ब्रैड पिट को मिली जीत: एंजेलिना जोली को शैतो मिरावल से जुड़े बिना संपादित दस्तावेज़ सौंपने का आदेश

द्वारा संपादित: Tatyana Hurynovich

लॉस एंजिल्स सुपीरियर कोर्ट की एक न्यायाधीश ने 17 दिसंबर 2025 को अभिनेता ब्रैड पिट की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसके तहत एंजेलिना जोली को शैतो मिरावल वाइनरी विवाद से संबंधित बिना संपादित संचार प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला पूर्व पति-पत्नी के बीच चल रहे लंबे कानूनी संघर्ष में एक महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक प्रगति को दर्शाता है। यह टकराव 2022 में शुरू हुआ था, जब पिट ने जोली द्वारा उनकी सहमति के बिना अपनी हिस्सेदारी बेचने के कदम को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था।

इस अदालती आदेश के अनुसार, जोली को फैसला सुनाए जाने की तारीख से 45 दिनों के भीतर, 14 फरवरी 2025 की विशेषाधिकार प्राप्त दस्तावेजों की सूची से हटाए गए 22 दस्तावेजों के पूर्ण संस्करण सौंपने होंगे। ब्रैड पिट के कानूनी दल का तर्क है कि ये ईमेल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उनका मानना है कि ये दस्तावेज़ जोली के इरादों की कथित बेईमानी को उजागर कर सकते हैं, खासकर जब उन्होंने अपनी हिस्सेदारी Stoli Group की वाइन शाखा, Tenute del Mondo B.V. को बेचने की कोशिश की थी।

मीडिया में 'रोज़ वॉर' के नाम से मशहूर इस विवाद का केंद्र पिट का यह दावा है कि जोली ने एक कथित समझौते का उल्लंघन किया। इस समझौते के तहत, दोनों में से कोई भी पक्ष दूसरे की सहमति के बिना अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकता था। दूसरी ओर, जोली इस तरह के किसी भी समझौते के अस्तित्व से इनकार करती हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए पिट पर उनके अलग होने के बाद 'बदले की भावना से युद्ध' छेड़ने का आरोप लगाया है।

जोली के वकीलों ने यह भी दलील दी थी कि पिट ने उनसे एक गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) पर हस्ताक्षर करने की शर्त पर ही उनकी हिस्सेदारी खरीदने से मना कर दिया था। यह NDA कथित तौर पर अभिनेता के कुछ कदाचारों को छिपाने के लिए बनाया गया था, जिसमें 2016 में एक निजी विमान पर हुई घटना का भी जिक्र है। यह मामला अब और अधिक जटिल होता जा रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को मजबूत करने के लिए सबूत जुटा रहे हैं।

जोली के प्रतिनिधियों ने तुरंत इस फैसले को चुनौती देने की मंशा व्यक्त की है। उन्होंने इस निर्णय को अपनी मुवक्किल के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन बताया है। वर्तमान कार्यवाही में, पिट जोली द्वारा 2021 में अपनी हिस्सेदारी बेचने से संबंधित नुकसान के रूप में 35 मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि शैतो मिरावल वाइनरी को पिट और जोली ने संयुक्त रूप से 2012 में खरीदा था, जो उनके साझा निवेश का प्रतीक थी।

पिट के 62वें जन्मदिन से कुछ समय पहले आया यह अदालती फैसला एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। पिट की टीम का मानना है कि ये संचार जोली के उस सार्वजनिक रुख को गलत साबित कर सकते हैं, जिसमें उन्होंने बिक्री समझौते को सुलझाने में एकमात्र बाधा NDA पर हस्ताक्षर न करने को बताया था। कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इन संदेशों की सामग्री आगामी अदालती चरणों में जोली की स्थिति पर गहरा असर डाल सकती है। यह मामला अब केवल संपत्ति विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह दोनों पक्षों के बीच विश्वास और पारदर्शिता के मुद्दों पर केंद्रित हो गया है, जिसका परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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स्रोतों

  • Firstpost

  • The News International

  • The Times of India

  • People.com

  • Mirror Online

  • iNews

  • Wine-Intelligence

  • The Economic Times

  • ELLE

  • InStyle

  • MAG THE WEEKLY

  • People.com

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