रालिट्ज़ा पेट्रोवा की फिल्म 'लस्ट' का 76वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 'फोरम' सेक्शन में होगा वर्ल्ड प्रीमियर

द्वारा संपादित: An goldy

बुल्गारिया की जानी-मानी फिल्म निर्देशक रालिट्ज़ा पेट्रोवा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के मंच पर अपनी नई कृति 'लस्ट' (Lust) के साथ वापसी कर रही हैं। इस फिल्म का बहुप्रतीक्षित वर्ल्ड प्रीमियर आगामी 76वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान किया जाएगा। यह वैश्विक फिल्म समारोह 12 फरवरी से 22 फरवरी, 2026 तक आयोजित होना तय हुआ है। 'लस्ट' को महोत्सव के 'फोरम' अनुभाग में शामिल किया गया है, जो अपनी परंपरा के अनुसार स्वतंत्र विचारधारा वाले और कलात्मक रूप से साहसी सिनेमा को एक विशेष मंच प्रदान करता है। पेट्रोवा की यह फिल्म इस श्रेणी में अपनी अनूठी कहानी और प्रस्तुति के कारण विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

निर्माण के दृष्टिकोण से, यह फिल्म बुल्गारिया, डेनमार्क और स्वीडन के बीच एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय को-प्रोडक्शन है। इस परियोजना में बुल्गारिया की 'अपोरिया फिल्मवर्क्स' (Aporia Filmworks) और 'स्क्रीनिंग इमोशंस' (Screening Emotions) जैसी कंपनियों ने सक्रिय भागीदारी की है। इसके अलावा, डेनमार्क की 'स्नोग्लोब' (Snowglobe) से निर्माता ईवा जैकबसन और स्वीडन की 'सिल्वर फिल्म्स' (Silver Films) से निर्माता अन्ना बायवाल्ड ने इस फिल्म को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म का निर्माण कुल 731,800 यूरो के बजट के साथ किया गया है। इसकी शूटिंग 2023 की शरद ऋतु में सोफिया शहर में संपन्न हुई थी, जिसे पूरा करने में 32 दिनों का समय लगा। फिल्म का कुल रनटाइम 77 मिनट है, जो दर्शकों को एक सघन और प्रभावशाली सिनेमाई अनुभव प्रदान करने का वादा करता है।

फिल्म की केंद्रीय पात्र लिलीआना है, जिसकी भूमिका अभिनेत्री स्नेझाना मिखाइलोवा ने बड़ी कुशलता से निभाई है। लिलीआना मनोचिकित्सा की पढ़ाई कर रही एक छात्रा है, जिसका जीवन पूरी तरह से नियमों और नैदानिक अनुशासन में बंधा हुआ है। वह अपने शरीर, भावनाओं और अपनी हर इच्छा पर एक कठोर नियंत्रण बनाए रखती है। हालांकि, कहानी तब एक नया मोड़ लेती है जब उसे अपने पिता के निधन के बाद पारिवारिक मामलों को सुलझाने के लिए घर लौटना पड़ता है। वहां उसे न केवल वित्तीय ऋणों का सामना करना पड़ता है, बल्कि वह प्रशासनिक और संस्थागत सुस्ती के बीच भी फंस जाती है। यह फिल्म एक 'मिड-लाइफ कमिंग-ऑफ-एज' साइकोड्रामा है, जो यह दर्शाती है कि कैसे एक पिता की अनुपस्थिति जीवन के पुराने नियंत्रणों को तोड़कर मुक्ति के नए द्वार खोल सकती है।

फिल्म के दृश्यों को सिनेमैटोग्राफर जुलियन अतानासोव ने अपनी कला से संवारा है, जिनकी शैली को उनके स्थिर और तपस्वी जैसे कंपोजिशन के लिए पहचाना जाता है। फिल्म के मुख्य कलाकारों में मिखाइलोवा के साथ निकोला मुताफोव, मिखाइल मिलचेव और एलेक्सिस आत्मादजोव जैसे नाम शामिल हैं। 'लस्ट' शारीरिकता और बंधनों से मुक्ति के विषयों को गहराई से छूती है। फिल्म में 'शिबारी' (जापानी बॉन्डेज) के अभ्यास को कामुकता के बजाय एक उपचारात्मक पद्धति के रूप में पेश किया गया है। यह चित्रण नायिका के लंबे समय से चले आ रहे ब्रह्मचर्य के संकल्प और उसकी आंतरिक घुटन के बीच एक जबरदस्त विरोधाभास पैदा करता है, जो फिल्म को एक दार्शनिक गहराई प्रदान करता है।

रालिट्ज़ा पेट्रोवा की पिछली फिल्म 'गॉडलेस' (2016) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाई थी, जिसने लोकार्नो में प्रतिष्ठित 'गोल्डन लेपर्ड' के साथ-साथ 27 अन्य पुरस्कार अपने नाम किए थे। जहाँ 'गॉडलेस' अपने कठोर सामाजिक यथार्थवाद के लिए जानी गई थी, वहीं 'लस्ट' को एक अधिक सूक्ष्म, परिष्कृत और औपचारिक रूप से सुदृढ़ कलाकृति के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इस फिल्म के विकास की नींव पेट्रोवा ने 'DAAD आर्टिस्ट्स-इन-बर्लिन' और 'निपकोव प्रोग्राम' जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रेजिडेंसी के दौरान रखी थी। यह फिल्म न केवल उनके निर्देशन कौशल की परिपक्वता को दर्शाती है, बल्कि समकालीन यूरोपीय सिनेमा में उनके बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करती है।

6 दृश्य

स्रोतों

  • Стандарт - Новини, които си струва да споделим

  • Berlinale

  • Национален Филмов Център

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