सोमवार, 2 मार्च 2026 को वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान पर अपनी तीव्र प्रतिक्रिया दी। यह सैन्य कार्रवाई सप्ताहांत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि के बाद शुरू हुई थी। इस गंभीर भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, प्रमुख डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन ने एक प्रभावशाली 'V-आकार' की रिकवरी दर्ज की है। सप्ताहांत में तनाव के कारण आई शुरुआती गिरावट के बाद, यह संपत्ति फिर से $70,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर मजबूती से बढ़ रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों ने इस बढ़ते संकट के दौरान बिटकॉइन को मूल्य के एक सुरक्षित भंडार (store of value) के रूप में देखा है।
इस सैन्य अभियान को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" (Operation Epic Fury) का कोड नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत शनिवार, 28 फरवरी 2026 को हुई थी। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब ईरानी सरकारी मीडिया ने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर साझा की, जिन्होंने 4 जून 1989 से देश की कमान संभाली थी। सोमवार, 2 मार्च को बिटकॉइन का भाव लगभग $68,938 के आसपास देखा गया, जो पिछले 24 घंटों में 4.4% की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। कुछ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसकी कीमत ने कुछ समय के लिए $70,000 का आंकड़ा भी पार कर लिया। यह रिकवरी विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि सप्ताहांत में नेता की मृत्यु की खबरों के बाद यह संपत्ति $63,100 के निचले स्तर तक लुढ़क गई थी।
बाजार में मची इस अस्थिरता का असर केवल क्रिप्टोकरेंसी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि डब्ल्यूटीआई (WTI) कच्चे तेल के वायदा भाव में भी तेजी देखी गई, जो $70 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। यह उछाल वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों के डर को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि ईरानी मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने के उद्देश्य से "बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई" जारी रहेगी, जो बाजारों को प्रभावित करने वाली स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करती है। 28 फरवरी से शुरू हुए "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के तहत अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड सेंटरों, हवाई रक्षा प्रणालियों और मिसाइल लॉन्चिंग पैडों को निशाना बनाया है।
अन्य डिजिटल संपत्तियों में भी इसी तरह का सकारात्मक रुख देखा गया है। एथेरियम (Ethereum) 3.2% की बढ़त के साथ $2,032 के करीब पहुंच गया, जबकि सोलाना (Solana) में 3.5% की वृद्धि हुई और यह $87 पर कारोबार करता दिखा। इसके अलावा, एक्सआरपी (XRP) भी 1.3% बढ़कर $1.39 के स्तर पर पहुंच गया। शेयर बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला असर रहा; नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) में दोपहर तक 0.39% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार अब भू-राजनीतिक घटनाओं को बहुत तेजी से पचा रहे हैं, खासकर अगर इसकी तुलना अप्रैल 2024 के ईरान संकट से की जाए, जहां प्रतिक्रिया काफी कम थी।
21shares के मैक्रोइकॉनॉमिक्स विभाग के प्रमुख स्टीफन कोल्टमैन ने विश्लेषण करते हुए कहा कि निवेशक वर्तमान में दो मुख्य संभावनाओं को तौल रहे हैं: या तो ईरान के शेष नेतृत्व के साथ कोई समझौता होगा या फिर इस क्षेत्र में लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहेगी। बिटयूनिक्स (Bitunix) के विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर मुद्रास्फीति फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों को प्रभावित कर सकती है। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि युद्ध और सैन्य संघर्ष कच्चे माल की कीमतों को बढ़ाकर महंगाई का दबाव पैदा करते हैं, जिससे भविष्य की ब्याज दरों का सटीक अनुमान लगाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि 1 मार्च को की गई थी, जो 28 फरवरी 2026 को इजरायली मिसाइल हमलों का शिकार हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने 40 दिनों के शोक और सात दिनों की राष्ट्रीय छुट्टी की घोषणा की है। हालांकि कुछ बाजार विश्लेषक पुराने चार्ट पैटर्न के आधार पर बिटकॉइन के $40,000 से $45,000 तक गिरने की भविष्यवाणी कर रहे थे, लेकिन वर्तमान बाजार प्रतिक्रिया कुछ और ही संकेत दे रही है। बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) में लगातार हो रहे सकारात्मक शुद्ध प्रवाह से यह स्पष्ट होता है कि बड़े संस्थागत निवेशक इस तीव्र भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय में भी इस डिजिटल संपत्ति पर अपना भरोसा बनाए हुए हैं।



