
तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली ने संसदीय बिल्लियों के लिए एक अत्याधुनिक विशेष परिसर का किया उद्घाटन
द्वारा संपादित: Katerina S.

अंकारा में स्थित तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली (GNAT) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल करते हुए 'कैट लाइफ एंड प्ले ज़ोन' (बिल्लियों के रहने और खेलने का क्षेत्र) नामक एक विशेष सुविधा का शुभारंभ किया है। इस आधुनिक परिसर का निर्माण मुख्य रूप से उन लगभग 65 बिल्लियों के लिए किया गया है, जो लंबे समय से संसद भवन के परिसर को अपना घर मानती रही हैं। यह परियोजना न केवल इन जानवरों को एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करती है, बल्कि तुर्की की विधायी संस्था के भीतर पशु कल्याण के प्रति एक नई संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
इस पूरी परियोजना का प्रबंधन और क्रियान्वयन तुर्की संसद के पार्क और उद्यान विभाग द्वारा किया गया है। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य उन बिल्लियों को एक व्यवस्थित वातावरण में लाना था, जो पहले पूरे संसदीय परिसर में अनियंत्रित रूप से घूमती रहती थीं। अब उन्हें एक विशेष रूप से तैयार किए गए क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसे दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें एक सुरक्षित आंतरिक कक्ष और एक विस्तृत बाहरी क्षेत्र शामिल है, जो बिल्लियों की प्राकृतिक प्रवृत्तियों, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की आवश्यकताओं को पूरी तरह से पूरा करता है।
सुविधा के आंतरिक भाग को बेहद सावधानी से तैयार किया गया है, जहाँ बिल्लियों के लिए विशेष रूप से इंसुलेटेड (ऊष्मारोधी) घर, आरामदायक बिस्तर, ग्रूमिंग स्टेशन और खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ स्वच्छता का उच्चतम स्तर बनाए रखने के लिए भोजन और पानी के स्थानों को नियमित रूप से कीटाणुरहित करने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, बीमार या चोटिल बिल्लियों के उपचार और उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए एक अलग पृथक चिकित्सा क्षेत्र भी बनाया गया है। बाहरी हिस्से में बिल्लियों के व्यायाम और मनोरंजन के लिए लकड़ी के बने विशेष बाधा दौड़ पथ (ऑब्स्टेकल कोर्स) स्थापित किए गए हैं, ताकि वे सक्रिय रह सकें।
इन 'संसदीय बिल्लियों' की चौबीसों घंटे देखभाल सुनिश्चित करने के लिए दो समर्पित कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले इन जानवरों की देखभाल काफी हद तक अनौपचारिक थी और यह संसद के अध्यक्षों के व्यक्तिगत निर्देशों पर निर्भर करती थी। उदाहरण के तौर पर, पूर्व अध्यक्ष मुस्तफा शेंटोप की पहल पर एक विशेष टीम बनाई गई थी जो इन बिल्लियों को दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराती थी। एक समय में, फोटो जर्नलिस्ट मुस्तफा और इंची इस्तेमी नामक दंपति इन बिल्लियों के मुख्य संरक्षक थे, लेकिन मुस्तफा की बढ़ती उम्र के कारण उन्होंने इन जानवरों के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद इस स्थायी समाधान की नींव रखी गई।
इस केंद्र की स्थापना तुर्की की सत्ता के गलियारों में रहने वाले इन मूक जीवों के प्रति एक पेशेवर और व्यवस्थित दृष्टिकोण की शुरुआत है। ये बिल्लियाँ अक्सर सांसदों के कार्यक्षेत्रों में देखी जाती थीं, जहाँ वे कभी वीआईपी बॉक्स में आराम करतीं तो कभी संसद के भव्य गलियारों में टहलती नज़र आती थीं। कई सांसदों ने भी इन बिल्लियों के प्रति गहरा लगाव दिखाया है, जिनमें इस्तांबुल से रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) की सांसद निमेत ओज़देमिर का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो उनके कल्याण के लिए सक्रिय रही हैं।
अंततः, यह नया परिसर तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है जहाँ आधुनिकता और करुणा का मेल देखने को मिलता है। अब ये बिल्लियाँ, जो संसद का एक अनौपचारिक हिस्सा बन चुकी हैं, एक ऐसे वातावरण में रहेंगी जहाँ उनकी हर ज़रूरत का वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से ध्यान रखा जाएगा। यह कदम न केवल पशु प्रेमियों के बीच सराहा जा रहा है, बल्कि यह सार्वजनिक संस्थानों के लिए पशु संरक्षण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मानक भी स्थापित करता है।
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स्रोतों
Hurriyet Daily News
Anadolu Agency
국제뉴스
Getty Images
Daily Sabah
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