हाल ही में कीव पर हुए विनाशकारी रूसी हवाई हमलों के जवाब में, फ्रांस और जर्मनी ने यूक्रेन को अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का संकल्प लिया है। यह घोषणा दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आई है, जो यूरोप की ओर से यूक्रेन को निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ट्ज़ ने टूलॉन, फ्रांस में मुलाकात की। उन्होंने यूक्रेन के साथ रणनीतिक सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और विशेष रूप से वायु रक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह कदम कीव पर हुए हालिया बड़े पैमाने के हमलों के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें कम से कम 23 लोगों की जान गई और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल सहित कई महत्वपूर्ण इमारतों को नुकसान पहुंचा। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था, जो यूक्रेन की राजधानी के लिए एक गंभीर खतरा पेश करते हैं। यूरोपीय संघ की ओर से, विदेश मामलों की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोप को यूक्रेन की सुरक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका की अपेक्षाओं को देखते हुए। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के रक्षा मंत्रियों ने एक युद्धविराम की स्थिति में यूक्रेन के भीतर ही सैन्य प्रशिक्षण मिशनों का विस्तार करने के लिए व्यापक समर्थन व्यक्त किया है। यूरोपीय संघ पहले से ही यूक्रेन के सैन्य प्रशिक्षण में एक प्रमुख भागीदार रहा है, जिसने अब तक 80,000 से अधिक सैनिकों को प्रशिक्षित किया है।
हालिया हमलों की भयावहता को देखते हुए, जिसमें लगभग 600 ड्रोन और 31 मिसाइलें शामिल थीं, फ्रांस और जर्मनी ने रूस के खिलाफ और कड़े प्रतिबंधों की भी मांग की है। उनका मानना है कि इन उपायों से रूस पर अधिकतम दबाव डाला जा सकता है ताकि वह यूक्रेन के खिलाफ अपना आक्रामक युद्ध समाप्त करे। यूरोपीय संघ ने युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन को 63 बिलियन यूरो से अधिक की सैन्य सहायता प्रदान की है, जिसमें 2025 के लिए 25 बिलियन यूरो का योगदान शामिल है।
यह संयुक्त कार्रवाई यूरोप की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दर्शाता है कि यूरोप अपनी सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है, जो अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुरूप है। इस तरह के कदम न केवल यूक्रेन की रक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि यूरोप में एक एकीकृत सुरक्षा दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देते हैं, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक है। फ्रांस और जर्मनी द्वारा वायु रक्षा सहायता में वृद्धि और यूरोपीय संघ द्वारा प्रशिक्षण मिशनों के विस्तार का निर्णय यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन है। यह यूरोप की बढ़ती रणनीतिक स्वायत्तता और साझा सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, जो यूक्रेन को शांति और स्थिरता की ओर ले जाने के सामूहिक प्रयास को बल देता है।