लिली कोलिन्स निभाएंगी ऑड्रे हेपबर्न की भूमिका: 'ब्रेकफास्ट एट टिफ़नीज़' के निर्माण की अनकही कहानी पर बनेगी फिल्म

द्वारा संपादित: An goldy

नेटफ्लिक्स की मशहूर सीरीज 'एमिली इन पेरिस' की स्टार लिली कोलिन्स अब बड़े पर्दे पर दिग्गज अभिनेत्री ऑड्रे हेपबर्न का किरदार निभाने के लिए तैयार हैं। यह आगामी फिल्म 1961 की कालजयी फिल्म 'ब्रेकफास्ट एट टिफ़नीज़' के निर्माण के पीछे की दिलचस्प कहानियों को उजागर करेगी। यह कोई रीमेक नहीं है, बल्कि सैम वासन की 2010 की गैर-काल्पनिक पुस्तक 'फिफ्थ एवेन्यू, 5 एएम: ऑड्रे हेपबर्न, ब्रेकफास्ट एट टिफ़नीज़ एंड द डॉन ऑफ द मॉडर्न वुमन' पर आधारित एक विस्तृत सिनेमाई सफर है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर पिछले लगभग एक दशक से काम चल रहा है, जो इस फिल्म के प्रति लिली कोलिन्स के व्यक्तिगत लगाव को दर्शाता है। कोलिन्स न केवल मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, बल्कि वह इस फिल्म की निर्माता की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। फिल्म की पटकथा लिखने का जिम्मा एप्पल टीवी+ की सीरीज 'डिकिंसन' की निर्माता एलेना स्मिथ को सौंपा गया है, जो ऐतिहासिक विषयों को गहराई से पेश करने के लिए जानी जाती हैं। यह फिल्म मूल फिल्म के निर्माण के दौरान हुए नाटकीय घटनाक्रमों और सेट पर होने वाले रचनात्मक मतभेदों को पर्दे पर लाएगी।

फिल्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा लेखक ट्रूमैन कैपोट और स्टूडियो के बीच के टकराव पर केंद्रित होगा। कैपोट चाहते थे कि हॉली गोलाइटली की भूमिका मर्लिन मुनरो निभाएं, क्योंकि उनका मानना था कि मुनरो इस चरित्र की जटिलता को बेहतर ढंग से पेश कर सकती थीं। पटकथा लेखक जॉर्ज एक्सलरोड ने विशेष रूप से मुनरो को ध्यान में रखकर कहानी में बदलाव भी किए थे। हालांकि, मुनरो ने अपने गुरु ली स्ट्रासबर्ग की सलाह पर इस भूमिका को ठुकरा दिया और 1961 की फिल्म 'द मिसफिट्स' को चुना। स्ट्रासबर्ग को डर था कि एक 'कॉल गर्ल' जैसी छवि वाला किरदार मुनरो के करियर को नुकसान पहुंचा सकता है।

यह फिल्म उस दौर को बारीकी से दिखाएगी जब हॉली गोलाइटली का मिथक और खुद ऑड्रे हेपबर्न का सांस्कृतिक कद आकार ले रहा था। कहानी में निर्देशक ब्लेक एडवर्ड्स और प्रसिद्ध कॉस्ट्यूम डिजाइनर एडिथ हेड जैसे वास्तविक किरदारों को भी शामिल किया जाएगा। वासन की किताब के माध्यम से, यह फिल्म पचास के दशक के अंत के अमेरिका को दिखाएगी, जहां आइजनहावर युग की पुरानी परंपराएं धीरे-धीरे कैनेडी युग की आधुनिकता और ग्लैमर के लिए रास्ता बना रही थीं।

1961 में रिलीज हुई मूल फिल्म ने महज 2.5 मिलियन डॉलर के बजट में वैश्विक स्तर पर 14 मिलियन डॉलर की शानदार कमाई की थी। इसकी शूटिंग न्यूयॉर्क की सड़कों और हॉलीवुड के पैरामाउंट स्टूडियो में की गई थी। लिली कोलिन्स, जिनकी शक्ल अक्सर ऑड्रे हेपबर्न से मिलती-जुलती बताई जाती है, इस भूमिका को अपने एक पुराने सपने के सच होने जैसा मानती हैं। हेपबर्न के प्रति उनका सम्मान केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह यूनिसेफ के राजदूत के रूप में ऑड्रे के मानवीय कार्यों की भी बड़ी प्रशंसक रही हैं।

फिलहाल इस फिल्म के निर्देशक के नाम की घोषणा नहीं की गई है। यह फिल्म इस बात का गहन विश्लेषण होगी कि कैसे हॉलीवुड ने स्त्रीत्व के एक ऐसे आदर्श को गढ़ा, जो आज भी दुनिया भर में कायम है। यह सिनेमाई प्रोजेक्ट न केवल एक फिल्म के निर्माण की कहानी है, बल्कि यह उस आभा और जादू के पीछे के संघर्ष को भी बयां करेगा जिसने ऑड्रे हेपबर्न को एक अमर आइकन बना दिया।

8 दृश्य

स्रोतों

  • The Star

  • The Guardian

  • The Playlist

  • ELLE

  • Dark Horizons

  • wcnc.com

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