ऑस्ट्रेलिया और वानुअतु के बीच A$500 मिलियन का ऐतिहासिक 'नकामल समझौता': आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना

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ऑस्ट्रेलिया और वानुअतु ने A$500 मिलियन (लगभग US$326.5 मिलियन) के एक महत्वपूर्ण 'नकामल समझौते' को अंतिम रूप दिया है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक दशक तक चलने वाली रणनीतिक साझेदारी को चिह्नित करता है। यह समझौता दिसंबर 2024 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद वानुअतु के पुनर्निर्माण और जलवायु लचीलापन प्रयासों में सहायता करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नपाट ने इस समझौते को 'जीत-जीत' बताया है, जिससे व्यापार लाभ, बेहतर सुरक्षा सहयोग और श्रम गतिशीलता में वृद्धि की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधान मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने साझा सुरक्षा वातावरण और आपसी प्रतिबद्धताओं पर जोर देते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के बीच एक 'साझा नियति' को दर्शाती है।

यह समझौता 17 दिसंबर 2024 को पोर्ट विला के पास आए 7.3 तीव्रता के भूकंप के बाद देश के पुनर्निर्माण की तत्काल आवश्यकता को भी संबोधित करता है। इस भूकंप से कम से कम 14 लोगों की जान गई और व्यापक तबाही हुई, जिसमें कई इमारतें और बुनियादी ढाँचे नष्ट हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने इस आपदा के बाद वानुअतु के पुनर्निर्माण और जलवायु लचीलापन के प्रयासों के लिए लगभग A$110 मिलियन का योगदान दिया है। यह 'नकामल समझौता', जिसका नाम वानुअतु के पारंपरिक बैठक स्थल के लिए बिसलामा शब्द 'नकामल' के नाम पर रखा गया है, दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करता है। इसमें आर्थिक और बुनियादी ढाँचे का विकास, जलवायु अनुकूलन और लचीलापन, सामाजिक विकास, शासन सहयोग और सांस्कृतिक समझ जैसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस साझेदारी को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि यह न केवल वर्तमान के लिए बल्कि भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह समझौता सितंबर 2025 में दोनों देशों की आंतरिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है। यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और जलवायु लचीलापन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे दोनों राष्ट्रों को आने वाले वर्षों में आपसी समृद्धि और सहयोग में वृद्धि की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख दाता के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है, जो चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। 2025-26 के बजट में, ऑस्ट्रेलिया ने प्रशांत द्वीप राष्ट्रों के लिए A$2.157 बिलियन आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि है, जो इस क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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स्रोतों

  • Reuters

  • ABC News

  • BBC News

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