सोमवार, 15 दिसंबर, 2025 को बर्लिन के चांसलरी कार्यालय में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच गहन कूटनीतिक प्रयास हुए, जिनका उद्देश्य 2025 के अंत तक यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति योजना को अंतिम रूप देना था। यह वार्ता रविवार, 14 दिसंबर, 2025 को हुए पांच घंटे से अधिक के सत्र के बाद जारी रही, जिसमें अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जारेड कुशनर शामिल थे। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने इन वार्ताओं की मेजबानी की और सोमवार को इसे "वास्तविक शांति प्रक्रिया के लिए एक मौका" बताया, जो 2022 में रूस के बड़े पैमाने पर आक्रमण की शुरुआत के बाद से सबसे करीब है।
वार्ता का एक महत्वपूर्ण मोड़ यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा नाटो सदस्यता की आकांक्षाओं को छोड़ने का संकेत देना था, जिसके बदले में अमेरिका, कनाडा और जापान जैसे सहयोगियों से नाटो के अनुच्छेद 5 के समान बाध्यकारी द्विपक्षीय सुरक्षा गारंटी की मांग की गई। ज़ेलेंस्की ने इस कदम को यूक्रेन की ओर से एक बड़ा समझौता बताया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में क्षेत्रीय रियायतें स्वीकार्य नहीं होंगी और यह वर्तमान अग्रिम मोर्चों पर आधारित होगा। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस सुरक्षा पैकेज में अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेन में तैनात नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्होंने इसे "सबसे मजबूत" और "प्लैटिनम मानक" गारंटी बताया, जिसके लिए राष्ट्रपति ट्रम्प सीनेट से अनुमोदन प्राप्त करने के इच्छुक हैं।
यूरोपीय नेताओं ने भी इस प्रगति का स्वागत किया और सोमवार शाम को एक व्यापक शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद थी, जिसमें पोलैंड के प्रधान मंत्री डोनाल्ड टस्क और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें एक यूरोपीय-नेतृत्व वाली 'बहुराष्ट्रीय बल' (Coalition of the Willing) की स्थापना के लिए प्रतिबद्धता जताई गई, जिसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त होगा। इस बल का उद्देश्य युद्धविराम के बाद यूक्रेनी सेना के पुनर्जनन, हवाई क्षेत्र और समुद्रों को सुरक्षित करने में सहायता करना होगा, जिसमें यूक्रेन के भीतर संचालन भी शामिल हो सकता है। संयुक्त बयान के अनुसार, यूक्रेन की शांति काल की सैन्य शक्ति 800,000 सैनिकों के स्तर पर बनाए रखने के लिए निरंतर और महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करने पर भी सहमति बनी।
जमे हुए रूसी संपत्तियों के उपयोग पर भी प्रगति दर्ज की गई, हालांकि यूरोपीय संघ के भीतर इस पर अभी भी मतभेद हैं, क्योंकि बेल्जियम कानूनी देनदारी के डर से विरोध कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक का अनुमान है कि यूक्रेन के पुनर्निर्माण की लागत लगभग 400 बिलियन यूरो होगी, और समर्थक चाहते हैं कि रूस अपनी जब्त की गई संपत्तियों से इसका भुगतान करे। रूसी विशेषज्ञ फ्योदोर लुक्यानोव ने पहले यह दावा किया था कि मॉस्को दावा किए गए क्षेत्रों पर कोई रियायत नहीं देगा, जबकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गंभीर शांति निर्णयों का स्वागत किया लेकिन "समय बर्बाद करने के उद्देश्य से की गई चालों" के खिलाफ चेतावनी दी।
हालांकि, कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित बने हुए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख क्षेत्रीय विवाद है, जिस पर ज़ेलेंस्की ने कोई समझौता करने से इनकार कर दिया है। इसके अतिरिक्त, यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी सुरक्षा गारंटी को अमेरिकी सीनेट द्वारा संधि की तरह अनुमोदित किया जाएगा या नहीं, क्योंकि इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। यह वार्ताएं ऐसे समय में हो रही हैं जब रूस ने हाल ही में यूक्रेन के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज किए हैं, जैसे कि 14-15 दिसंबर, 2025 की रात को नोवोरोस्सिय्स्क में एक रूसी किलो-क्लास पनडुब्बी पर यूयूवी हमला हुआ था। यह कूटनीतिक प्रयास, जो युद्ध समाप्त करने के लिए एक नाजुक मार्ग का संकेत देता है, रूस की अंतिम स्वीकृति और क्षेत्रीय स्थिति पर निर्भर करता है।



