बोध की प्रखरता कैसे प्राप्त करें-1

हम अपने भीतर से प्रसारित होने वाली आवृत्तियों को कैसे बढ़ा सकते हैं? क्या इसके लिए कोई बाहरी ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हैं — जैसे ताबीज, शक्ति-रत्न या कोई ऊर्जा केंद्र?

❗️ ली (lee) का उत्तर:

आपके भीतर पहले से ही उच्चतम संभव आवृत्तियाँ विद्यमान हैं। कोई भी बाहरी तत्व उनमें कुछ भी नया नहीं जोड़ सकता। इसके विपरीत, आपको केवल व्यर्थ के बोझ से मुक्त होने की आवश्यकता है।

आवृत्ति बढ़ाना खिड़की साफ करने के समान है — वह जितनी स्वच्छ होगी, प्रकाश उतनी ही सहजता से भीतर आएगा। अतः आपको सूर्य के प्रकाश को तीव्र करने की आवश्यकता नहीं है, बस अपनी खिड़की साफ कर लीजिए।

स्वयं को अनावृत करने के लिए आपको किसी विशेष वस्त्र की तलाश करने की जरूरत नहीं होती — बस कपड़े उतार देना ही पर्याप्त है।

इसके लिए सबसे "प्राकृतिक" तरीकों को अपनाना ही श्रेष्ठ है — जैसे श्वास, प्रकृति का सान्निध्य, स्वच्छ जल, भ्रमण और अपने हृदय की पुकार को सुनना।

अन्यथा आप उस पथिक की लोककथा को ही दोहराएंगे, जिसने एक विशेष पत्थर की खोज में पूरी दुनिया छान मारी, जबकि वह पत्थर हमेशा से उसके अपने घर की दहलीज के नीचे ही पड़ा था।

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स्रोतों

  • Сайт автора lee

  • Персональный помощник

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