दस्तावेजी फिल्म निर्माता मार्क क्रिस्टोफर ली का दावा: डोनाल्ड ट्रंप करेंगे यूएफओ और एलियंस से जुड़े बड़े रहस्यों का खुलासा

लेखक: Tatyana Hurynovich

विषय को दर्शाने वाली एआई-जनित फोटो।

प्रसिद्ध वृत्तचित्र फिल्म निर्माता मार्क क्रिस्टोफर ली ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आगामी योजनाओं को लेकर एक अत्यंत सनसनीखेज और चौंकाने वाला दावा किया है। उनके अनुसार, ट्रंप एक ऐसे ऐतिहासिक संबोधन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं जो परग्रही जीवन और एलियंस के साथ मानवता के संपर्क के बारे में होगा। यह खबर न केवल अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बन गई है, बल्कि इसने उन लोगों के बीच भी भारी उत्सुकता पैदा कर दी है जो दशकों से यूएफओ के रहस्यों को जानने का प्रयास कर रहे हैं।

16 जनवरी, 2026 को डेली स्टार के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार के दौरान, यूएफओ शोधकर्ता और जाने-माने फिल्म निर्माता मार्क क्रिस्टोफर ली ने "वाशिंगटन के उच्च-स्तरीय सूत्रों" का हवाला देते हुए इस गोपनीय योजना का खुलासा किया। उन्होंने पुरजोर तरीके से दावा किया कि ट्रंप ने पहले ही एक ऐसा शक्तिशाली भाषण तैयार कर लिया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह "मानवता के इतिहास और भविष्य को हमेशा के लिए बदल कर रख देगा।" यह बहुप्रतीक्षित संबोधन कथित तौर पर 8 जुलाई, 2026 को निर्धारित किया गया है। यह तारीख विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह 1947 की कुख्यात रोसवेल घटना की ठीक 79वीं वर्षगांठ है, जब अमेरिकी सेना ने पहले एक "उड़न तश्तरी" मिलने की पुष्टि की थी और फिर रहस्यमय तरीके से अपना बयान बदल लिया था।

ली का यह भी अनुमान है कि ट्रंप इस बड़े खुलासे के लिए एक बहुत ही रणनीतिक समय का चयन करेंगे। वह समय होगा जब अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप (11 जून से 19 जुलाई, 2026) की मेजबानी कर रहे होंगे। इस वैश्विक खेल महाकुंभ के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान उत्तरी अमेरिका पर केंद्रित होगा, जिससे ट्रंप के इस संदेश को अभूतपूर्व वैश्विक पहुंच और प्रभाव मिल सकेगा। फिल्म निर्माता के अनुसार, इस भाषण का मुख्य उद्देश्य यूएफओ की वास्तविकता को स्वीकार करना, परग्रही सभ्यताओं के अस्तित्व की पुष्टि करना और संभवतः ब्रह्मांड में हमारे पहले आधिकारिक संपर्क की जानकारी साझा करना होगा।

इस विषय पर केवल मार्क क्रिस्टोफर ली ही अकेले आवाज नहीं उठा रहे हैं। एक अन्य प्रतिष्ठित वृत्तचित्र निर्माता डैन फारा, जो अपनी फिल्म "एज ऑफ डिस्क्लोजर" (Age of Disclosure) के लिए जाने जाते हैं, ने भी इसी तरह की संभावनाओं और अफवाहों की पुष्टि की है। फारा के अनुसार, वाशिंगटन के गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि सरकार के पास मौजूद गोपनीय फाइलों को अब और अधिक समय तक छिपाकर नहीं रखा जा सकता। इन दोनों विशेषज्ञों का मानना है कि यह खुलासा विज्ञान, दर्शन और धर्म के प्रति मानव जाति के पारंपरिक दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।

हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 2026 की समयसीमा और रोसवेल के साथ इसका ऐतिहासिक जुड़ाव इसे बेहद विश्वसनीय और रोमांचक बनाता है। यदि डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में इस तरह का कोई क्रांतिकारी खुलासा करते हैं, तो यह न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा क्षण होगा, बल्कि यह आधुनिक सभ्यता के लिए एक नए युग की शुरुआत भी हो सकता है। वर्तमान में, दुनिया भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और आम नागरिक 8 जुलाई, 2026 की उस तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो शायद ब्रह्मांड में हमारी स्थिति के बारे में सदियों पुराने सवालों का जवाब दे सके।

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