संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने 18 नवंबर, 2025 को एपस्टीन फ़ाइलों की पारदर्शिता अधिनियम (Epstein Files Transparency Act) को भारी बहुमत से पारित कर दिया। यह विधायी निर्णय, जो 427 मतों के मुकाबले केवल 1 मत से पारित हुआ, न्याय विभाग (DOJ) को यह अनिवार्य करता है कि वह जेफरी एपस्टीन से संबंधित सभी गैर-वर्गीकृत सामग्रियों को कानून पर हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक करे। इस कदम को पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस अधिनियम के तहत, अटॉर्नी जनरल को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर उन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण व्यक्तियों की एक सूची प्रदान करें जो एपस्टीन से जुड़े थे। गौरतलब है कि इससे पहले, पाम बॉन्डी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि एपस्टीन के ग्राहकों की सूची “उनके मेज पर रखी है” और वह उस पर विचार कर रही हैं। इस महत्वपूर्ण पहल को प्रतिनिधि थॉमस मैसी (केंटकी से रिपब्लिकन) और रो खन्ना (कैलिफ़ोर्निया से डेमोक्रेट) द्वारा संयुक्त रूप से पेश किया गया था, जो द्विदलीय सहयोग को दर्शाता है।
हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरुआत में इस कानून का विरोध किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी स्थिति बदल ली। इस बदलाव के बावजूद, इस कानून को व्यापक द्विदलीय समर्थन प्राप्त हुआ। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने भी इस विधेयक का समर्थन किया, हालांकि उन्होंने पीड़ितों की गोपनीयता की सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं। यह दर्शाता है कि जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए, राजनीतिक गलियारों में भी इस पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
प्रतिनिधि सभा में मतदान “नियमों के निलंबन” की प्रक्रिया के तहत हुआ, जिसके लिए इसे पारित करने हेतु दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। अंतिम मतों की गणना में 427 मत 'पक्ष' में और केवल एक मत 'विपक्ष' में पड़ा। विपक्ष में मत डालने वाले एकमात्र प्रतिनिधि क्ले हिगिंस थे, जिन्होंने तर्क दिया कि निर्दोष गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ जानकारी को गोपनीय रखना आवश्यक है। इस प्रक्रिया ने कानून के प्रति सदन के मजबूत संकल्प को रेखांकित किया।
एपस्टीन के पीड़ितों द्वारा किए गए पारदर्शिता प्रयासों ने इस कानून को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इन प्रयासों में प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ उनका सहयोग शामिल था। प्रतिनिधि एडेलिटा ग्रिजाल्वा ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए, जिसने मतदान को आगे बढ़ाने और विचार-विमर्श को तेज करने की अनुमति दी। पीड़ितों के सहयोग और सक्रियता ने इस बात पर जोर दिया कि यह कानून केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही का मामला है।
अपेक्षित है कि इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से एपस्टीन के प्रभाव के पैमाने पर प्रकाश पड़ेगा। इन सामग्रियों में 2008 से संबंधित दस्तावेज और 2019 में एपस्टीन की मृत्यु की परिस्थितियों से जुड़े विवरण शामिल हैं। अब यह कानून सीनेट में विचार के लिए जाएगा। सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून ने कथित तौर पर इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि जैसे ही यह औपचारिक रूप से प्रतिनिधि सभा से हस्तांतरित होगा, इसे सर्वसम्मत सहमति से पारित कर दिया जाएगा। इससे यह कानून स्वचालित रूप से राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।
इस पूरी चर्चा का केंद्र बिंदु पीड़ितों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए आवश्यक संपादन (Redactions) और पूर्ण पारदर्शिता के सार्वजनिक अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करना है। हालांकि, कानून स्पष्ट रूप से “असुविधा, प्रतिष्ठा को नुकसान, या राजनीतिक संवेदनशीलता” के कारणों से संपादन पर प्रतिबंध लगाता है। प्रतिनिधि रो खन्ना ने इस कानून के पारित होने को “एपस्टीन वर्ग के लिए वास्तविक हिसाब-किताब का दिन” बताया, जो इस बात का संकेत है कि अब शक्तिशाली लोगों को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।

