
न्यू-यॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिश ने जेफरी एपस्टीन के साथ महिलाओं पर केंद्रित ईमेल संवाद की पुष्टि की
द्वारा संपादित: Svetlana Velgush

नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) की प्रमुख टीम 'न्यू-यॉर्क जायंट्स' के सह-मालिक स्टीव टिश ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने दिवंगत अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ महिलाओं से संबंधित विषयों पर ईमेल के माध्यम से संवाद किया था। यह महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जनवरी 2026 के अंत में जारी किए गए एपस्टीन मामले के एक विशाल दस्तावेज़ संग्रह के हिस्से के रूप में सामने आई है, जिसमें 30 लाख से अधिक पन्नों की फाइलें और व्यक्तिगत ईमेल शामिल हैं।
ये ईमेल संवाद मुख्य रूप से वर्ष 2013 के बताए जा रहे हैं, जो हाल ही में 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत सार्वजनिक किए गए सामग्रियों का हिस्सा हैं। इस कानून का मुख्य उद्देश्य एपस्टीन की अवैध गतिविधियों और उनके उच्च-स्तरीय संपर्कों के बारे में पूर्ण पारदर्शिता लाना है। टिश, जो हॉलीवुड के एक सफल फिल्म निर्माता भी हैं, ने स्पष्ट किया कि उनके बीच की बातचीत में फिल्मों, निवेश के अवसरों और परोपकारी कार्यों जैसे विषयों पर चर्चा होती थी, लेकिन उन्होंने एपस्टीन के अन्य विवादास्पद निमंत्रणों को सिरे से खारिज कर दिया था।
स्टीव टिश ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उन्होंने एपस्टीन के निजी द्वीप पर जाने या उनके किसी भी संदिग्ध कार्यक्रम में शामिल होने के निमंत्रण को कभी स्वीकार नहीं किया। न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रथम उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पुष्टि की है कि इस खुलासे में 30 लाख पन्नों के अलावा 2,000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 चित्र शामिल हैं। यह पूरी प्रक्रिया 2025 के अंत में लागू हुए पारदर्शिता कानून का परिणाम है, जिसने इस मामले की जांच को एक नए मोड़ पर खड़ा कर दिया है।
वर्ष 2013 के इन ईमेलों के विस्तृत विश्लेषण से टिश और एपस्टीन के बीच के संवाद की जटिल प्रकृति का पता चलता है। दस्तावेजों के अनुसार, टिश ने एपस्टीन द्वारा पेश की गई कुछ महिलाओं के बारे में विशिष्ट और सीधे प्रश्न पूछे थे। इनमें महिलाओं के पेशेवर दर्जे को लेकर सवाल शामिल थे, जैसे कि क्या वे "वर्किंग गर्ल" (working girl) हैं या फिर "प्रोफेशनल या सिविलियन" (professional or civilian)। ये सवाल उस समय के सामाजिक और नैतिक मानकों के दृष्टिकोण से अब गहन जांच और सार्वजनिक चर्चा के दायरे में हैं।
एक विशेष ईमेल संवाद में, टिश ने एक "यूक्रेनी लड़की" के बारे में अपनी रुचि व्यक्त की थी, जिसके साथ उन्होंने एपस्टीन के आवास पर एक बैठक के बाद दोपहर का भोजन किया था। टिश ने उसे एक "बहुत प्यारी लड़की" बताया था। इसके जवाब में, एपस्टीन ने उस महिला के शारीरिक गुणों के बारे में अभद्र टिप्पणी करते हुए उसे "10 नंबर की बॉडी" वाला बताया था और उसे एक विशेष "कैरेक्टर" करार दिया था। एपस्टीन ने टिश को यह भी सलाह दी थी कि उम्र के बड़े अंतर के कारण उन्हें इस मामले में "धीरे-धीरे आगे बढ़ना" चाहिए, क्योंकि टिश ने उस महिला के साथ अपनी मुलाकात के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।
स्टीव टिश, जिन्होंने 1971 में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी, ने अब एपस्टीन के साथ अपने पिछले संबंधों पर गहरा खेद व्यक्त किया है। उन्होंने एपस्टीन को एक "भयानक व्यक्ति" करार देते हुए कहा कि उनके साथ उनका जुड़ाव बहुत ही सीमित और संक्षिप्त था। 1991 से 'न्यू-यॉर्क जायंट्स' के सह-मालिक के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले टिश ने इस विवाद से अपनी छवि को बचाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है और स्पष्ट किया है कि वे एपस्टीन के कृत्यों से पूरी तरह अनजान थे।
टिश का परोपकारी इतिहास भी काफी प्रभावशाली रहा है, जिसमें 2012 में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी में 'स्टीव टिश स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर' के निर्माण के लिए दिया गया 13 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम दान शामिल है। इसके अलावा, मनोरंजन जगत में उनकी उपलब्धियां भी उल्लेखनीय हैं; उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म 'फॉरेस्ट गंप' के निर्माण के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीता है और जायंट्स टीम के साथ दो बार सुपर बाउल चैंपियनशिप का गौरव हासिल किया है। उनकी इन उपलब्धियों के बावजूद, एपस्टीन के साथ उनके नाम का जुड़ना उनके करियर के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय लेकर आया है।
दस्तावेजों का यह सार्वजनिक प्रकटीकरण 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के कारण संभव हुआ है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने 19 नवंबर 2025 को कानून के रूप में हस्ताक्षरित किया था। हालांकि इस कानून के तहत पूर्ण प्रकटीकरण की प्रारंभिक समय सीमा 19 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी, लेकिन प्रशासनिक और कानूनी कारणों से इसमें देरी हुई। न्याय विभाग अब धीरे-धीरे इन संवेदनशील सामग्रियों को जनता के सामने ला रहा है, जिससे कई प्रभावशाली हस्तियों और संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।
पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने न्याय विभाग द्वारा दस्तावेजों में की गई काट-छाँट (redactions) की प्रक्रिया पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि सूचनाओं को अत्यधिक छिपाने से अनजाने में उन लोगों को सुरक्षा मिल सकती है जिन्होंने एपस्टीन के अवैध नेटवर्क को चलाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद की थी। वकीलों ने मांग की है कि पारदर्शिता के नाम पर किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया नहीं जाना चाहिए और सभी तथ्य बिना किसी भेदभाव के सामने आने चाहिए।
दूसरी ओर, न्याय विभाग ने अपने बचाव में कहा है कि दस्तावेजों में किए गए बदलाव केवल पीड़ितों और उनके परिवारों की गोपनीयता की रक्षा करने और अदालती आदेशों का पालन करने के लिए हैं। विभाग का कहना है कि वे कानूनी प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं और किसी को बचाने का उनका कोई इरादा नहीं है। जैसे-जैसे इन 30 लाख पन्नों और हजारों वीडियो का विश्लेषण आगे बढ़ेगा, यह उम्मीद की जा रही है कि इस मामले से जुड़े कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे, जो समाज के उच्च वर्गों में व्याप्त अनैतिक संबंधों को उजागर करेंगे।
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स्रोतों
New York Post
ClutchPoints
CBS Sports
The Athletic
CBS News
The Guardian
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