अक्टूबर 2025 की शुरुआत में, कंचनजंगा की पूर्वी दीवार पर एक अप्रत्याशित और गंभीर मौसम की घटना ने सैकड़ों पर्वतारोहियों को फंसा दिया। चीन के राष्ट्रीय दिवस की छुट्टी के दौरान, तिब्बत के कर्मा घाटी में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे, जो कंचनजंगा की पूर्वी दीवार की ओर जाता है। 3 अक्टूबर को शुरू हुए असामान्य रूप से भारी हिमपात और गरज के साथ आए तूफानों ने इस क्षेत्र को जकड़ लिया, जिससे कई पर्वतारोही फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दलों के अथक प्रयासों से, लगभग 350 लोगों को सुरक्षित रूप से कुडांग बस्ती तक पहुँचाया गया। हालांकि, 200 से अधिक पर्वतारोही अभी भी फंसे हुए थे, लेकिन वे बचाव दल के संपर्क में थे और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा था। इस बचाव अभियान में स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए बर्फ को साफ किया और रास्ते बनाए।
बचाए गए पर्वतारोहियों में से एक, एरिक वेन ने बताया कि हर दिन बारिश और बर्फबारी हो रही थी, जिससे कंचनजंगा का कोई नज़ारा नहीं दिख रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी 18-सदस्यीय टीम के तीन सदस्य हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान खतरनाक रूप से कम होना) से पीड़ित थे, जो अत्यधिक ठंड और गीले मौसम का सीधा परिणाम था। एक अन्य यात्री, चेन गेशुआंग ने इस मौसम को अक्टूबर के लिए असामान्य बताया और कहा कि यह अचानक हुआ। आमतौर पर, अक्टूबर हिमालय में ट्रेकिंग के लिए एक स्थिर महीना माना जाता है, जिसमें साफ आसमान और हल्के तापमान की उम्मीद की जाती है। अक्टूबर में कंचनजंगा क्षेत्र में दिन का तापमान 10°C से 14°C (50°F से 57°F) के बीच और रात का तापमान -10°C (14°F) तक गिर सकता है। हालांकि, इस वर्ष की घटना ने इन अपेक्षाओं को धता बता दिया।
इस घटना ने हिमालय में मौसम की अप्रत्याशित प्रकृति और साहसिक पर्यटन से जुड़े जोखिमों को उजागर किया है। यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे प्रकृति अप्रत्याशित रूप से अपनी शक्ति दिखा सकती है, भले ही मौसम के पूर्वानुमान स्थिर हों। ऐसे वातावरण में, अनुभवी स्थानीय गाइडों पर भरोसा करना, मौसम की जानकारी से अपडेट रहना और अचानक होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना और उचित उपकरण साथ रखना किसी भी साहसिक यात्रा की सफलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि कैसे स्थानीय समुदाय की तत्परता और सहयोग गंभीर संकटों के समय में जीवन बचा सकते हैं। कंचनजंगा की पूर्वी दीवार पर हुई यह घटना पर्वतारोहियों और पर्यटकों के लिए एक गंभीर अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है कि प्रकृति के सामने हमेशा विनम्र रहना चाहिए और पूरी तैयारी के साथ ही ऐसे अभियानों पर निकलना चाहिए।



