DREVO - ENKARAPISTA
एनकारपिस्टा' ड्रेवो: वह रहस्यमय शब्द जिसने संगीत जगत में धूम मचा दी
द्वारा संपादित: Inna Horoshkina One
यूक्रेनी कलाकार ड्रेवो (मैक्सिम डेरेव्यानचुक), जो वाराश के मूल निवासी हैं, ने 2026 की शुरुआत एक ऐसे ट्रैक के साथ की है जो एक नए मूड के प्रवेश द्वार जैसा लगता है: 'एनकारपिस्टा'। यह गाना 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुआ था, और इसके बाद इसकी सफलता की रफ्तार तेज़ी से बढ़ी। अगले ही दिन यह गाना यूक्रेनी यूट्यूब चार्ट्स में दूसरे स्थान पर पहुँच गया, और 30 दिसंबर तक इसने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
ड्रेवो का यह ट्रैक सिर्फ़ संगीत के कारण ही नहीं, बल्कि 'एनकारपिस्टा' शब्द के कारण भी श्रोताओं के दिलों में उतर गया। यह शब्द रोज़मर्रा की यूक्रेनी भाषा का हिस्सा नहीं लगता। ड्रेवो जानबूझकर रहस्य बनाए रखते हैं और इसका सीधा स्पष्टीकरण नहीं देते, मानो वे श्रोताओं को संगीत की ध्वनि में ही इसका अर्थ खोजने के लिए आमंत्रित कर रहे हों। इस रहस्य ने चर्चाओं को जन्म दिया, जिसमें इसे कलाकार द्वारा गढ़ा गया नया शब्द (नियोलॉजिज़्म) बताया गया, तो कुछ लोगों ने इसे रोमांस भाषाओं, जैसे पुर्तगाली या कैटलन, से मिलती-जुलती ध्वनियों से जोड़ा।
यह पहलू अत्यंत महत्वपूर्ण है: जब किसी शब्द का स्पष्ट अनुवाद मौजूद नहीं होता, तो वह 'शुद्ध ध्वनि' बन जाता है। और शुद्ध ध्वनि सीमाओं को आसानी से पार कर जाती है। गाना एक हावभाव, एक लय, एक विशेष मनोदशा के रूप में जीना शुरू कर देता है। यह एक ऐसा आकर्षण पैदा करता है जो भाषाई बाधाओं से परे होता है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर श्रोताओं से जुड़ पाता है।
कलाकार का पृष्ठभूमि संदर्भ
ड्रेवो पहले से ही एक मजबूत पहचान बना चुके थे। उन्होंने यूरोविज़न के लिए यूक्रेनी राष्ट्रीय चयन 'विडबिर 2024' में 'एंडलेस चेन' गाने के साथ फाइनल में जगह बनाई थी। यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा का प्रमाण थी।
अब, 'एनकारपिस्टा' की सफलता ड्रेवो के करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाती है। यह सिर्फ़ एक सफल रिलीज़ नहीं है, बल्कि वह क्षण है जब कलाकार और श्रोताओं की भावनाएं एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खा गईं। यह संयोग नहीं, बल्कि एक कलात्मक तालमेल था जिसने इस गाने को इतनी ऊँचाई दी।
ध्वनि जगत में इसका योगदान
यह रिलीज़ संगीत की दुनिया में 'नए प्रकार के हिट' को जोड़ता है। यह हिट ऐसा है जिसका अर्थ 'समझ में आने वाले शब्दों' से नहीं, बल्कि गूंज, लय, स्वर, रहस्य और उस अनुभूति से उत्पन्न होता है कि आपने कोई खास संकेत पकड़ लिया है।
आज की दुनिया में संगीत का अनुभव अनुवाद के बजाय 'लय और लहजे' पर अधिक निर्भर करता है। 'एनकारपिस्टा' ठीक ऐसा ही एक संकेत बन गया है: संक्षिप्त, थोड़ा अजीब, आसानी से पहचाना जाने वाला और जीवंत। यह दर्शाता है कि संगीत की शक्ति अब शाब्दिक अर्थों से कहीं ज़्यादा गहरी और भावनात्मक हो गई है, जो सीधे श्रोता के अंतर्मन को छूती है। यह एक ऐसा उदाहरण है जहाँ संगीत ने भाषा की सीमाओं को लांघकर अपनी जगह बनाई है।
स्रोतों
Hochu.ua
VERTEX AI Search
VERTEX AI Search
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Район.in.ua
Obozrevatel



