मस्तिष्क के 'आने वाले' संकेतों को वास्तविक समय में देखने की अनुमति देने वाला नया प्रोटीन सेंसर

द्वारा संपादित: Maria Sagir

एलन इंस्टीट्यूट और एचएचएमआई के जेनीलिया रिसर्च कैंपस के शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रोटीन विकसित किया है जो न्यूरॉन्स से आने वाले रासायनिक संकेतों को सीधे दर्ज करने की क्षमता रखता है। यह मस्तिष्क गतिविधि के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। इस ग्लूटामेट आणविक संकेतक को iGluSnFR4 नाम दिया गया है, और इसका उद्देश्य केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में प्रमुख उत्तेजक न्यूरोट्रांसमीटर, ग्लूटामेट के स्राव को सटीकता से पकड़ना है। इस महत्वपूर्ण शोध के निष्कर्ष हाल ही में नेचर मेथड्स पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं, जिसमें जीईएनआईई परियोजना की टीम ने भी सहयोग किया था।

इस नए सेंसर की मुख्य विशेषता इसकी अभूतपूर्व संवेदनशीलता है। यह सेंसर ग्लूटामेट का पता इतनी बारीकी से लगा सकता है कि यह एक व्यक्तिगत सिनैप्टिक पुटिका (synaptic vesicle) के स्तर तक की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसका अर्थ है कि यह न्यूरोट्रांसमीटर अणुओं की अलग-अलग खुराक के निकलने को भी रिकॉर्ड कर सकता है। इस कार्य के प्रमुख लेखकों में एलन इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कास्पर पोडगोर्स्की और जेनीलिया रिसर्च कैंपस के डॉ. जेरेमी हैसेमैन शामिल हैं।

डॉ. पोडगोर्स्की ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पहले वैज्ञानिक केवल मस्तिष्क से बाहर जाने वाले विद्युत आवेगों को ही ट्रैक कर पाते थे, जिससे मस्तिष्क के अंदरूनी कामकाज की हमारी समझ सीमित थी। यह नया उपकरण इस बाधा को दूर करता है। अब वैज्ञानिक सीधे तौर पर यह निगरानी कर सकते हैं कि न्यूरॉन्स सूचना कैसे प्राप्त कर रहे हैं। यह क्षमता स्मृति और संज्ञानात्मक कार्यों को आकार देने वाले इनपुट पैटर्न को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह एक तरह से मस्तिष्क के 'रिसीविंग एंड' को देखने जैसा है, जो पहले केवल अनुमान का विषय था।

सेंसर iGluSnFR4 दो अलग-अलग रूपों में उपलब्ध कराया गया है। पहला है iGluSnFR4f, जिसमें तेजी से निष्क्रिय होने की क्षमता है, जो तीव्र सिनैप्टिक गतिकी (fast synaptic dynamics) को ट्रैक करने के लिए आदर्श है। दूसरा है iGluSnFR4s, जिसमें निष्क्रिय होने की गति धीमी है, और यह सिनैप्स के बड़े समूहों की गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस सेंसर के विकास की प्रक्रिया में एक हजार से अधिक विभिन्न रूपों का विश्लेषण किया गया। इसके परीक्षण चूहों के विज़ुअल कॉर्टेक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में दो-फोटॉन माइक्रोस्कोपी का उपयोग करके किए गए थे। यह व्यापक परीक्षण इसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।

यह वैज्ञानिक उपलब्धि तंत्रिका-अपक्षयी (neurodegenerative) और मानसिक रोगों के अनुसंधान के लिए नए द्वार खोलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्लूटामेट सिग्नलिंग में अनियमितताएँ अल्जाइमर रोग, सिज़ोफ्रेनिया, ऑटिज़्म और मिर्गी जैसी स्थितियों से जुड़ी हुई हैं। इन संकेतों की अधिक सटीक ट्रैकिंग से इन विकारों के मूल कारणों की खोज और चिकित्सीय समाधानों के विकास में तेज़ी आ सकती है।

फार्मास्युटिकल कंपनियाँ अब प्रायोगिक दवाओं के प्रभावों को वास्तविक समय में सिनैप्टिक गतिविधि पर जाँच सकती हैं। खुले विज्ञान (open science) के सिद्धांतों के अनुरूप, iGluSnFR4 सेंसर को गैर-लाभकारी भंडार Addgene के माध्यम से शोध समुदाय के लिए उपलब्ध कराया गया है। यह कदम न्यूरोपिक्सल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी जैसी अत्याधुनिक कार्यप्रणाली में इसके त्वरित अंगीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे मस्तिष्क विज्ञान में क्रांति आने की संभावना है।

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स्रोतों

  • Notiulti

  • Scientific Inquirer

  • EurekAlert!

  • SciTechDaily

  • Allen Institute

  • Janelia Research Campus - Figshare

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