मालदीव्स फ्लोटिंग सिटी का निर्माण: डिज़ाइन और मॉड्यूलर प्लेटफ़ॉर्म की व्याख्या.
मालदीव फ्लोटिंग सिटी: जलवायु परिवर्तन के बीच हकीकत बनता दुनिया का पहला तैरता शहर
द्वारा संपादित: Irina Davgaleva
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जलस्तर की चुनौती का सामना करने के लिए दुनिया एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रयोग की साक्षी बन रही है। मालदीव की राजधानी माले के निकट स्थित एक विशाल लैगून में 'मालदीव फ्लोटिंग सिटी' (Maldives Floating City) का निर्माण कार्य अब अपनी पूर्ण गति में है। यह विश्व की पहली ऐसी बड़े पैमाने की परियोजना है जो समुद्र की लहरों पर तैरते हुए लगभग 20,000 लोगों के लिए एक सुरक्षित और आधुनिक आवासीय ठिकाना प्रदान करेगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा नीदरलैंड की प्रसिद्ध विशेषज्ञ संस्थाओं वॉटरस्टूडियो (Waterstudio) और डच डॉकलैंड्स (Dutch Docklands) ने मालदीव सरकार के साथ मिलकर तैयार की है। हालांकि इस क्रांतिकारी विचार पर पिछले एक दशक से अधिक समय से मंथन चल रहा था, लेकिन इसे आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद 2022 में निर्माण कार्य की वास्तविक शुरुआत हुई। लगभग 200 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला यह शहर ऊपर से देखने पर 'ब्रेन कोरल' (मस्तिष्क मूंगा) की आकृति जैसा प्रतीत होता है। इसमें षट्कोणीय (hexagonal) आकार के मॉड्यूलर प्लेटफॉर्मों का उपयोग किया गया है, जो आपस में नहरों और सुंदर पैदल पुलों के जरिए जुड़े हुए हैं। यहाँ करीब 5,000 से 7,000 निम्न-मंजिला घरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, स्कूल, व्यावसायिक कार्यालय, कैफे और हरित क्षेत्रों का निर्माण प्रस्तावित है।
इस तैरते शहर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनुकूलन क्षमता और स्थिरता है। इसके प्लेटफॉर्मों को इस विशेष तकनीक से समुद्र तल से जोड़ा गया है कि वे ज्वार-भाटे और समुद्री जलस्तर में होने वाले बदलावों के साथ ऊपर और नीचे हो सकें। इन तैरते ढांचों के नीचे कृत्रिम मूंगा चट्टानें (artificial reefs) विकसित की जा रही हैं, जो न केवल समुद्री जैव विविधता को बढ़ावा देंगी बल्कि कोरल के विकास में भी सहायक होंगी। इस प्रकार, यह शहर केवल समुद्र के ऊपर ही नहीं, बल्कि पानी के भीतर भी एक प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार बनेगा। लैगून की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह प्राकृतिक द्वीपों और चट्टानों से घिरा हुआ है, जिससे यहाँ का पानी हमेशा शांत रहता है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहाँ कारों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है; यातायात के लिए केवल पैदल मार्ग, साइकिल, इलेक्ट्रिक बग्गी और नावों का ही उपयोग किया जाएगा।
मार्च 2026 की वर्तमान स्थिति के अनुसार, लैगून में मॉड्यूलर इकाइयों को जोड़ने का काम निरंतर प्रगति पर है। कुछ आवासीय ब्लॉकों को पहले ही तैयार कर संभावित खरीदारों के लिए प्रदर्शित किया जा चुका है। उपग्रह से प्राप्त नवीनतम चित्रों में लैगून के भीतर हो रहे बदलावों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, हालांकि इसके निर्माण की गति को लेकर विशेषज्ञों के बीच चर्चाएं भी जारी हैं क्योंकि अभी शुरुआती चरणों के कुछ ही हिस्से रहने के लिए पूरी तरह तैयार हो पाए हैं। परियोजना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोग अपना पंजीकरण करा रहे हैं और जल्द ही इनकी बिक्री प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में ओशन बिल्डर्स (Ocean Builders) को इस परियोजना के पहले आधिकारिक आवासीय डेवलपर के रूप में नियुक्त किया गया था।
मालदीव फ्लोटिंग सिटी को केवल एक विलासितापूर्ण रिसॉर्ट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक बहुउद्देशीय बस्ती के रूप में विकसित हो रही है। इसका प्राथमिक लक्ष्य माले शहर में बढ़ती जनसंख्या और भूमि की कमी की समस्या का समाधान करना है। यहाँ स्थानीय मालदीववासियों के अलावा उन विदेशी नागरिकों को भी रहने का अवसर मिलेगा जिनके पास संपत्ति का स्वामित्व और निवास अधिकार होगा। यह स्थान उन 'डिजिटल नोमैड्स' और दूरस्थ काम करने वाले पेशेवरों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा जो प्रकृति के करीब रहकर काम करना चाहते हैं। पर्यटन के लिहाज से यह एक बिल्कुल नया अनुभव होगा, जहाँ सैलानी समुद्र के ऊपर बसे एक जीवंत समुदाय का हिस्सा बनकर अपनी छुट्टियां बिता सकेंगे।
मालदीव के पर्यटन आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी 2026 में देश ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जब एक ही महीने में 247,722 पर्यटक यहाँ पहुंचे। एक ही दिन में 10,000 से अधिक पर्यटकों का आगमन देश की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। यह फ्लोटिंग सिटी परियोजना मालदीव की उस व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देश पारंपरिक पर्यटन मॉडल से आगे बढ़कर स्थायी और टिकाऊ बस्तियों की ओर कदम बढ़ा रहा है। यहाँ आवास, शिक्षा, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा का एक ऐसा संगम देखने को मिलेगा जो भविष्य के शहरी जीवन की नींव रखेगा।
अंततः, मालदीव फ्लोटिंग सिटी उन देशों के लिए एक प्रेरणा है जो जलवायु परिवर्तन के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण विस्थापित होने का इंतजार करने के बजाय, मालदीव ने एक ऐसी बुनियादी संरचना खड़ी करने का साहस दिखाया है जो समुद्र के साथ सामंजस्य बिठाकर चलती है। यह तकनीक और प्रकृति के बीच संघर्ष के बजाय उनके सह-अस्तित्व की दिशा में एक मौन लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक कदम है।
स्रोतों
Canarias7
Reuters
Travel Trade Maldives
Xinhua
Trading Economics


