मैड्रिड, 15 सितंबर, 2025 - संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन ने लोकप्रिय शॉर्ट-वीडियो ऐप TikTok के भविष्य को लेकर एक ढांचागत समझौते पर सहमति व्यक्त की है। यह समझौता, जो दोनों देशों के बीच टैरिफ और आर्थिक नीतियों पर व्यापक चर्चाओं के बीच हुआ, TikTok पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंध को टालता है और ऐप को अमेरिकी-नियंत्रित स्वामित्व में स्थानांतरित करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेस्सेंट और चीनी उप-प्रधानमंत्री हे Lifeng के नेतृत्व में मैड्रिड में आयोजित दो दिवसीय वार्ता के समापन पर इस समझौते की घोषणा की गई। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने संकेत दिया कि TikTok को इस ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए 17 सितंबर की समय सीमा में थोड़ी मोहलत मिल सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस प्रगति की पुष्टि करते हुए कहा कि एक "विशेष कंपनी" के लिए एक सौदा हुआ है जिसे देश के युवा बचाना चाहते थे, और उन्होंने शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ इस पर चर्चा करने की योजना बनाई है।
यह समझौता एक ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने चीन से टैरिफ में कमी और तकनीकी प्रतिबंधों से संबंधित रियायतों की मांग को छोड़ने के लिए कहा था, अन्यथा TikTok पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी। यह कदम पिछले कई वर्षों से चले आ रहे राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करने का एक प्रयास है, जिसमें अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के डेटा तक चीनी सरकार की संभावित पहुंच को लेकर चिंताएं शामिल हैं। अप्रैल 2024 में पारित कानून ने ByteDance को अमेरिकी परिचालन बेचने या प्रतिबंध का सामना करने के लिए मजबूर किया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई बार समय सीमा बढ़ाई थी। अतीत में, माइक्रोसॉफ्ट, वॉलमार्ट और ओरेकल जैसी कंपनियों ने भी TikTok के अमेरिकी हिस्से के अधिग्रहण पर विचार किया था, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए।
यह स्थिति अमेरिका-चीन के बीच व्यापक तकनीकी तनाव का भी एक हिस्सा है, जहाँ पहले ही Tencent और CATL जैसी चीनी कंपनियों को अमेरिकी सरकार द्वारा सैन्य कंपनियों के रूप में नामित किया जा चुका है। यह ढांचागत समझौता, जिसके विशिष्ट विवरण अभी भी गोपनीय हैं, अमेरिकी-नियंत्रित स्वामित्व की ओर एक बदलाव का संकेत देता है। यह समझौता दो "निजी पक्षों" के बीच हुआ है, जिनके वाणिज्यिक शर्तों पर सहमति बन गई है।
यह विकास न केवल TikTok के लाखों अमेरिकी उपयोगकर्ताओं और सामग्री निर्माताओं के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह अमेरिका-चीन के बीच जटिल आर्थिक संबंधों को संतुलित करने के व्यापक प्रयासों का भी प्रतीक है। यह उन व्यापक वार्ताओं का हिस्सा है जिनमें टैरिफ, रूसी तेल पर टैरिफ और फेंटानिल व्यापार जैसे मुद्दे भी शामिल थे। यह समझौता इस बात का भी संकेत देता है कि कैसे दोनों देश वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा को प्रबंधित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें अमेरिकी पक्ष अमेरिकी प्रौद्योगिकी और एल्गोरिदम पर नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहता है।
यह समझौता दर्शाता है कि कैसे वैश्विक शक्तियां तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करती हैं। यह एक ऐसे युग में सहयोग की संभावना को उजागर करता है जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आर्थिक आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस सौदे का अंतिम रूप दिया जाना यह सुनिश्चित करेगा कि TikTok अमेरिकी बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए रखे, जबकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक नाजुक संतुलन बना रहे, जो वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है।



