18 जनवरी, 2026 को मिलान फैशन वीक के वैश्विक मंच पर, विश्व प्रसिद्ध इतालवी फैशन हाउस प्राडा ने अपने आगामी फॉल/विंटर 2026 पुरुष संग्रह का भव्य प्रदर्शन किया। इस शो ने फैशन जगत के दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया, जहाँ मिउकिया प्राडा और राफ सिमंस की जोड़ी ने "बिफोर एंड नेक्स्ट" (Before and Next) के शीर्षक तले अपनी अनूठी रचनात्मकता को पेश किया। यह अवधारणा अतीत की यादों और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक कलात्मक पुल बनाने का काम करती है, जो आधुनिक पुरुषत्व की एक नई और विचारोत्तेजक परिभाषा पेश करती है।
इस संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बनावट में शुद्धता और विखंडन (deconstruction) का अद्भुत संतुलन है। डिजाइनरों ने पारंपरिक सिलाई के नियमों को दरकिनार करते हुए ऐसी रूपरेखा तैयार की है जो लंबी और बेहद सटीक है। ये परिधान न केवल पहनने वाले की शारीरिक मुद्रा को निखारते हैं, बल्कि पुरुष परिधानों के सदियों पुराने मानदंडों को भी कड़ी चुनौती देते हैं। संग्रह के मुख्य आकर्षणों में ऊंचे बटनों वाले लंबे कोट और क्लासिक ट्रेंच कोट शामिल थे, जिन्हें चमकीले और रंगीन केप्स के साथ जोड़कर एक आधुनिक और साहसी मोड़ दिया गया है।
कलात्मकता के स्तर पर, इस संग्रह में कपड़ों के साथ एक अनूठा प्रयोग किया गया है जो देखने वालों को आश्चर्यचकित करता है। इसमें घिसे हुए कपड़ों की बनावट, शर्ट के कफ पर जानबूझकर बनाया गया "गंदा" प्रभाव और जंपर्स में गहरे कटआउट का उपयोग करके एक अधूरा लेकिन प्रभावशाली लुक तैयार किया गया है। इस शैली को निखारने के लिए 'पेंटिमेंटो' (Pentimento) नामक एक इतालवी कलात्मक तकनीक का सहारा लिया गया है। जिस तरह एक पुरानी पेंटिंग की ऊपरी परत के नीचे कलाकार के मूल सुधार और पुरानी रेखाएं दिखाई देती हैं, उसी तरह इन कपड़ों में भी परतों के माध्यम से समय और परिवर्तन की कहानी को दर्शाया गया है, जहाँ ऊपरी परत के हटने से नीचे की वास्तविकता उजागर होती है।
हालांकि इस संग्रह की कलात्मक गहराई की विशेषज्ञों द्वारा सराहना की जा रही है, लेकिन डिजिटल दुनिया में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्राडा की इस बात के लिए आलोचना की जा रही है कि उन्होंने रैंप पर बहुत ही दुबले-पतले मॉडलों को उतारा है। आलोचकों और फैशन ब्लॉगर्स का कहना है कि ये कपड़े इतने तंग और शरीर से चिपके हुए हैं कि उन्हें पहनने के लिए किसी व्यक्ति को 'ओज़ेम्पिक' (Ozempic) जैसी दवाओं के कोर्स की जरूरत पड़ सकती है। यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी फैशन उद्योग में शारीरिक छवि और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता और चिंताओं को उजागर करती है।
इन तमाम विवादों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बावजूद, प्राडा प्रबंधन ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। फैशन जगत के जानकारों का मानना है कि इस तरह की आलोचनाएं अक्सर बड़े लग्जरी ब्रांडों के साथ जुड़ी रहती हैं और इससे संग्रह की व्यावसायिक सफलता या ब्रांड की प्रतिष्ठा पर कोई खास नकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। अंततः, प्राडा का यह फॉल/विंटर 2026 संग्रह अपनी नवीनता और साहसी दृष्टिकोण के कारण फैशन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा, जो मिलान की सड़कों से लेकर वैश्विक बाजारों तक अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए तैयार है।


